Saturday, 23 January 2021

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ताइपे चीन ने एक बार फिर ताइवान के वायुक्षेत्र में अपने 8 एच-6के परमाणु बॉम्बर्स को उड़ाया है। जिसके बाद ऐक्शन में आए ताइवान ने भी अपनी मिसाइलों का मुंह चीन के बॉम्बर्स की तरफ कर दिया। तनाव बढ़ता देख चीन ने जहाज तुरंत ही ताइवान की वायुसीमा के बाहर भाग गए। बताया जा रहा है कि अमेरिकी राजनयिक की ताइवान यात्रा से चीन भड़का हुआ है। इस कारण दोनों देशों के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है। 8 परमाणु विमानों के घुसने से ताइवान अलर्ट ताइवानी रक्षा मंत्रालय ने कहा कि शनिवार को आठ एच-6के चीनी बमवर्षक विमानों और चार लड़ाकू विमानों ने ताइवान के वायु रक्षा पहचान क्षेत्र के दक्षिण-पश्चिमी कोने में प्रवेश किया। जिसके बाद ताइवान ने अपनी मिसाइलों को मॉनिटर करने के लिए तैनात किया। आठ परमाणु हमला करने में सक्षम एच-6के और चार जे-16 लड़ाकू विमानों की घुसपैठ को ताइवान ने भी असामान्य करार दिया है। ताइवान ने खदेड़े चीनी बमवर्षक विमान आम तौर पर चीन अक्सर टोही विमानों या एक या दो एच-6के विमानों को ही ताइवानी सीमा में भेजता है। ताइवान के रक्षा मंत्रालय द्वारा उपलब्ध कराए गए एक नक्शे से पता चला है कि वाई -8 पनडुब्बी रोधी विमान ने भी प्रतास द्वीप के पास ताइवानी एयरस्पेस में घुसने का प्रयास किया था। हालांकि, ये सभी विमान ताइवान के मुख्य भूभाग से काफी दूर से ही खदेड़ दिए गए। ताइवानी मिसाइलों का मुंह चीन की तरफ मंत्रालय ने कहा, ताइवान की वायु सेना ने चीनी विमानों को चेतावनी दी है और उनकी निगरानी के लिए मिसाइलों को तैनात किया है। घुसपैठ की जानकारी मिलते ही एयरबोर्न अलर्ट के स्तर को भी बढ़ा दिया गया। रेडियो चेतावनियां जारी की गईं और हवाई रक्षा मिसाइल सिस्टम को इस गतिविधि पर नजर रखने के लिए तैनात किया गया। हालांकि, चीन की ओर से तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की गई। सबसे ज्यादा चीन के इस विमान ने की घुसपैठ ताइवान के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, घुसपैठ करने वाले चीन के जहाजों में वाई-8 एंटी सबमरीन प्लेन सबसे ज्यादा बार शामिल रहा है। ये विमान समुद्र में सतह के ऊपर और पानी के नीचे की गतिविधियों को ट्रैक करने में माहिर हैं। हालांकि, अमेरिका के पास कई ऐसी पनडुब्बियां हैं जिनका पता चीन का कोई भी एंटी सबमरीन वारफेयर सिस्टम नहीं लगा सकता है। रविवार सुबह को भी चीन के एक विमान ने ताइवान में घुसपैठ की थी। खतरनाक है चीन का H-6K स्ट्रैटजिक बॉम्बर चीन का H-6K विमान बेहद खतरनाक है। यह विमान परमाणु हमला करने में भी सक्षम है। इसमें तेजी से उड़ने वाले ड्रोन से लेकर एंटी शिप मिसाइलों को ले जाने के लिए बनाया गया है। यह विमान क्रूज मिसाइलें भी दागने में सक्षम है। चीन ने इस बमवर्षक विमान का उन्‍नत संस्‍करण H-6N को भी विकसित किया है। H-6K सोवियत संघ के Tu-16 बमवर्षक विमान पर आधारित है। चीन ने अब अपने H-6N विमान के लिए हवा से दागे जाने में सक्षम हाइपरसोनिक मिसाइलें बना रहा है।


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