इस्लामाबाद पाकिस्तान के एक न्यूज चैनल को न्यायधीशों के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करना भारी पड़ गया है। पाकिस्तान की मीडिया निगरानी संस्था ने के लाइसेंस को 30 दिनों के लिए निलंबित कर दिया है। इतना ही नहीं, चैनल के ऊपर 10 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। चैनल पर आरोप है कि उसके एक एंकर ने कार्यक्रम के दौरान न्यायपालिका पर अपमानजनक टिप्पणी की थी और गंभीर आरोप लगाए थे। बोल न्यूज का लाइसेंस 30 दिनों के लिए रद्द एक बयान के अनुसार, पाकिस्तान इलेक्ट्रॉनिक मीडिया रेगुलेटरी अथॉरिटी‘ (पीईएमआरए) ने ‘बोल न्यूज’ के खिलाफ शुक्रवार को यह कार्रवाई की। पीईएमआरए ने ट्वीट किया कि पीईएमआरए ने 30 दिनों के लिए ‘बोल न्यूज’ का लाइसेंस रद्द कर दिया है और उस पर 10 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। पाकिस्तान इलेक्ट्रॉनिक मीडिया रेगुलेटरी ने जारी किया बयान पीईएमआरए ने कहा कि एंकर सामी इब्राहिम ने 13 जनवरी को लाहौर उच्च न्यायालय (एलएचसी) में न्यायाधीशों की नियुक्ति के विषय पर चर्चा के दौरान अदालत के मुख्य न्यायाधीश और अन्य न्यायाधीशों के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की थी।’’ पीईएमआरए ने कहा कि एंकर ने ‘‘संविधान के अनुच्छेद 68 […] और पीईएमआरए आचार संहिता, 2015 के अनुच्छेद 19 का उल्लंघन करते हुए, न्यायपालिका पर आक्षेप लगाए। चैनल ने नहीं मांगी थी माफी मीडिया निगरानी संस्था ने कहा कि कारण बताओ नोटिस जारी होने के बाद चैनल ने खेद व्यक्त नहीं किया, बल्कि उसने कहा कि इसे (नोटिस को) वापस लिया जाना चाहिए। अप्रैल 2019 में, एलएचसी ने इब्राहिम को उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की निंदा करने को लेकर नोटिस भेजा था। विज्ञान मंत्री फवाद चौधरी ने 2019 में एक शादी समारोह में इस एंकर को थप्पड़ मारा था। दरअसल, एक कार्यक्रम के दौरान एंकर ने उन पर प्रधानमंत्री के खिलाफ साजिश रचने का आरोप लगाया था।
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