Tuesday, 19 January 2021

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पेइचिंग चीन के तीसरे सबसे अमीर अरबपति और करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा स्रोत रहे अचानक से दुनिया के सामने प्रकट हो गए हैं। दुनिया में बढ़ते दबाव के बाद चीन के सरकारी अखबार ग्‍लोबल टाइम्‍स ने जैक मा एक वीडियो जारी किया है। ग्‍लोबल टाइम्‍स के मुताबिक जैक मा ने बुधवार को चीन के 100 ग्रामीण शिक्षकों के साथ वीडियो लिंक के जरिए संवाद किया है। जैक मा ने शिक्षकों से कहा, 'जब कोरोना वायरस खत्‍म हो जाएगा तो हम फिर मिलेंगे।' ग्‍लोबल टाइम्‍स ने जैक मा को इंग्लिश टीचर से उद्यमी बनने वाला बताया है। जैक मा के परिचय में अलीबाबा का जिक्र नहीं किया गया जिसकी स्‍थापना खुद उन्‍होंने की है। चीन में अफवाहों का बाजार गरम है कि जैक मा की कंपनी अलीबाबा का नियंत्रण चीन सरकार अपने हाथ मे ले सकती है। इससे पहले दुनियाभर में मशहूर चीन के सबसे अमीर लोगों में से एक जैक मा के गायब होने के बाद से कई तरह से सवाल खड़े हो गए थे। जैक मा ने देश के 'ब्‍याजखोर' वित्‍तीय नियामकों और सरकारी बैंकों की पिछले साल अक्‍टूबर में कड़ी आलोचना की थी। इस आलोचना के बाद से ही जैक मा के लिए लिए मुश्किलें खड़ी होने लगी थीं। पिछले दो महीने से वह गायब हैं जिससे शी जिनपिंग सरकार पर सवाल उठने लगे थे। जिनपिंग पर सवाल इसलिए उठ रहे थे क्योंकि जैक मा पहले ऐसे आलोचक नहीं हैं जिनसे ड्रैगन नाराज हो उठा है। मार्च में एक प्रॉपर्टी बिजनसमैन रेन झीकियांग भी इसी तरह गायब हो गए थे। उन्होंने कोरोना वायरस की महामारी से खराब तरह से निपटने के लिए राष्ट्रपति शी को 'जोकर' कह डाला था। गायब होने के 6 महीने बाद उन्हें 'अपनी मर्जी से और सच्चाई के साथ' भ्रष्टाचार के अलग-अलग अपराध कबूल करने पर 18 साल जेल की सजा दे दी गई। तीन साल के लिए नजरबंद किया गया साल 2017 में अरबपति फाइनैंसर शियान जियानहुआ को हॉन्ग-कॉन्ग के एक होटेल से निकालकर चीन लाया गया। बताया जाता है कि उनकी आधिकारिक जानकारी किसी को नहीं लेकिन उन्हें तीन साल से ज्यादा वक्त के लिए नजरबंद कर दिया गया था। सिर्फ बिजनसमैन नहीं, चीन की ऐसे लोगों के खिलाफ अभियान छेड़ने की आलोचना की जाती रही है जो उसकी सरकार के खिलाफ मुंह खोलते हैं। निशाने पर क्यों थे जैक मा? दुनियाभर में करोड़ों लोगों के आदर्श रहे जैक मा ने सरकार से आह्वान किया था कि ऐसे सिस्‍टम में बदलाव किया जाए जो 'बिजनस में नई चीजें शुरू करने के प्रयास को दबाने' का प्रयास करे। उन्‍होंने वैश्विक बैंकिंग नियमों को 'बुजुर्गों लोगों का क्‍लब' करार दिया था। इस भाषण के बाद चीन की सत्‍तारूढ़ कम्‍युनिस्‍ट पार्टी भड़क उठी। इसके बाद मा के बिजनस के खिलाफ असाधारण प्रतिबंध लगाया जाना शुरू कर दिया गया।


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