ऐम्सटर्डैम ताश के पत्तों की पहचान होते हैं बादशाह, रानी और गुलाम। हालांकि, इस क्रम में पुरुष को सबसे ऊपर रखकर दबे-छिपे तरीके से महिलाओं को कमतर करार दिया जाता है। यह कहना है 23 साल की फरेंसिक साइकॉलजी ग्रैजुएट इंडी मेलिंक का। इंडी को जब इसे लेकर उनके पिता ने प्रेरित किया तो उन्होंने ही बदल डाली। उन्होंने ऐसी गड्डी तैयार की है जिसमें बादशाह, रानी और गुलाम हैं नहीं। इस तरह उन्होंने बिना किसी को कम या ज्यादा दिखाए अपना पसंदीदा खेल खेलने का नया मौका दिया है। छोटी सी चीज का बड़ा असर इंडी ने एक इंटरव्यू में कहा, 'अगर हम यह क्रम मानते हैं कि राजा रानी से ज्यादा अहम है, तो यह न जानते हुए भी लोगों के जीवन में असर करता है क्योंकि इससे संदेश मिलता है कि कोई कम जरूरी है। ऐसी छोटी-छोटी चीजों का बड़ा असर हो सकता है।' उन्होंने बहुत कोशिश के बाद एक ऐसी गड्डी तैयार की है जिसमें राजा-रानी हैं ही नहीं। नई गड्डी की काफी मांग इनकी जगह सोने, चांदी और कांस्य का इस्तेमाल किया गया है। सोने की ईंटें, चांदी के सिक्के और कांस्य की शील्ड को इसमें सबसे ऊपर रखा गया है। उनके आसपास के लोगों ने ही 50 गड्डियां खरीद लीं और इसके बाद उन्होंने ऑनलाइन बेचना शुरू कर दिया। कुछ ही महीने में वह 1500 गड्डियां बेल्जियम, जर्मनी, फ्रांस और अमेरिका को बेच चुकी हैं। दुकानदारों ने भी इसमें दिलचस्पी दिखाई है।
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