रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सेहत को लेकर चल रही तमाम अफवाहों को खारिज करते हुए माइनस 17 डिग्री सेल्सियस तापमान में बर्फीले पानी के अंदर स्नान किया। इस स्नान के जरिए पुतिन ने एक धर्मनिष्ठ ईसाई के अनुष्ठान का पालन किया। इस दिन को इपिफनी कहा जाता है। जीवन के 68 बसंत देख चुके रूसी राष्ट्रपति पूरी तरह से फिट और स्वस्थ नजर आए। पुतिन ने हर साल आयोजित होने वाले इस धार्मिक अनुष्ठान में हिस्सा लिया जिसमें रूस के लाखों लोग शामिल होते हैं। यह फीस्ट डे भीषण ठंड में मनाया जाता है। आइए जानते हैं पूरा मामला.....Vladimir Putin Epiphany: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन इपिफनी के दिन माइनस 17 डिग्री तापमान में बर्फीले पानी में उतरे। इस दौरान पुतिन पूरी तरह से फिट नजर आए और उन्होंने डुबकी लगाई।

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सेहत को लेकर चल रही तमाम अफवाहों को खारिज करते हुए माइनस 17 डिग्री सेल्सियस तापमान में बर्फीले पानी के अंदर स्नान किया। इस स्नान के जरिए पुतिन ने एक धर्मनिष्ठ ईसाई के अनुष्ठान का पालन किया। इस दिन को इपिफनी कहा जाता है। जीवन के 68 बसंत देख चुके रूसी राष्ट्रपति पूरी तरह से फिट और स्वस्थ नजर आए। पुतिन ने हर साल आयोजित होने वाले इस धार्मिक अनुष्ठान में हिस्सा लिया जिसमें रूस के लाखों लोग शामिल होते हैं। यह फीस्ट डे भीषण ठंड में मनाया जाता है। आइए जानते हैं पूरा मामला.....
ईसा मसीह की याद में पुतिन ने बर्फीले पानी में लगाई डुबकी

रूस में हर साल एपिफनी के दिन निष्ठावान ईसाई नदी और झील में डुबकी लगाकर प्रभु ईसा मसीह को याद करते हैं। इपिफनी के अवसर पर लोग पारंपरिक रूप से आसपास नदी या तालाब में जाकर बर्फ से जमे पानी में डुबकी लगाते हैं। कहा जाता है कि इसी दिन ईसा मसीह ने जॉर्डन नदी में डुबकी लगाई थी। रूस में ऐसी मान्यता है कि इपिफनी की मध्य रात्रि पर सारा पानी पवित्र हो जाता है, जिससे इंसान के हर तरह के पाप धुल जाते हैं। इस कड़ाके की ठंड में रूस के आर्थोडॉक्स चर्च की ओर से पुण्य कर्म के लिए बर्फीले पानी में स्नान करने के कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। रूस में यह परंपरा 16वीं सदी से चली आ रही है। रूसी राष्ट्रपति के प्रवक्ता ने कहा, 'यह परंपरा है। वह परंपराओं को धोखा नहीं देते हैं।'
पुतिन ने सेहत को लेकर चल रही अफवाहों को किया खारिज

रूसी राष्ट्रपति के कार्यालय ने यह तस्वीरें ऐसे समय पर जारी की हैं जब पुतिन की सेहत को लेकर दुनियाभर में अफवाह चल रहे थे। कई लोग यह दावा कर रहे थे कि इस साल के आखिर तक रूसी राष्ट्रपति अपने पद से इस्तीफा दे देंगे और अपना एक उत्तराधिकारी नामित करेंगे। दावा किया जा रहा था कि पुतिन पार्किसंस बीमारी से जूझ रहे हैं। मास्को के राजनीति विज्ञानी वलेरी सोलोवेई ने ब्रिटिश अखबार द सन से कहा कि रूसी राष्ट्रपति की गर्लफ्रेंड और उनकी दो बेटियां पुतिन को इस्तीफा देने के लिए जोर डाल रही हैं। उन्होंने कहा, 'पुतिन का एक परिवार है और उसका रूसी राष्ट्रपति पर गहरा प्रभाव है। पुतिन जनवरी में सत्ता किसी और को सौंप सकते हैं।' उन्होंने कहा कि संभवत: राष्ट्रपति पार्किसंस से जूझ रहे हैं और हालिया तस्वीरों में उनकी इस बीमारी के लक्षण दिखाई दिए हैं। रूसी राष्ट्रपति के कार्यालय ने इन अफवाहों को खारिज कर दिया था।
बर्फीले पानी में नीला पैंट पहनकर पुतिन ने दिया संदेश

विश्लेषकों का कहना है कि नहाने का पैंट पहनकर रूसी राष्ट्रपति ने बेहद चालाकी से दुनिया को संदेश देने की कोशिश की है। एक विश्लेषक ने कहा कि पुतिन के इस पैंट का रंग नीला है जो उनके राजनीतिक विरोधी अलेक्सी नावलनी का भी रंग है। नावलनी को नोविचोक जहर देने का संदेह है और कथित रूप से इसके पीछे रूस के खुफिया दस्ते का हाथ है। इलाज कराकर लौटे नावेलनी इस समय रूस की हिरासत में हैं और अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस तथा यूरोपीय संघ ने उनके रिहाई की मांग की है। हालांकि रूस पर इस मांग का कोई असर होता नहीं दिख रहा है।
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