Friday, 15 January 2021

https://ift.tt/36CAGd7

मेलबर्न ऑस्ट्रेलिया में पिछले दिनों एक कबूतर चर्चा और विवाद का विषय बना रहा। माना जा रहा था कि यह कबूतर अमेरिका से ऑस्ट्रेलिया जा पहुंचा है। इसलिए उसे बायोसिक्यॉरिटी के लिए खतरा मानते हुए मार डालने का फैसला किया जा रहा था। हालांकि, अब अधिकारियों ने पाया किया है कि यह कबूतर स्थानीय ही है और इससे किसी तरह का कोई खतरा नहीं है। इसके साथ ही उसकी जान बख्श दी गई है। जो नाम का यह कबूतर उस वक्त बहुत चर्चित हुआ था जब मेलबर्न में 'अमेरिकी पहचान' का टैग पहने इसे देखा गया था। ऑस्ट्रेलिया के नियमों के मुताबिक इसे मारने का फैसला किया गया। हालांकि, बाद में इस टैग पर अधिकारियों को शक हुआ और पाया गया कि यह स्थानीय ही है। इससे बायोसिक्यॉरिटी का खतरा नहीं है। जांच में पाया गया कि उसके पैर पर लग टैग फर्जी था। इसके मुताबिक इस कबूतर का मालिक अमेरिका के अलाबामा का था। कई रिपोर्ट्स में ऐसा दावा किया गया था कि इससे पहले किसी भी कबूतर ने 13000 किलोमीटर की दूरी तय नहीं की थी। कबूतरपीडिया डॉट कॉम के अनुसार, किसी कबूतर द्वारा आजतक सबसे ज्यादा दूरी तय करने का रिकॉर्ड 1931 में बना था। जिसमें एक कबूतर फ्रांस के अर्रास से उड़कर वियतनाम के सॉइगान पहुंचा था। ऑस्ट्रेलिया के कृषि विभाग ने एक बयान जारी कर कहा था कि इस कबूतर को उनके देश में रहने की अनुमति नहीं है। इन लोगों को डर है कि इस एक कबूतर के कारण ऑस्ट्रेलिया की खाद्य सुरक्षा और पोल्ट्री उद्योंगों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। अधिकारियों ने तो यहां तक चेतावनी दी है कि इससे देश की जैव सुरक्षा तक को खतरा हो सकता है। ऑस्ट्रेलिया पहुंचते ही यह कबूतर यहां की मीडिया में छा गया। हर तरफ इस कबूतर के साहसिक यात्रा की कहानियां बनाए जानें लगीं हैं।


from World News in Hindi, दुनिया न्यूज़, International News Headlines in Hindi, दुनिया समाचार, दुनिया खबरें, विश्व समाचार | Navbharat Times https://ift.tt/3oRqAvm
via IFTTT

No comments:

Post a Comment

https://ift.tt/36CAGd7

रियाद सऊदी अरब के नेतृत्‍व में गठबंधन सेना ने यमन की राजधानी सना में हूती विद्रोहियों के एक शिविर को हवाई हमला करके तबाह कर दिया है। सऊदी...