जकार्ता इंडोनेशिया ने चीन के साथ बढ़ते तनाव के बीच रूसी लड़ाकू विमान सुखोई SU-35 को खरीदने से इनकार कर दिया है। इस देश ने अब अमेरिका के अत्याधुनिक लड़ाकू विमान , ट्रांसपोर्ट विमान सी-130जे सुरपर हरक्यूलिस, प्रिडेटर ड्रोन, फ्रांस से राफेल लड़ाकू विमान, इटली से अर्ली वॉर्निंग रडार को खरीदने की तैयारी शुरू कर दी है। पिछले साल दिसंबर में इंडोनेशिया ने फ्रांस से राफेल लड़ाकू विमानों के 36 यूनिट को खरीदने का समझौता किया था। इसकी पुष्टि खुद फ्रांसीसी रक्षा मंत्री फ्लोरेंस पार्ले ने की थी। कौन-कौन से हथियार खरीद रहा इंडोनेशिया एशिया टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, इंडोनेशिया के रक्षा मंत्री प्राबोओ सुबियांतो ने कहा कि फ्रांस के बने राफेल और अमेरिकी F-15EX जेट लड़ाकू विमानों को शामिल करने की तैयारी में जुटे हैं। अगले तीन साल में ये विमान हमें मिल जाएंगे, जिससे हमारी फ्रंट लाइन हवाई सुरक्षा मजबूत होगी। इसमें 36 राफेल लड़ाकू विमान, 8 बोइंग एफ- 15ईएक्स, तीन लॉकहीड मार्टिन सी -130 जे सुपर हरक्यूलिस परिवहन विमान, हवा में रिफ्यूलिंग के लिए तीन एयरबस A330 टैंकरों के साथ छह एमक्यू -1 प्रीडेटर ड्रोन खरीदने की तैयारी है। इसके अलावा इंडोनेशिया ने इटली से लियोनार्डो अर्ली वॉर्निंग रडार सिस्टम भी खरीद रहा है। इंडोनेशिया क्या खर्च कर पाएगा इतना पैसा? इंडोनेशिया अगर इन सभी हथियारों को खरीदता है को यह उसकी सबसे बड़ी रक्षा डील होगी। लेकिन, बड़ा सवाल यह है कि क्या इंडोनेशिया के पास 11 बिलियन डॉलर की राशि है जिसे वह इस डील के एवज में खर्च कर सकता है। दरअसल, विशेषज्ञों का मानना है कि इंडोनेशिया पहले से ही कर्ज में डूबा हुआ है। कोरोना वायरस के कारण इस देश की आर्थिक हालात और पतली हो गई है। ऐसे में सरकार बिना किसी बाहरी आक्रमण के खतरों के इतना पैसा रक्षा खरीद में कैसे खर्च कर सकती है। कितना है इंडोनेशिया का रक्षा बजट 2021 के लिए इंडोनेशिया का रक्षा बजट 9.2 बिलियन अमेरिकी डॉलर है। 2021 के खर्च में सैन्य आधुनिकीकरण के लिए 3 बिलियन डॉलर भी शामिल हैं। ऐसे में सरकार को कुल पैसा इन हथियारों पर ही खर्च करना पड़ेगा। राष्ट्रपति जोको विडोडो ने 2019 में रखा बजट को 20 बिलियन डॉलर करने का प्रस्ताव दिया था। उस समय इंडोनेशिया की जीडीपी 7 फीसदी की दर से बढ़ रही थी। लेकिन इस समय इंडोनेशिया की जीडीपी 5 फीसदी ही है और विदेशी निवेश लगभग ठप पड़ा हुआ है। इंडोनेशिया ने रूसी लड़ाकू विमानों को कहा ना इंडोनेशिया ने पहले 11 एसयू-35 और 16 ट्विन इंजन वाले Su-27 और Su-30 लड़ाकू विमान खरीदने की योजना बनाई थी। 1.1 बिलियन डॉलर की इस डील से इंडोनेशिया और रूस के बीच रक्षा संबंध और मजबूत होने वाले थे। लेकिन, अमेरिका ने काट्सा प्रतिबंधों का डर दिखाकर पूरा माहौल ही बदल दिया है। अमेरिका ने चेतावनी दी थी कि अगर इंडोनेशिया ने रूस से हथियार खरीदे तो उसे प्रतिबंधित किया जा सकता है।
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