ऐस्ट्रॉनॉमर्स ने महाविशाल ब्लैक होल (Supermassive Black Holes) का अब तक का सबसे डीटेल्ड मैप तैयार किया है। ब्रह्मांड में जितने ब्लैक होल ऐस्ट्रोनॉमर्स को पता हैं, उन सभी को इसमें शामिल किया गया है। मैप को देख कर पता चलता है कि जितना दुर्लभ SBH को समझा जाता है, दरअसल यह उससे कहीं ज्यादा संख्या में हैं। SBH ऐसे ब्लैक होल होते हैं जिनका द्रव्यमान (mass) सूरज के द्रव्यमान से 10 अरब गुना ज्यादा होता है। सामान्य ब्लैक होल का द्रव्यमान सूरज से 7 अरब गुना ज्यादा होता है।Supermassive Black Hole Map: ऐस्ट्रोनॉमर्स ने एक मैप तैयार किया है जिसमें महाविशाल ब्लैक होल देखे जा सकते हैं।

ऐस्ट्रॉनॉमर्स ने महाविशाल ब्लैक होल (Supermassive Black Holes) का अब तक का सबसे डीटेल्ड मैप तैयार किया है। ब्रह्मांड में जितने ब्लैक होल ऐस्ट्रोनॉमर्स को पता हैं, उन सभी को इसमें शामिल किया गया है। मैप को देख कर पता चलता है कि जितना दुर्लभ SBH को समझा जाता है, दरअसल यह उससे कहीं ज्यादा संख्या में हैं। SBH ऐसे ब्लैक होल होते हैं जिनका द्रव्यमान (mass) सूरज के द्रव्यमान से 10 अरब गुना ज्यादा होता है। सामान्य ब्लैक होल का द्रव्यमान सूरज से 7 अरब गुना ज्यादा होता है।
सिर्फ 4% आसमान का नजारा है यह

मरते हुए सितारों के फटने या न्यूट्रॉन सितारों की टक्कर से ये ब्लैक होल पैदा होते हैं और इनकी वजह से स्पेस-टाइम बदल जाता है। इनका गुरुत्वाकर्षण बल इतना ज्यादा होता है कि रोशनी तक इनसे बाहर नहीं आ सकती। ऐस्ट्रोनॉमर्स ने एक मैप तैयार किया है जिसमें काले बैकग्राउंड पर एक सफेद डॉट से एक SBH को दिखाया गया है। यह मैप ऐस्ट्रोनॉमी ऐंड ऐस्ट्रोफिजिक्स में छपा है। इसमें 25000 SBH दिख रहे हैं जबकि ब्रह्मांड में इससे कहीं ज्यादा SBH हैं। दरअसल, इस मैप को बनाने वाला डेटा उत्तरी गोलार्ध के आसमान के सिर्फ 4% हिस्से से लिया गया है।
कैसे बनाया मैप?

टीम ने 52 लो-फ्रीक्वेंसी टेलिस्कोप LOFAR की मदद से यह मैप तैयार किया है। ये टेलिस्कोप SBH के बेहद करीब जाने वाले मैटर से हो रहे रेडियो उत्सर्जन को डिटेक्ट करते हैं। मुख्य रिसर्चर फ्रांचेस्को डि गास्पेरीन ने बताया है कि बेहद मुश्किल डेटा पर कई साल की मेहनत के बाद यह नतीजा निकला है। रेडियो सिग्नल्स को आसमान में तस्वीर उकेरने के लिए नए तरीके इजाद किए गए। उत्तरी गोलार्ध के आसमान से 265 घंटों के डेटा को जोड़कर यह मैप बना है। धरती की ionosphere परत रेडियो तरंगों पर असर डालती है जिससे ऑब्जर्वेशन मुश्किल होता है।
कैसे बनते हैं SBH?

एक थिअरी के तहत माना जाता है कि बिग-बैंग के साथ ही ये SMBH पैदा हुए थे, जिस प्रक्रिया को Direct Collapse (डायरेक्ट कोलैप्स) कहा गया है। इसके मुताबिक तय न्यूनतम आकार के विशाल SMBH पैदा हुए जिनका mass हमारे सूरज से लाखों गुना ज्यादा था। दूसरी थिअरी के मुताबिक SMBH बिग-बैंग के काफी बाद ऐसे ब्लैकहोल से पैदा हुए जो किसी विशाल तारे के मरने से बना हो। इस केस में शुरुआत में SMBH सूरज से mass में कुछ हजार गुना ज्यादा होंगे और बाद में आसपास के सितारों और गैस के इनमें समाने से यह और विशाल होते चले गए।
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