Wednesday, 24 February 2021

https://ift.tt/36CAGd7

अमेरिकी वायुसेना अपने स्टील्थ फाइटर जेट एफ-35 से पीछा छुड़ाना चाहती है। खुद अमेरिकी एयरफोर्स के प्रमुख चार्ल्स ब्राउन जूनियर ने कहा कि हमें शीत युद्ध के जमाने के F-16 लड़ाकू विमान को बदलने के लिए एक सस्ते, हल्के फाइटर जेट की जरूरत है। यह जटिल तकनीकी वाले महंगे और गैर विश्वसनीय स्टील्थ लड़ाकू विमानों की जगह भी ले सकेंगे। उन्होंने कहा कि जो भी नए फाइटर जेट आएंगे वे लगभग पांचवी पीढ़ी के विमानों की तकनीकी से लैस होंगे। पिछले कई साल से दुनिया के अलग-अलग रक्षा विशेषज्ञ अमेरिका के F-35 और F-22 लड़ाकू विमान की विश्वसनीयता पर संदेह जता चुके हैं। अब अमेरिकी एयरफोर्स चीफ का यह दावा दुनिया के सबसे आधुनिक माने जाने वाले इस स्टील्थ फाइटर जेट की उपयोगिता पर सवाल खड़े कर रहा है।

अमेरिकी वायुसेना अपने स्टील्थ फाइटर जेट एफ-35 से पीछा छुड़ाना चाहती है। खुद अमेरिकी एयरफोर्स के प्रमुख चार्ल्स ब्राउन जूनियर ने कहा कि हमें शीत युद्ध के जमाने की F-16 लड़ाकू विमान को बदलने के लिए एक सस्ती, हल्के फाइटर जेट की जरूरत है।


क्या फेल हो गया अमेरिका का F-35 लड़ाकू विमान? क्यों पीछा छुड़ाना चाहती है US एयरफोर्स

अमेरिकी वायुसेना अपने स्टील्थ फाइटर जेट एफ-35 से पीछा छुड़ाना चाहती है। खुद अमेरिकी एयरफोर्स के प्रमुख चार्ल्स ब्राउन जूनियर ने कहा कि हमें शीत युद्ध के जमाने के F-16 लड़ाकू विमान को बदलने के लिए एक सस्ते, हल्के फाइटर जेट की जरूरत है। यह जटिल तकनीकी वाले महंगे और गैर विश्वसनीय स्टील्थ लड़ाकू विमानों की जगह भी ले सकेंगे। उन्होंने कहा कि जो भी नए फाइटर जेट आएंगे वे लगभग पांचवी पीढ़ी के विमानों की तकनीकी से लैस होंगे। पिछले कई साल से दुनिया के अलग-अलग रक्षा विशेषज्ञ अमेरिका के F-35 और F-22 लड़ाकू विमान की विश्वसनीयता पर संदेह जता चुके हैं। अब अमेरिकी एयरफोर्स चीफ का यह दावा दुनिया के सबसे आधुनिक माने जाने वाले इस स्टील्थ फाइटर जेट की उपयोगिता पर सवाल खड़े कर रहा है।



सस्ते और हल्के लड़ाकू विमान की जगह मिला महंगा F-35
सस्ते और हल्के लड़ाकू विमान की जगह मिला महंगा F-35

अमेरिकी एयरफोर्स ने अपने एफ-16 लड़ाकू विमानों के बेड़े को बदलने के लिए बहुत पहले से तैयारी शुरू कर दी थी। उस दौरान एक सस्ते और हल्के लड़ाकू विमान को बनाने पर काम किया जा रहा था। लेकिन, 20 सालों के रिसर्च और डेवलपमेंट के बाद हल्के लड़ाकू विमानों का स्थान एक भारी और जटिल तकनीकी वाले स्टील्थ फाइटर जेट ने ले लिया। इसका सबसे बड़ा फायदा अमेरिकी हथियार निर्माता कंपनी लॉकहीड मार्टिन को हुआ। उसने एयरफोर्स को अपनी अत्याधुनिक तकनीकी से लैस एफ-22 और एफ-35 लड़ाकू विमानों को अरबों डॉलर में अमेरिकी एयरफोर्स को बेंच दिया।



एक F-35 की कीमत लगभग 724 करोड़ रुपये
एक F-35 की कीमत लगभग 724 करोड़ रुपये

अमेरिकी एयरफोर्स का एफ-35 लड़ाकू विमान का वजन लगभग 25 टन के आसपास है। इस प्लेन को बनाने का कार्यक्रम अमेरिकी एयरफोर्स की पुराने पड़ते एफ-16 के सैकड़ों विमानों को रिप्लेस करने के लिए शुरू किया गया था। लेकिन, यह लड़ाकू विमान जो एयरफोर्स की समस्या का हल होना चाहिए था वह खुद ही एक समस्या बन गया। एयरफोर्स के अधिकारियों ने कहा कि अब अमेरिका को एफ-35 समस्या को हल करने के लिए एक नए लड़ाकू विमान की आवश्यकता है। इंजन सहित एक एफ-35 लड़ाकू विमान की कीमत करीब 100 मिलियन डॉलर है। भारतीय रुपये में यह कीमत करीब 724 करोड़ के आसपास आएगी। यह दाम केवल अमेरिकी वायुसेना के लिए है। अगर कोई दूसरा देश इसे खरीदने की कोशिश करता है तो इसमें लगे कई हॉइटेक उपकरणों को हटाने के बाद भी कीमत बढ़ जाएगी।



मेंटीनेंस इतना महंगा कि फरारी से होती है तुलना
मेंटीनेंस इतना महंगा कि फरारी से होती है तुलना

इतना महंगा होने के कारण एफ-35 लड़ाकू विमानों का मेंटिनेंस या रखरखाव भी काफी महंगा है। इसमें कई ऐसे हाईटेक उपकरण लगे हैं, जिन्हें एक निश्चित उड़ान के घंटों के बाद बदलने की जरूरत होती है। जिसके कारण एयरफोर्स का अधिकांश बजट इसके मेंटिनेंस में ही खर्च हो रहा है। वायु सेना के एक पूर्व प्रोग्राम मैनेजर और द सिंपलिसिटी साइकिल सहित लोकप्रिय बिजनेस बुक्स लिखने वाले डैन वार्ड ने कहा कि एफ- 35 कम लागत वाला हल्का लड़ाकू नहीं है। F-35 एक फेरारी है। आप अपनी दैनिक कामकाज के लिए अपनी फेरारी नहीं चलाते हैं, आप केवल रविवार को ही इसे चलाते हैं। यह हमारा हाई एंड फाइटर है, हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि हम कम-एंड-फाइट के लिए इसका इस्तेमाल न करें।



2001 के बाद से अमेरिका ने नहीं खरीदा एक भी नया F-16
2001 के बाद से अमेरिका ने नहीं खरीदा एक भी नया F-16

अमेरिकी वायुसेना के पास वर्तमान में करीब 1000 एफ-16 लड़ाकू विमान हैं। ये दुनियाभर में फैले अमेरिकी एयरफोर्स बेस से उड़ान भरकर हवा में रखवाली करते हैं। लेकिन, अमेरिका ने साल 2001 के बाद से लॉकहीड मार्टिन से कोई भी नया एफ-16 फाइटर जेट नहीं खरीदा है। इसका मतलब यह हुआ कि अमेरिकी वायुसेना में जितने भी एफ-16 लड़ाकू विमान हैं वो कम से कम 20 साल पुराने हो चुके हैं। जनवरी में अपना पद छोड़ने से पहले अपने अंतिम इंटरव्यू में अमेरिकी वायुसेना के लिए लड़ाकू विमानों को खरीदने वाले टीम के प्रमुख विल रॉपर ने नए एफ-16 लड़ाकू विमानों को खरीदने की बात कही। लेकिन, यूएस एयरफोर्स चीफ चार्ल्स ब्राउन जूनियर ने उनके इस सुझाव को खारिज करते हुए कहा कि हम अब और ज्यादा इस क्लासिक विमानों को नहीं ले सकते हैं।



F-16 को बदलने के लिए खरीदने होंगे 1800 F-35 विमान
F-16 को बदलने के लिए खरीदने होंगे 1800 F-35 विमान

ब्राउन ने कहा कि 17 टन के बिना स्टील्थ तकनीकी वाले एफ-16 को नए सॉफ्टवेयर के साथ अपग्रेड करना बहुत मुश्किल है। नए एफ-16 को खरीदने का आदेश देने के बजाए हमें एक नए लो-एंड फाइटर के लिए क्लीन-शीट डिज़ाइन शुरू करना चाहिए। जिसके बाद यह सवाल उठने लगे हैं कि अमेरिका का एफ-35 जैसा भारी भरकम बजट वाला प्लेन कहीं फेल तो नहीं हो गया। अमेरिकी वायुसेना को अकेले ही F-16 और A-10 को बदलने के लिए लगभग 1800 F-35 की जरूरत होगी। इतनी बड़ी संख्या में इस स्टील्थ फाइटर जेट को खरीदना न केवल बहुत महंगा पड़ेगा बल्कि, इसके रखरखाव के लिए अमेरिका के डिफेंस बजट को कई गुना इजाफा करना होगा। इसलिए अमेरिकी सेना इस विमान से अब पिंड छुड़ाना चाहती है।





from World News in Hindi, दुनिया न्यूज़, International News Headlines in Hindi, दुनिया समाचार, दुनिया खबरें, विश्व समाचार | Navbharat Times https://ift.tt/3khMkiw
via IFTTT

No comments:

Post a Comment

https://ift.tt/36CAGd7

रियाद सऊदी अरब के नेतृत्‍व में गठबंधन सेना ने यमन की राजधानी सना में हूती विद्रोहियों के एक शिविर को हवाई हमला करके तबाह कर दिया है। सऊदी...