Friday, 19 February 2021

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पेइचिंग चीन के 8 महीने बाद गलवान हिंसा का सच स्वीकार करने के बाद चीनी जनता से सोशल मीडिया पर जमकर खीज निकाली है। लोगों का कहना है कि हमने अपने सैनिकों की मौत को इतने दिनों तक छिपाकर क्यों रखा। चीनी सोशल मीडिया वीवो पर आज पूरे दिन गलवान हिंसा टॉप ट्रेंडिंग में शामिल रही। लोगों ने शी जिनपिंग सरकार से इस झड़प की सच्चाई और चार सैनिकों की मौत का कारण भी पूछ रहे हैं। चीन ने बताया- क्यों छिपाए रखी सच्चाई चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्‍ता हुआ चुनयिंग ने शुक्रवार को कहा, 'गलवान घाटी झड़प के बाद चीन ने तनाव को घटाने के लिए संयम बरता था। उसने इसलिए सैनिकों के नाम नहीं बताए ताकि दोनों ही सेनाओं के बीच संबंध खराब न हों। हुआ ने कहा कि उन्‍होंने चीनी सेना की ओर से जारी रिपोर्ट को कई बार पढ़ा और बहुत दुखी हैं। एक सैनिक चेन होंगजून की जब मौत हुई, उस समय वह पिता बनने वाले थे। वहीं शिआओ सियून ने अपनी गर्लफ्रेंड से शादी करने का सपना देखा था। उन्‍होंने चीन की संप्रभुता की रक्षा के लिए अपना बलिदान कर दिया।' वीडियो जारी कर दिखाई हिंसक झड़प ग्लोबल टाइम्स ने गलवान घाटी में भारत और चीन के बीच हुई झड़प का वीडियो भी जारी किया है। इस वीडियो में नदी के किनारे चीनी पोस्ट दिखाई दे रही है। जिसके बाद के सीन में भारतीय सेना के एक अधिकारी आक्रामक चीनी सैनिकों के साथ खड़े दिखाई देते हैं। इस घटना के तुरंत बाद सैकड़ों की संख्या में चीनी सैनिक लाठी-डंडों के साथ भारतीय सैनिकों को घेरते नजर आते हैं। इसके बाद के सीन में कई चीनी सैनिक घायल अवस्था में जमीन पर पड़े हुए दिखाई देते हैं। वीडियो के अंत में गलवान हिंसा में मारे गए चीनी सैनिकों की तस्वीरों को दिखाया गया है। 'झड़प में 4 सैन्य अधिकारियों और जवानों की मौत हुई' इससे पहले चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी ने शुक्रवार को पहली बार आधिकारिक तौर पर यह स्वीकार किया कि पिछले वर्ष पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में भारत की सेना के साथ हुई झड़प में उसके 4 सैन्य अधिकारियों और जवानों की मौत हुई थी। चीन की सेना के आधिकारिक अखबार ‘पीएलए डेली’ की शुक्रवार की खबर के मुताबिक, सेंट्रल मिलिट्री कमीशन ऑफ चाइना (सीएमसी) ने उन 4 सैन्य अधिकारियों और जवानों को याद किया और उन्हें विभिन्न उपाधियों से नवाजा जो काराकोरम पहाड़ियों पर तैनात थे और जून 2020 में गलवान घाटी में भारत के साथ सीमा पर संघर्ष में मारे गए थे। चीन ने बताए मारे गए पीएलए के सैनिकों के नाम चीन की सेना ने गलवान घाटी में भारतीय जवानों के हाथों मारे गए सैनिकों को श्रद्धांजलि दी और एक वीडियो भी जारी किया है। चीन ने मारे गए 4 सैनिकों के नाम भी बताए हैं। ये हैं-चेन होंगजून, चेन श‍िआंगरोंग, शियाओ सियुआन, वांग झुओरान। चीनी सेना ने कहा कि इन सैनिकों ने राष्‍ट्रीय संप्रभुता और अपनी जमीन की रक्षा करते हुए जान दे दी। मारे गए चीनी सैनिकों में एक बटैलियन कमांडर और तीन सैनिक थे। संघर्ष के दौरान चीनी सेना का रेजिमेंटल कमांडर गंभीर रूप से घायल हो गया था। भारतीय सेना पर लगाया उल्टा आरोप चीन के सेंट्रल मिल‍िट्री कमिशन ने कि फाबाओ को 'हीरो' के अवार्ड से सम्‍मानित किया है। चीन ने आरोप लगाया कि भारतीय सेना ने अवैध तरीके से गलवान घाटी में वास्‍तविक नियंत्रण रेखा को पार किया था। चीनी सेना ने आरोप लगाया कि भारतीय सेना स्‍टील की ट्यूब, लाठी और पत्‍थरों से पीएलए के सैनिकों पर हमला किया। चीनी सेना के अखबार पीएलए ने कहा, 'अप्रैल 2020 से विदेशी सेना (भारत) ने पहले हुए समझौतों का उल्‍लंघन किया...वे सीमा में घुस आए ताकि सड़कें और पुल बनाया जा सके।'


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