Thursday, 4 February 2021

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शिनजियांग चीन के शिनजियांग प्रांत में उइगर डिटेंशन कैंप के अंदर महिलाओं के साथ यौन शोषण की दिल दहलाने वाली कहानी सामने आई है। वहां से बचकर निकलीं एक महिला अपने ऊपर बीते अत्याचार का दर्द बयान करती हैं तो रोंगटे खड़े हो जाते हैं। वह बताती हैं कि सूट पहने आदमी महामारी से पहले भी मास्क पहनकर आते थे। आधी रात को वे जेल में आकर महिलाओं को चुनते थे और 'ब्लैक रूम' में ले जाते थे। यहां सर्विलांस कैमरे नहीं थे। कई बार ऐसा ही किया गया था। सामूहिक रेप और यातनाएं इस महिला ने कैंप में 9 महीने बिताए जहां 10 लाख लोगों को रखे जाने का आरोप चीन पर है। चीन इसे उइगरों और दूसरे अल्पसंख्यकों के लिए 'री-एजुकेशन कैंप' बताता है लेकिन मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि चीनी सरकार ने उइगरों की सभी आजादी छीन ली है। बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक कैंप से रहकर आए लोगों और एक गार्ड ने भी बताया है कि कैसे वहां सामूहिक रेप, यौन अत्याचार और यातनाएं की जाती थीं। रेप से लेकर इलेक्ट्रिक शॉक तक अब अमेरिका में रह रहीं पीड़िता बताती हैं कि हर रात जेल से महिलाएं निकाली जाती थीं और मास्क पहने चीनी आदमी उनका रेप करते थे। वह खुद भी तीन बार गैंगरेप का शिकार हुई हैं। उन्होंने बताया कि कई महिलाएं तो कभी वापस ही नहीं लौटीं। जो लौटती थीं वे किसी को बता भी नहीं पाती थीं कि उनके साथ क्या हुआ है। वह बताती हैं कि पहले महिलाओं को सेल के बाहर ले जाया जाता, तो उन्हें लगता था कि उन्हें टॉर्चर किया जा रहा है लेकिन कभी नहीं सोचा कि उनका रेप किया जाता है। उन्हें इलेक्ट्रिक शॉक भी दिया जाता था। गिरफ्तार कर 'बेच' दी जाती हैं महिलाएं बीबीसी के मुताबिक कजाकिस्तान की एक महिला भी 18 महीने इस कैंप में थीं जिन्हें उइगर महिलाओं के कपड़े उतारने के लिए मजबूर किया जाता था। इन महिलाओं को हथकड़ियां पहनाई जाती थीं और फिर चीनी आदमियों के साथ भेज दिया जाता था। उन्होंने बताया कि ये आदमी सबसे सुंदर महिला के लिए ज्यादा पैसे देते थे। उन्होंने बताया है कि महिलाओं को लंबे कपड़े और हिजाब पहनने पर गिरफ्तार किया जाता था। उनके सेल में प्रॉपगैंडा प्रोग्राम दिखाए जाते थे और बाल काट दिए जाते थे। जबरन कराया जाता है अबॉर्शन इससे पहले रिपोर्ट्स में बताया गया था कि चीन में अगर गर्भवती पाई जाती हैं तो उन्हें जबरदस्ती अबॉर्शन कराना पड़ता है। उन्हें और बच्चों की इजाजत नहीं होती। यहां तक कि अधिकारी महिलाओं के पीरियड्स पर भी नजर रखते हैं ताकि गर्भ का पता चल सके। ऐसा सिर्फ उइगर महिलाओं के साथ किया जाता था, चीनी महिलाओं के साथ नहीं। पहले देश में एक बच्चे की नीति थी लेकिन जब यह नीति खत्म हो गई उसके बाद भी उइगरों के खिलाफ अत्याचार जारी रहे।


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