Wednesday, 3 February 2021

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धरती के सबसे अमीर अरबपति एलन मस्‍क (Elon Musk) ने चेतावनी दी है कि अगर इंसान ने जल्‍द से जल्‍द पृथ्‍वी को नहीं छोड़ा और दूसरे ग्रहों की यात्रा शुरू नहीं की तो मानवता का खत्‍म होना निश्चित है। स्‍पेसएक्‍स कंपनी के मालिक मस्‍क (49) लंबे समय से यह मांग करते रहे हैं कि इंसानों को दूसरे ग्रहों पर भेजा जाना चाहिए ताकि मानवता के भविष्‍य को सुरक्षित रखा जा सके। अमेरिका के अपोलो यान के चंद्रमा पर लैंडिंग के 49 साल बीत चुके हैं और इंसान अभी तक किसी अन्‍य ग्रह या चंद्रमा पर फिर कभी नहीं गया है। मस्‍क की योजना है कि अगले 10 साल के अंदर पृथ्‍वी के सबसे नजदीकी ग्रह मंगल पर कदम रखा जाए और वहां पर इंसानों को बसाने का काम शुरू किया जाए। आइए जानते हैं कि एलन मस्‍क ने आगे और क्‍या-क्‍या कहा...

Elon Musk News Latest: SpaceX कंपनी के मुख‍िया और धरती के सबसे अमीर शख्‍स एलन मस्‍क (Elon Musk) ने चेतावनी दी है क‍ि अगर इंसान ने जल्‍द से जल्‍द एक ग्रह से दूसरे ग्रह पर जाना शुरू नहीं क‍िया तो मानवता खत्‍म हो जाएगी। उन्‍होंने कहा क‍ि हमें जल्‍द से जल्‍द मंगल ग्रह (Elon Musk Mars)पर बस्तियां बसाने का काम शुरू करना होगा।


Elon Musk: एलन मस्‍क ने दी चेतावनी, पृथ्‍वी को जल्‍द नहीं छोड़ा तो खत्‍म हो जाएगी मानवता

धरती के सबसे अमीर अरबपति एलन मस्‍क (Elon Musk) ने चेतावनी दी है कि अगर इंसान ने जल्‍द से जल्‍द पृथ्‍वी को नहीं छोड़ा और दूसरे ग्रहों की यात्रा शुरू नहीं की तो मानवता का खत्‍म होना निश्चित है। स्‍पेसएक्‍स कंपनी के मालिक मस्‍क (49) लंबे समय से यह मांग करते रहे हैं कि इंसानों को दूसरे ग्रहों पर भेजा जाना चाहिए ताकि मानवता के भविष्‍य को सुरक्षित रखा जा सके। अमेरिका के अपोलो यान के चंद्रमा पर लैंडिंग के 49 साल बीत चुके हैं और इंसान अभी तक किसी अन्‍य ग्रह या चंद्रमा पर फिर कभी नहीं गया है। मस्‍क की योजना है कि अगले 10 साल के अंदर पृथ्‍वी के सबसे नजदीकी ग्रह मंगल पर कदम रखा जाए और वहां पर इंसानों को बसाने का काम शुरू किया जाए। आइए जानते हैं कि एलन मस्‍क ने आगे और क्‍या-क्‍या कहा...



​'खुद से संचालित होने वाले शहर इंसान का भविष्‍य'
​'खुद से संचालित होने वाले शहर इंसान का भविष्‍य'

इंसान के सबसे करीब चंद्रमा और मंगल ग्रह ही हैं। शुक्र और बुध ग्रहों पर रहा नहीं जा सकता है। मंगल के अलावा बृहस्‍पति और शनि ग्रह हैं जहां वातावरण गैसों से भरा हुआ है। हालांकि उनके चंद्रमा पर जाया जा सकता है। अरबपति एलन मस्‍क की इच्‍छा केवल इन ग्रहों की यात्रा तक सीमित नहीं है। वह इंसानी बस्तियां बसाना चाहते हैं और यह सब वह मानवता को बचाने के नाम पर करने का दावा कर रहे हैं। एलन मस्‍क ने सोमवार को सोशल मीडिया ऐप क्‍लबहाउस पर अपनी कंपनी स्‍पेसएक्‍स, टेस्‍ला और मानवता के भविष्‍य को लेकर सवालों का जवाब दिया। मस्‍क ने लोगों को मंगल ग्रह पर खुद से ही खुद को चलाने वाले शहरों के महत्‍व के बारे में बताया। उन्‍होंने यह भी कहा कि इस तरह के शहर को बनाकर ही हम इंसानी 'चेतना' को लंबे समय बचा सकते हैं।



​इंसान के सामने आया आया 'यक्ष प्रश्‍न': एलन मस्‍क
​इंसान के सामने आया आया 'यक्ष प्रश्‍न': एलन मस्‍क

एलन मस्‍क ने कहा कि धीरे-धीरे हम इसका सामना कर रहे हैं कि क्‍या हम एक ऐसे जीव बनेंगे जो एक ग्रह से दूसरे ग्रह जा सकेगा या नहीं। उन्‍होंने कहा कि हम इससे आश्‍चर्य में आ जाएंगे कि ब्रह्मांड में कई ऐसी खत्‍म हो चुकी सभ्‍यताएं होंगी जो करोड़ों साल तक विकास करने के बाद आंतरिक या बाह्य कारणों से धीरे-धीरे खत्‍म हो गई होंगी। टेस्‍ला के संस्‍थापक ने कहा, 'सभी सभ्‍यताएं एक वृत्‍त से होकर गुजरती हैं जिसमें उनका विकास होता है, वे तकनीक की जटिलता में आगे बढ़ते हैं लेकिन आगे चलकर वे बढ़ना बंद कर देते हैं और उनका पतन शुरू हो जाता है। धीरे-धीरे वह सभ्‍यता खत्‍म हो जाती है। यह हो चुका है और अगर आप इतिहास के छात्र हैं तो जानते होंगे कि भूतकाल में कई सभ्‍यताएं खत्‍म हो गईं थीं।



​मस्‍क ने मिस्र के पिरामिड, रोमन साम्राज्‍य का द‍िया हवाला
​मस्‍क ने मिस्र के पिरामिड, रोमन साम्राज्‍य का द‍िया हवाला

धरती के सबसे अमीर इंसान मस्‍क ने कहा कि आप मिस्र को देख सकते हैं। करीब 5 हजार साल पहले वहां पर गीजा का एक महान पिरामिड था लेकिन बाद में वहां रह रहे लोग यह भूल गए कि पिरामिड का निर्माण कैसे करना है। इसके बाद वे यह भी भूल गए कि चित्रलिपि को कैसे पढ़ना है। मस्‍क ने कहा कि इसी तरह के पाठ को रोमन साम्राज्‍य, सुमेरियन सभ्‍यता और बेबीलोन की सभ्‍यता से भी सीखा जा सकता है। मस्‍क ने कहा, 'इसी बात की पूरी संभावना है कि हम एक वृत्‍त से होकर गुजरेंगे और ग्‍लोबलाइजेशन की वजह से हम वापसी के प्रति कम लचीले होंगे। उन्‍होंने कहा कि धरती को बाहरी खतरे भी हैं। हालांकि उन्‍होंने इसका ज्‍यादा विवरण नहीं दिया। बता दें कि आज से करीब 6 करोड़ 60 लाख साल पहले डायनासोर धरती पर घूमते थे लेकिन एक 10 किमी लंबे ऐस्‍टरॉइड के टकराने के बाद वे खत्‍म हो गए।



​पृथ्‍वी के इतिहास में अब तक 5 बार आ चुका है प्रलय
​पृथ्‍वी के इतिहास में अब तक 5 बार आ चुका है प्रलय

वैज्ञानिकों का मानना है कि पृथ्‍वी के इतिहास में 5 बार 'प्रलय' आ चुका है जिसमें सबकुछ तबाह हो गया। कुछ शोधों में कहा गया है कि पृथ्‍वी पर प्रलय अक्‍सर आता रहा है और यह एक चक्र का हिस्‍सा है। पृथ्‍वी पर मंडराने वाले इसी खतरे से निपटने के लिए अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा कई सुरक्षा योजनाएं बना रही है। यही नहीं मस्‍क अकेले ऐसे शख्‍स नहीं हैं जो यह सोचते हैं कि इंसान का भविष्‍य अंतरिक्ष में है। मस्‍क ने कहा, 'साढ़े चार अरब साल के पृथ्‍वी के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि पृथ्‍वी के बाहर भी जीवन जीने की संभावना है और एक ग्रह से दूसरे ग्रह पर जाकर रहा जा सकता है। हालांकि इस अवसर के लिए बहुत कम समय बचा है।'





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