Wednesday, 3 February 2021

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कोलंबो चीन के कर्ज तले दबे श्रीलंका ने कोलंबो पोर्ट पर बनने वाली ईस्ट कंटेनर टर्मिनल (ईसीटी) परियोजना से भारत को बाहर कर दिया है। बताया जा रहा है श्रीलंकाई सरकार ने देशभर के ट्रेड यूनियनों के कड़े विरोध के बाद यह फैसला किया है। साल 2019 में श्रीलंका सरकार ने भारत और जापान के साथ मिलकर इस पोर्ट पर कंटेनर टर्मिनल बनाने के लिए समझौता किया था। भारत के इस प्रोजक्ट को हंबनटोटा पोर्ट पर चीन की मौजूदगी की काट के रूप में देखा गया था। अब वेस्ट कंटेनर टर्मिनल विकसित करने का दिया प्रस्ताव चीन के कट्टर समर्थक कहे जाने वाले श्रीलंका के प्रधानमंत्री ने कैबिनेट की बैठक के बाद बताया कि अब ईस्ट कंटेनर टर्मिनल का संचालन श्रीलंका पोर्ट्स अथॉरिटी अपने दम पर करेगी। वहीं, इस बैठक में फैसला लिया गया है कि अब वेस्ट टर्मिनल को भारत और जापान के साथ एक पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के रूप में विकसित किया जाएगा। भारत ने दी कड़ी प्रतिक्रिया भारत ने श्रीलंका सरकार के इस फैसले के खिलाफ कड़ी प्रतिक्रिया दी है। भारत ने कहा कि मौजूदी त्रिपक्षीय समझौते को लेकर श्रीलंका को एकतरफा कोई फैसला नहीं लेना चाहिए। माना जा रहा है कि श्रीलंका यह सब चीन के दबाव में कर रहा है क्योंकि आर्थिक संकट में फंसे देश को चीन 50 करोड़ डॉलर का कर्ज दे रहा है। भारत ने फ्री में दिए थे कोरोना वैक्सीन के 5 लाख डोज भारत ने कुछ दिन पहलेे ही नेबरहुड फर्स्ट नीति के तहत श्रीलंका को कोविशील्ड वैक्सीन की 5 लाख डोज फ्री में दी थी। श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने भारत की उदारता के लिए पीएम मोदी और भारत का आभार भी जताया था। रिपोर्ट के मुताबिक, पहले टीके कोलंबो में सेना के अस्पताल में तीन सैनिकों को दिए गए। श्रीलंका में कोरोना वायरस के 61,000 से अधिक मामले हैं तथा अब तक 297 लोगों की मौत हो चुकी है। श्रमिकों के विरोध से झुकी श्रीलंकाई सरकार बता दें कि इस कंटेनर परियोजना को लेकर श्रीलंका के श्रमिक हड़ताल पर थे। देश के सबसे व्यस्ततम पोर्ट के कर्मियों के हड़ताल को लेकर प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे ने खुद दखल देकर हड़ताल खत्म करवाई थी। श्रमिकों की मांग थी कि ईस्ट कंटेनर टर्मिनल (ईसीटी) बनाने के लिए किसी विदेशी देश को मंजूरी न दी जाए। चीन को मात देने के लिए भारत-जापान बना रहे थे टर्मिनल पूर्ववर्ती सिरिसेना सरकार के कार्यकाल में ईस्ट कंटेनर टर्मिनल को विकसित करने के लिए भारत और जापान के साथ सहयोग ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए थे। इस परियोजना को भारत और जापान चीन की मदद से विकसित हुए कोलंबो इंटरनेशनल कंटेनर टर्मिनल (सीआईसीटी) के पास बनाने जा रहे थे। बता दें कि ईसीटी परियोजना को लेकर अभी औपचारिक समझौते पर हस्ताक्षर नहीं हुआ था।


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