Wednesday, 24 February 2021

https://ift.tt/36CAGd7

काठमांडू नेपाल के प्रधानमंत्री ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भी इस्तीफा देने से साफ इनकार कर दिया है। ओली के आधिकारिक प्रतिनिधि ने कहा कि वह संसद का सामना करने के बारे में सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर अमल करने जा रहे हैं। जिसके बाद से नेपाल में जारी सियासी संग्राम के और घमासान होने का अंदेशा गहराने लगा है। मंगलवार को नेपाली सुप्रीम कोर्ट ने ओली को झटका देते हुए संसद की भंग की गई प्रतिनिधि सभा को बहाल करने का आदेश दिया था। जिसके बाद से ओली के विपक्षी नेताओं ने इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। इस्तीफा नहीं देंगे पीएम ओली ओली के प्रेस सलाहकार सूर्या थापा ने कहा कि प्रधानमंत्री इस्तीफा नहीं देंगे, बल्कि उच्चतम न्यायाल के फैसले पर अमल करेंगे और उसके तहत दो सप्ताह में बुलाई जाने वाले संसद सत्र में हिस्सा लेंगे। थापा ने कहा कि उच्चतम न्यायालय का फैसला विवादास्पद है लेकिन फिर भी उसे स्वीकार कर लागू किया जाना चाहिए। इसका असर भविष्य में देखने को मिलेगा क्योंकि इस फैसले से राजनीति समस्याओं का कोई समाधान नहीं मिला है। ओली के करीबी ने कहा- कोर्ट के फैसले से अस्थिरता आएगी उन्होंने कहा कि शीर्ष अदालत के फैसले से अस्थिरता आएगी और सत्ता की लड़ाई का मार्ग प्रशस्त करेगा। हिमालयन टाइम्स ने थापा के हवाले से कहा कि प्रधानमंत्री फैसले पर तामिल करने के लिए प्रतिनिधि सभा का सामना करेंगे लेकिन इस्तीफा नहीं देंगे।’अदालत के फैसले के बाद प्रधानमंत्री पर बढ़ते दबाव के बीच थापा की यह प्रतिक्रिया आई है। कोर्ट के फैसले पर भड़के ओली के साथी सलाहकार वहीं, ओली के मुख्य सलाहकार बिष्णु रिमल ने कहा कि हम सभी को फैसला स्वीकार करना होगा। हालांकि यह मौजूदा राजनीतिक समस्या का कोई समाधान प्रदान नहीं करता। नेपाल के अधिकतर मीडिया घरानों ने उच्चतम न्यायालय के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इसने लोकतांत्रिक मूल्यों को बरकरार रखा है और संविधान की रक्षा की है। कोर्ट ने दिया 13 दिनों में संसद सत्र बुलाने का आदेश प्रधान न्यायधीश चोलेंद्र शमशेर जेबीआर की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने 275 सदस्यों वाले संसद के निचले सदन को भंग करने के सरकार के फैसले पर रोक लगाते हुए सरकार को अगले 13 दिनों के अंदर सदन का सत्र बुलाने का आदेश दिया। सत्ताधारी दल में खींचतान के बीच नेपाल उस समय सियासी संकट में घिर गया था जब प्रधानमंत्री ओली की अनुशंसा पर राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी ने 20 दिसम्बर को संसद की प्रतिनिधि सभा को भंग कर दिया था और 30 अप्रैल से 10 मई के बीच नए सिरे से चुनाव कराने की घोषणा की थी।


from World News in Hindi, दुनिया न्यूज़, International News Headlines in Hindi, दुनिया समाचार, दुनिया खबरें, विश्व समाचार | Navbharat Times https://ift.tt/3qRlws6
via IFTTT

No comments:

Post a Comment

https://ift.tt/36CAGd7

रियाद सऊदी अरब के नेतृत्‍व में गठबंधन सेना ने यमन की राजधानी सना में हूती विद्रोहियों के एक शिविर को हवाई हमला करके तबाह कर दिया है। सऊदी...