अमेरिकी वायुसेना के लिए बनाए जा रहे एफ-15ईएक्स लड़ाकू विमान ने आज पहली उड़ान भरी है। यह विमान इतना खतरनाक है कि हवा में दुश्मनों के कई फाइटर जेट्स को अकेले ही हरा सकता है। इतना ही नहीं, यह लड़ाकू विमान परमाणु हथियारों से लैस मिसाइलों को दागने में भी सक्षम है। अभी कुछ दिन पहले ही इस एफ-15ईएक्स को बनाने वाली कंपनी बोइंग ने भारत को भी ऑफर किया है। यह लड़ाकू विमान अगर भारतीय वायुसेना में शामिल होता है तो चीन और पाकिस्तान की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। बोइंग ने इस विमान के पहली उड़ान का वीडियो ट्वीट कर कहा है कि हम अमेरिकी वायुसेना को जल्द ही इसके दो बैच को सौंप देंगे।अमेरिकी वायुसेना के लिए बनाए जा रहे एफ-15ईएक्स लड़ाकू विमान ने आज पहली उड़ान भरी है। यह विमान इतना खतरनाक है कि हवा में दुश्मनों के कई फाइटर जेट्स को अकेले ही हरा सकता है। इतना ही नहीं, यह लड़ाकू विमान परमाणु हथियारों से लैस मिसाइलों को दागने में भी सक्षम है।

अमेरिकी वायुसेना के लिए बनाए जा रहे एफ-15ईएक्स लड़ाकू विमान ने आज पहली उड़ान भरी है। यह विमान इतना खतरनाक है कि हवा में दुश्मनों के कई फाइटर जेट्स को अकेले ही हरा सकता है। इतना ही नहीं, यह लड़ाकू विमान परमाणु हथियारों से लैस मिसाइलों को दागने में भी सक्षम है। अभी कुछ दिन पहले ही इस एफ-15ईएक्स को बनाने वाली कंपनी बोइंग ने भारत को भी ऑफर किया है। यह लड़ाकू विमान अगर भारतीय वायुसेना में शामिल होता है तो चीन और पाकिस्तान की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। बोइंग ने इस विमान के पहली उड़ान का वीडियो ट्वीट कर कहा है कि हम अमेरिकी वायुसेना को जल्द ही इसके दो बैच को सौंप देंगे।
90 मिनट तक हवा में रहा F-15EX लड़ाकू विमान

रिपोर्ट के अनुसार, एफ-15ईएक्स विमान ने 2 फरवरी को मिसौरी के सेंट लुइस में लैंबर्ट इंटरनेशनल एयरपोर्ट को उड़ान भरी थी। पहले इस विमान को 1 फरवरी को उड़ान भरने के लिए तैयार किया गया था, लेकिन खराब मौसम के कारण पूरी योजना को एक दिन के लिए टाल दिया गया। बोइंग ने बताया कि अपनी पहली उड़ान के दौरान एफ-15ईएक्स लगभग 90 मिनट हवा में रहा। इतना ही नहीं, इस विमान ने उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन भी किया। इस विमान का सीरियल नंबर 20-0001 है।
76 एफ-15ईएक्स को खरीदेगा अमेरिका

अमेरिकी वायुसेना के 13 जुलाई, 2020 को को घोषित किए गए 23 बिलियन डॉलर के इस डील के पहले चरण में बोइंग 8 विमानों को बनाकर सौंपेगा। इन 8 विमानों की कीमत 1.2 बिलियन डॉलर के आसपास आंकी गई है। अमेरिकी वायुसेना ने बाकी के बचे अतिरिक्त 12 एफ15ईएक्स विमानों को खरीदने के लिए पैसे की मांग की है। अमेरिकी वायुसेना अगले पांच साल में कुल 76 एफ-15ईएक्स विमान को खरीदने की योजना पर काम कर रही है।
Get an EX-cellent view of the #F15EX as it takes to the skies during its first flight. We'll be delivering the firs… https://t.co/KA9KapPnhk
— Boeing Defense (@BoeingDefense) 1612301059000
किसी भी लड़ाकू विमान को मात दे सकता है एफ-15ईएक्स
एफ-15ईएक्स लड़ाकू विमान अमेरिका के एफ-15ई स्ट्राइक ईगल (F-15E Strike Eagle) का अपडेटेड वर्जन है। जिसे बोइंग डिफेंस स्पेस एंड सिक्योरिटी ने एयरोस्पेस कंपनी मैक्डॉनल डगलस के साथ मिलकर आज से 34 साल पहले 11 दिसंबर 1986 को तैयार किया था। लगभग दो साल बाद एफ-15ई का पहला विमान 30 सितंबर 1989 को अमेरिकी वायुसेना में कमीशन किया गया था। हवा से हवा में मार करने के मामले में इस फाइटर एयरक्राफ्ट का कोई तोड़ नहीं है। इसकी एयरोडायनेमिक बनावट के कारण इसे मल्टीरोल एयरक्राफ्ट की श्रेणी में बेहतरीन माना जाता है।
एफ-15 के अलग-अलग वैरियंट इन देशों की वायुसेना में हैं शामिल

एफ-15 के अलग-अलग वैरियंट कई देशों की वायुसेना में शामिल हैं। अमेरिकी वायुसेना में तो 210 की संख्या में एफ-15ईएस लड़ाकू विमान तैनात हैं। जनवरी 2014 से इजरायली वायुसेना में 25 एफ-15आई लड़ाकू विमान शामिल हैं। इसके अलावा दक्षिण कोरिया की वायुसेना में 2019 से एफ-15के के 59 एयरक्राफ्ट भी तैनात हैं। कतर की वायुसेना ने भी 36 एफ-16क्यू का ऑर्डर दिया हुआ है। सऊदी अरब की वायुसेना में भी 2014 से 70 की संख्या में एफ-15एस ईगल एयरक्राफ्ट तैनात हैं, जबकि 84 एफ-15एसए का ऑर्डर पेंडिंग है। सिंगापुर की वायुसेना में भी 70 एफ-15एसजी लड़ाकू विमान शामिल हैं।
दुश्मन के 100 विमानों को शिकार बना चुका है एफ-15

बोइंग का दावा है कि एफ-15 लड़ाकू विमान कई युद्धों में अबतक दुश्मनों के 100 से ज्यादा एयरक्राफ्ट को निशाना बना चुका है। जबकि, युद्ध के दौरान अब तक कोई भी एफ-15 दुश्मन की वायुसेना का शिकार नहीं बन सका है। अमेरिकी एयरफोर्स का दावा है कि एफ-15ईएक्स लड़ाकू विमान अपने पुराने वर्जन से हर मायने में अलग है। F-15EX में नए फ्लाई-बाय-वायर फ्लाइट कंट्रोल, एक नया इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली और उन्नत कॉकपिट सिस्टम के कारण यह दुश्मन के एयरक्राफ्ट पर भारी पड़ता है।
राफेल और सुखोई से कितना अलग है एफ-15ईएक्स

भार और बनावट के संदर्भ में एफ-15ईएक्स राफेल से काफी बड़ा है। F-15EX का अधिकतम भार लगभग 36 टन है, जो कि Su-30MKI के लगभग बराबर है। सुखोई एसयू-30एमकेआई लड़ाकू विमान भारतीय वायुसेना का रीढ़ माना जाता है। बोइंग का दावा है कि F-15EX 13 टन से अधिक वजन के हथियार और ईंधन लेकर उड़ान भर सकता है, जबकि राफेल की क्षमता 9.5 टन की है। बोइंग का यह भी दावा है कि एक एफ-15 ईएक्स 22 एयर-टू-एयर मिसाइलों को ले जा सकता है, जो अबतक बनाए गए किसी भी लड़ाकू विमान मे सर्वाधिक है।
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