वॉशिंगटन भारत और अमेरिका 8 साल बाद आंतरिक सुरक्षा डॉयलाग को फिर से शुरू करने पर राजी हो गए हैं। इस डॉयलाग के दौरान दोनों देश साइबर सिक्योरिटी, बढ़ते आतंकवाद और उग्रवाद सहित कई आतंरिक मुद्दों पर चर्चा करेंगे। दोनों देश एक दूसरे के सहयोग से आतंरिक सुरक्षा को लेकर व्यापक हल निकालने की भी कोशिश करेंगे। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल के दौरान शुरू हुए इस डॉयलॉग को डोनाल्ड ट्रंप ने बंद करवा दिया था। भारतीय राजदूत से मिले थे अमेरिकी आंतरिक सुरक्षा मंत्री अमेरिका ने यह ऐलान तब किया है जब एक दिन पहले अमेरिका के आंतरिक सुरक्षा मंत्री अलेजांद्रो मयोरकस ने अमेरिका में भारत के राजदूत तरनजीत सिंह संधू से बात की थी। इस दौरान अलेजांद्रो ने भारत तथा उनके विभाग के बीच साझेदारी को और मजबूत करने की इच्छा जताई थी। मंत्रालय ने बयान जारी कर किया खुलासा मंगलवार को जारी बैठक के ब्यौरे के अनुसार, मयोरकस और संधू अमेरिका-भारत आंतरिक सुरक्षा संवाद को दोबारा शुरू करने और साइबर सुरक्षा, उभरती प्रौद्योगिकी जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा करने तथा हिंसक चरमपंथ पर काबू पाने के लिए बात करने पर राजी हो गए। मंत्रालय के लिए किसी विदेशी राजदूत के साथ मंत्री की बैठक का ब्यौरा जारी करना आम बात नहीं है। भारत के साथ संबंध बढ़ाना चाहते हैं बाइडन ब्यौरे के अनुसार, बातचीत में दोनों नेताओं ने बाइडन प्रशासन में हो रही क्वाड समेत सकारात्मक भागीदारी पर जोर दिया। मयोरकस और संधू ने छात्रों और उद्यमियों के अहम योगदान को भी स्वीकार किया जिसने दोनों देशों को मजबूत बनाया। 2011 में शुरू हुआ था यह डॉयलाग यह संवाद सबसे पहले मई 2011 में ओबामा प्रशासन में शुरु हुआ। इसके बाद आंतरिक सुरक्षा मंत्री जेनेट नैपोलितानो अपने तत्कालीन भारतीय समकक्ष पी. चिदंबरम से बात करने के लिए भारत गई थीं। दूसरा भारत-अमेरिका आंतरिक सुरक्षा संवाद 2013 में वाशिंगटन डीसी में हुआ था।
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