पेइचिंग दक्षिणी पश्चिमी चीन में पुरातत्वविदों को एक अज्ञात सभ्यता का अनमोल खजाना हाथ लगा है। इस खजाने से यह पता चलता है कि यह कभी अज्ञात सभ्यता का घर रहा होगा। पुरातत्वविद अगर इस अज्ञात सभ्यता के बारे में पता लगाने में सक्षम होते हैं तो चीन के इतिहास को फिर से लिखना पड़ सकता है। इस खजाने से एक सोने का मुकुट भी मिला है जो माना जाता है कि उस समय के पुजारी पहनते थे। इस अनमोल खजाने को सिचुआन प्रांत के गुआनघान में स्थित शानक्सीगदुई पुरास्थल से निकाला गया है। इस खजाने को देखकर लगा रहा है कि यह बेहद विकसित सभ्यता थी जो करीब हजारों साल तक चली। हालांकि सरकारी शोधकर्ताओं और अधिकारियों का कहना है कि अभी तक इस सभ्यता के बारे में चीन के इतिहास में कोई जिक्र नहीं है। इस पुरास्थल की खुदाई वर्ष 2019 में शुरू हुई थी और अब तक सोने, कांसे, जेड और हाथी दांत से बनी 500 कलाकृतियां निकाली जा चुकी हैं। खजाने में चिड़िया के आकार का सोने का आभूषण भी मिला विशेषज्ञों का कहना है कि यह सभी कलाकृतियां करीब 3 हजार साल पुरानी हैं। इसी खजाने में सोने का मास्क भी शामिल है जो उस समय पुजारी पहनते थे। यह खजाना 3.5 से लेकर 19 वर्गमीटर इलाके में मिला है। इस खोज से प्राचीन शू सभ्यता के बारे में कई महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। इसमें स्वर्ग जाने के लिए किए जाने वाला त्याग, पृथ्वी और उनके पूर्वजों के बारे में जानकारी दी गई है। एक शोधकर्ता ने बताया कि इस खोज से शू सभ्यता की खासियत पता चलती है। इस खजाने में जो अन्य चीजें मिली हैं, उनमें चिड़िया के आकार का सोने का आभूषण, सोने की परत, कांसे का बना मास्क, कांसे का बना पवित्र पेड़, हाथी दांत से बने आभूषण शामिल हैं। चीनी वैज्ञानिकों ने अत्याधुनिक तकनीक की मदद से यह खजाना निकाला है। इस शानक्सीगदुई पुरास्थल को 21वीं सदी सबसे महत्वपूर्ण पुरातात्विक खोज माना जा रहा है। इससे पहले वर्ष 1920 में इतनी बड़ी खोज हुई थी।
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