स्वेज नहर में फंसे विशालकाय कंटेनर शिप एवर गिवेन के निकलने के आसार दूर-दूर तक नहीं दिखाई दे रहे हैं। एवर गिवेन के रास्ता जाम करने से समुद्र में दोनों ही ओर लंबा जाम लग गया है। सैकड़ों की संख्या में जहाज और तेल टैंकर फंसे हुए हैं। इस बीच खबर मिली है कि एवर गिवेन जहाज को 25 भारतीय चला रहे हैं। तेज हवाओं के कारण के घूम गया और फंस गया है। सभी भारतीय चालक पूरी तरह से सुरक्षित बताए गए हैं। 193.3 किलोमीटर लंबी स्वेज नहर भूमध्य सागर को लाल सागर से जोड़ती है। इसी रास्ते से दुनिया के करीब 30 फीसदी शिपिंग कंटेनर गुजरते हैं। पूरी दुनिया के 12 फीसदी सामानों की ढुलाई भी इसी नहर के जरिए होती है। आइए जानते हैं कि कौन हैं ये भारतीय चालक और दुनिया पर क्या हो रहा इस जाम का असर...Suez Canal Traffic Jam: चीन से माल लेकर नीदरलैंड जा रहे विशालयकाय कंटेनर शिप एवर गिवेन के स्वेज नहर से निकलने के दूर-दूर तक आसार नहीं दिखाई दे रहे हैं। इस जहाज को भारतीय चालक दल चला रहा है जो सुरक्षित बताया जा रहा है।

स्वेज नहर में फंसे विशालकाय कंटेनर शिप एवर गिवेन के निकलने के आसार दूर-दूर तक नहीं दिखाई दे रहे हैं। एवर गिवेन के रास्ता जाम करने से समुद्र में दोनों ही ओर लंबा जाम लग गया है। सैकड़ों की संख्या में जहाज और तेल टैंकर फंसे हुए हैं। इस बीच खबर मिली है कि एवर गिवेन जहाज को 25 भारतीय चला रहे हैं। तेज हवाओं के कारण के घूम गया और फंस गया है। सभी भारतीय चालक पूरी तरह से सुरक्षित बताए गए हैं। 193.3 किलोमीटर लंबी स्वेज नहर भूमध्य सागर को लाल सागर से जोड़ती है। इसी रास्ते से दुनिया के करीब 30 फीसदी शिपिंग कंटेनर गुजरते हैं। पूरी दुनिया के 12 फीसदी सामानों की ढुलाई भी इसी नहर के जरिए होती है। आइए जानते हैं कि कौन हैं ये भारतीय चालक और दुनिया पर क्या हो रहा इस जाम का असर...
कंटेनर शिप को चला रहा है भारतीय चालक दल

इस जहाज के मालिक जापान के रहने वाले शेइई किसेन कैशा हैं। उन्होंने कहा कि इस जहाज को चलाने वाला चालक दल भारत से आया है। उन्होंने कहा कि चालक दल के सभी सदस्य सुरक्षित हैं। इस जहाज पर मिस्र के दो विशेषज्ञ चालक भी पहुंचे हैं जो फंसे हुए जहाज को निकालने में मदद कर रहे हैं। एवर गिवेन जहाज एशिया और यूरोप के बीच में माल की ढुलाई करता है। मंगलवार को यह जहाज स्वेज नहर के संकरे रास्ते में फंस गया था। स्वेज नहर में फंसे जहाज को निकालने के लिए युद्धस्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए क्रेन और खुदाई का सहारा लिया जा रहा है। जापानी मालिक ने एक लिखित बयान जारी करके पूरी घटना के लिए माफी मांगी है। उन्होंने कहा कि हम स्थिति को जल्द से जल्द ठीक करने के लिए लगातार काम कर रहे हैं। हम इस घटना से प्रभावित हुए सभी लोगों से माफी मांगते हैं। कोरोना संकट के बीच इस जाम से वैश्विक व्यापार को एक और बड़ा झटका लगा है। इसे पिछले कुछ सालों में सबसे भीषण जाम बताया जा रहा है।
स्वेज नहर में फंसे हैं दुनिया के 206 जहाज, लगा जाम

स्वेज नहर में एवर गिवेन जहाज के फंसने से कम से कम 206 जहाज फंस गए हैं। इनमें 16 तेल टैंकर शामिल हैं जिसमें से ज्यादातर चीन और भारत जा रहे थे। एवर गिवेन की गिनती दुनिया के सबसे बड़े कंटेनर शिप में होती है। यह जहाज इस तरह से स्वेज नहर के रास्ते को रोक रखा है जैसे विशाल व्हेल मछली समुद्री तट पर आ गई हो। विशेषज्ञों का कहना है कि यह जहाज इस तरह से फंस गया है कि इसे निकालने में कई सप्ताह का समय लग सकता है। इस नहर का संचालन कर रहे अधिकारियों ने इसमें प्रवेश पर पाबंदी लगा दी है। करीब 400 मीटर लंबे इस दैत्याकार जहाज ने स्वेज नहर के दोनों तरफ के रास्तों को ब्लॉक कर दिया है। स्वेज नहर प्राधिकरण ने कहा है कि आठ 8 जहाज इसे निकालने में लगे हुए हैं। इस जहाज को निकालने में लगी नीदरलैंड की कंपनी बोस्कालिस के सीईओ पीटर बेरडोवक्सी ने कहा कि हम कह नहीं सकते हैं कि कितना समय लगेगा। इसमें कई हफ्ते लग सकते हैं। इस बीच भारत ने कहा है कि इस जाम से तेल की सप्लाइ में कोई बाधा नहीं आएगी।
अब अफ्रीका का चक्कर काटकर आ रहे हैं जहाज

इस बीच जाम से बचने के लिए कई देशों के जहाज अब अफ्रीका का चक्कर लगाते हुए जा और आ रहे हैं। इससे सामानों के आने में एक सप्ताह का समय बढ़ गया है। बताया जा रहा है कि मंगलवार सुबह स्वेज पोर्ट के उत्तर में नहर को पार करने के दौरान कंट्रोल खोने से 400 मीटर लंबा और 59 मीटर चौड़ा कंटेनर शिप फंस गया। इस शिप के फंसने से लाल सागर और भूमध्य सागर के किनारों पर बड़ी संख्या में जहाजों का जाम लगा हुआ है। कंटेनर शिप एवर गिवेन चीन से माल लादने के बाद नीदरलैंड के पोर्ट रॉटरडैम के लिए जा रहा था। इस दौरान उसने हिंद महासागर से यूरोप में जाने के लिए स्वेज नहर का रास्ता अपनाया। जो मंगलवार की सुबह स्थानीय समयानुसार लगभग 07:40 पर स्वेज पोर्ट के उत्तर में फंस गया। इस जहाज को 2018 में बनाया गया था, जिसे ताइवानी ट्रांसपोर्ट कंपनी एवरग्रीन मरीन संचालित करती है। हालांकि इसके मालिक जापानी हैं। रिपोर्ट के अनुसार, एवर गिवेन के भारतीय चालक दल ने बताया कि स्वेज नहर को पार करते समय आए हवा के एक तेज बवंडर के कारण उनका शिप घूम गया। बाद में जब उसे सीधा करने का प्रयास किया गया तो वह नहर की चौड़ाई में घूमकर पूरे ट्रैफिक को ही बंद कर दिया। इस जहाज के पीछे एक और मालवाहक जहाज द मेर्सक डेनवर फंसा हुआ है।
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