सियोल अमेरिका और दक्षिण कोरिया से संयुक्त युद्धाभ्यास से गुस्साए तानाशाह किम जोंग उन एक के बाद एक कई मिसाइलों का टेस्ट कर रहे हैं। दक्षिण कोरिया और जापान ने दावा किया है कि उत्तर कोरिया ने गुरुवार को पूर्वी चीन सागर में दो मिसाइलों को फायर किया है। पिछले शनिवार को भी उत्तर कोरिया ने कई दूसरी मिसाइलों का टेस्ट किया था। माना जा रहा है कि उत्तर कोरिया अमेरिका के साथ संबंधों में आए गतिरोध के बाद बाइडन प्रशासन पर दबाव बनाने के लिए इन परीक्षणों को कर रहा है। उधर बाइडन प्रशासन ने उत्तर कोरिया के मिसाइल परीक्षणों को 'कुछ भी नया नहीं' बोलकर खारिज किया है। मिसाइलों की क्षमता के बादे में नहीं दी गई जानकारी दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ ने कहा कि अमेरिका और दक्षिण कोरिया की सेनाएं उत्तर कोरिया के पूर्वी तट पर हुए परीक्षणों का विश्लेषण कर रही हैं। उन्होंने अभी यह नहीं बताया कि उत्तर कोरिया से फायर की गई मिसाइलें क्या बैलिस्टिक हैं या क्रूज? उन्होंने इसपर भी कोई जानकारी नहीं दी कि वे कितनी दूरी तक मार करने में सक्षम हैं। ये मिसाइलें ऐसे समय में दागी गई हैं जब एक दिन पहले अमेरिका और दक्षिण कोरिया ने उत्तर कोरिया के ऊपर कम दूरी की क्रूज मिसाइलों का परीक्षण करने का आरोप लगाया था। बातचीत फेल होने के बाद उत्तर कोरिया का पहला परीक्षण अमेरिका के साथ परमाणु वार्ता में गतिरोध पैदा होने के बीच उत्तर कोरिया ने यह परीक्षण किए हैं। उत्तर कोरियाई तानाशाह किम जोंग उन की अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ फरवरी 2019 में दूसरी शिखर वार्ता नाकाम होने के बाद गतिरोध पैदा हुआ। उस वार्ता में अमेरिका ने उत्तर कोरिया की उस मांग को खारिज कर दिया था जिसमें उसने अपने परमाणु कार्यक्रम को आंशिक रूप से बंद करने के बदले में उस पर लगाए प्रमुख प्रतिबंधों को हटाने के लिए कहा था। बाइडन प्रशासन ने बातचीत नहीं करना चाहता उत्तर कोरिया उत्तर कोरिया ने अभी तक बाइडन प्रशासन की बातचीत की कोशिशों को नजरअंदाज किया है। किम की बहन ने पिछले हफ्ते दक्षिण कोरिया के साथ संयुक्त सैन्य अभ्यासों को लेकर अमेरिका को धमकाया था। उन्होंने इन अभ्यासों को घुसपैठ का पूर्वाभ्यास बताया और वाशिंगटन को चेतावनी दी कि अगर वह अगले चार साल शांति से सोना चाहता है तो गड़बड़ी पैदा करने से दूर रहे। अमेरिका ने मिसाइल परीक्षणों को बताया था पुराना मामला दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि रविवार को उत्तर कोरिया द्वारा किया गया कम दूरी की मिसाइलों का परीक्षण अप्रैल 2020 के बाद से उसका पहला मिसाइल परीक्षण है। बाइडन ने इसे खास तवज्जो न देते हुए कहा कि इसमें कुछ भी नया नहीं है। अब देखने वाली बात है कि क्या बाइडन प्रशासन इस परीक्षण को भी नया न मानकर खारिज कर देते हैं या फिर उत्तर कोरिया के साथ डील करने को तैयार होते हैं।
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