इस्लामाबाद के 'नया पाकिस्तान' में हिंदू लड़कियों की स्थित बदतर होती जा रही है। धर्म परिवर्तन के लिए बदनाम सूबे सिंध में पिछले 36 दिनों में चार हिंदू लड़कियों का अपहरण हो चुका है। इतना ही नहीं, इन लड़कियों को अगवा करने वालों ने अधिकतर का धर्म परिवर्तन कर निकाह भी करवाया है। बड़ी बात यह है कि अगवा हुईं चार हिंदू लड़कियों में से तीन नाबालिग हैं। उधर, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान धर्म परिवर्तन की इन घटनाओं पर चुप्पी साधे हुए हैं। पुलिस भी पूरे मामले की लीपापोती कर रही है, क्योंकि अगवा की गई लड़कियां गरीब अल्पसंख्यक तबके से आती हैं। सिंध से 13 साल की लड़की अगवा नया मामला सिंध प्रांत के हैदराबाद जिले का बताया जा रहा है। जहां हुसरी टाउन से 13 साल की हिंदू लड़की का कट्टरपंथियों ने अपहरण कर जबरन निकाह करवा दिया है। पाकिस्तानी नेशनल असेंबली के हिंदू मेंबर रमेश कुमार वांकवानी ने बताया कि किडनैप हुई लड़की का नाम पूजा मेघवार है। हमने पुलिस को लिखित शिकायत दी हुई है। सच्चाई का पता तभी चल पाएगा, जब पुलिस अगवा की गई लड़की को बरामद कर सकेगी। मजदूर पिता ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप पूजा के पिता चेतन मेघवार एक टेक्सटाइल मिल में काम करते हैं। उन्होंने कहा कि हमने पुलिस में एफआईआर दर्ज करवाने की बहुत कोशिश की है, लेकिन वे हमारी सुनते ही नहीं है। जब हिंदू राजनेता रमेश कुमार वांकवानी ने इस मामले में हस्तक्षेप किया तब उन्होंने केस दर्ज किया है। पहले भी तीन लड़कियों का हो चुका है अपहरण इसके पहले भी सिंध सूबे से तीन हिंदू लड़कियों का अपहरण और जबरन धर्म परिवर्तन कराया जा चुका है। जिनके नाम आरती मेघवार, कविता और रीना मेघवार है। द राइज़ न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, आरती मेघवार नाम की नाबालिक हिंदू लड़की को दाहरकी से अपहरण कर लिया गया था। वहीं, दूसरी नाबालिग लड़की कविता को काशमोर के तंगवानी से अगवा किया गया था। तीसरी लड़की रीना मेघवार का अपहरण 13 फरवरी को किया गया था और फिर दादू में एक अधेड़ से उसकी शादी करा दी गई थी। मौलवियों और अपहरण करने वालों को मिल रहा पैसा! रीना मेघवार के चाचा हमीर ने बताया कि उन्होंने कई अधिकारियों से इस मामले में शिकायत की है, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ है। हमीरो ने बताया कि उन्हें लड़की से मिलने के लिए प्रेशर बनाया जा रहा है, ताकि उसी बहाने धार्मिक मौलवी मीडिया के सामने यह साबित कर सके कि वह लड़की अपनी मर्जी से आई है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जो व्यक्ति लड़की का अपहरण करता है और जो मौलवी निकाह कराता है उन दोनों को इससे बहुत पैसे मिलते हैं। लॉकडाउन में बढ़े धर्मांतरण के मामले पाकिस्तान में कोरोना वायरस लॉकडाउन के दौरान हिंदू और ईसाई लड़कियों का जमकर धर्मांतरण हुआ है। पाकिस्तानी मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने चिंता जताते हुए कहा है कि इस कारण अल्पसंख्यकों के मन में असुरक्षा की भावना भी तेजी से बढ़ी है। इमरान खान की सरकार में पुलिस के ढुलमुल रवैये और सख्त कानून न होने के कारण कट्टरपंथियों के हौसले और बुलंद हुए हैं। 14 साल की ईसाई लड़की का अपहरण कर किया निकाह अक्टूबर के आखिरी हफ्ते में ही धर्म परिवर्तन के लिए बदनाम सिंध सूबे की राजधानी कराची में 13 साल की एक ईसाई लड़की आरजू राजा का 44 साल के एक अधेड़ ने अपहरण कर लिया था। जिसके बाद उसने जबरदस्ती लड़की का धर्म परिवर्तन करवाया और उससे निकाह रचाई। जिस शख्स से आरजू का निकाह हुआ है, उसके बच्चों की उम्र भी उससे दोगुनी है। आरजू का पति बाल विवाह और बलात्कार के आरोप में फिलहाल जेल में है, लेकिन वह डर से छिपी हुई है। पाकिस्तान के इस सूबे में होता है सबसे ज्यादा धर्म परिवर्तन अल्पसंख्यकों पर अत्याचार के लिए बदनाम सिंध में यह पहली घटना नहीं है। जून के अंतिम हफ्ते में आई रिपोर्ट के अनुसार, सिंध प्रांत में बड़े स्तर पर हिंदुओं का धर्म परिवर्तन कराकर उन्हें मुस्लिम बनाए जाने का मामला सामने आया था। सिंध के बादिन में 102 हिंदुओं को जबरन इस्लाम कबूल कराया गया। हर साल 1000 से ज्यादा लड़कियों का धर्म परिवर्तन मानवाधिकार संस्था मूवमेंट फॉर सॉलिडैरिटी एंड पीस (MSP) के अनुसार, पाकिस्तान में हर साल 1000 से ज्यादा ईसाई और हिंदू महिलाओं या लड़कियों का अपहरण किया जाता है। जिसके बाद उनका धर्म परिवर्तन करवा कर इस्लामिक रीति रिवाज से निकाह करवा दिया जाता है। पीड़ितों में ज्यादातर की उम्र 12 साल से 25 साल के बीच में होती है।
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