Thursday, 22 April 2021

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इस्लामाबाद पाकिस्तान में चीन की बढ़ती दखलअंदाजी से गुस्साए विद्रोही लगातार हमलों को अंजाम दे रहे हैं। बुधवार को क्वेटा में विद्रोहियों ने चीन के राजदूत को निशाना बनाते हुए एक होटल को विस्फोटकों से उड़ा दिया। विद्रोहियों को सूचना मिली थी की चीनी राजदूत क्वेटा के सेरेना होटल में ठहरे हुए हैं। हालांकि, हमले के समय वे इस होटल में मौजूद नहीं थे। बताया जा रहा है कि इस धमाके में कम से कम पांच लोगों की मौत हुई है, जबकि 12 से अधिक लोग घायल हैं। कार में रखा था 80 से 90 किग्रा विस्फोटक क्वेटा पुलिस के डीआईजी अजहर इकराम ने कहा कि विस्फोटक को एक कार में रखा गया था। मरने वालों में होटल के बाहर तैनात एक पुलिसकर्मी भी शामिल है। रात को लगभग 10.45 बजे हुए इस हमले के बाद पुलिसकर्मियों ने पूरे इलाके को घेर लिया। बम निरोधक दस्ते के अनुसार, इस धमाके के लिए 80 से 90 किलोग्राम तक के विस्फोटकों को इस्तेमाल किया गया, जिसमें बॉल बेयरिंग और सी4 एक्सप्लोसिव शामिल थे। मंत्री बोले हमारे अपने लोग आतंक फैलाने में शामिल घटना के कुछ समय बाद बलूचिस्तान के गृह मंत्री मीर जियाउल्लाह लैंगोव ने कहा कि इस क्षेत्र में आतंकवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। हमारे अपने लोग आतंकवाद के इन कामों में शामिल हैं। हमले से पहले कोई खतरे की सूचना नहीं थी। लैंगोव ने कहा कि विस्फोट होने के समय चीनी राजदूत होटल में मौजूद नहीं था। उन्होंने बताया कि मैं अभी चीनी राजदूत से मिला हूं और वे सुरक्षित हैं। पाकिस्तान ने बताया देश के दुश्मनों का हाथ बलूचिस्तान सरकार के प्रवक्ता लियाकत शाहवानी ने कहा कि घटना की उच्चस्तरीय जांच की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि इसमें शामिल लोग कानून की पकड़ से बच नहीं पाएंगे। उन्होंने कहा कि इस धमाके के पीछे पाकिस्तान से दुश्मनों का हाथ है। क्वेटा के उपायुक्त औरंगजेब बादिनी ने मृतकों की संख्या की पुष्टि की है। चीन विरोधी बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी पर हमले का शक इस हमले का शक उस इलाके में सक्रिय बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी पर जताया जा रहा है। इस संगठन ने पहले भी चीन के अधिकारियों और कर्मचारियों पर कई हमले किए हैं। पिछले साल कराची स्टॉक एक्सचेंज पर हुए हमले में भी इसी संगठन का हाथ बताया जाता है। पाकिस्तानी सेना ने साल 2006 में परवेज मुशर्रफ के इशारे पर बलूचिस्तान के सबसे प्रभावशाली नेता नवाब अकबर बुगती की हत्या कर दी थी। मुशर्रफ को उनकी हत्या के मामले में साल 2013 में गिरफ्तार भी किया गया था। मुशर्रफ ने उस समय अपने बचाव में कहा था कि ये नेता तेल और खनिज उत्पादन में होने वाली आय में हिस्सेदारी की मांग कर रहे थे। सीपीईसी के विरोध में चीनियों को निशाना बनाता है यह संगठन बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी ने हमेशा से चीन पाकिस्तान आर्थिक कॉरिडोर का विरोध किया है। कई बार इस संगठन के ऊपर पाकिस्तान में काम कर रहे चीनी नागरिकों को निशाना बनाए जाने का आरोप भी लगे हैं। 2018 में इस संगठन पर कराची में चीन के वाणिज्यिक दूतावास पर हमले के आरोप भी लगे थे। आरोप हैं कि पाकिस्तान ने बलूच नेताओं से बिना राय मशविरा किए बगैर सीपीईसी से जुड़ा फैसला ले लिया। बलूचिस्तान की रणनीतिक स्थिति पाक के लिए अहम बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक सूबा है। पाक से सबसे बड़े प्रांत में शुमार बलूचिस्तान की सीमाएं अफगानिस्तान और ईरान से मिलती है। वहीं कराची भी इन लोगों की जद में है। चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर का बड़ा हिस्सा इस प्रांत से होकर गुजरता है। ग्वादर बंदरगाह पर भी बलूचों का भी नियंत्रण था जिसे पाकिस्तान ने अब चीन को सौंप दिया है।


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