मनीला दक्षिण चीन सागर में चीन और फिलीपींस के बीच विवाद लगातार गंभीर होता जा रहा है। अब फिलीपींस के राष्ट्रपति ने चीन से बढ़ते खतरे को लेकर अपने ही अंदाज में जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि दक्षिण चीन सागर में चीन के साथ युद्ध के अलावा और कोई रास्ता नहीं है। दुतेर्ते ने फिलीपींस की नौसेना की तैनाती का ऐलान करते हुए कहा कि यह संघर्ष बिना किसी खून-खराबे के अब खत्म नहीं होने वाला है। दुतेर्ते बोले- हो सकता है हम हार जाएं फिलीपींस के राष्ट्रपति ने रक्षा मंत्री डेल्फिन लोरेन्जाना के साथ अपने पूरे मंत्रिमंडल को बताया कि हम दक्षिणी चीन सागर में अपन क्षेत्र को केवल शक्ति के जरिए ही वापस ले सकते हैं। इसके बिना इस क्षेत्र को वापस लेने का कोई दूसरा रास्ता नहीं है। हम बिना किसी रक्तपात के फिलीपीन सागर को वापस पाने के लिए कोई रास्ता नहीं निकाल सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि हो सकता है कि इस हिंसा के दौरान हम जीत न सकें। पहली बार स्वीकारा चीनी कब्जा टीवी पर प्रसारित किए गए इस संबोधन में फिलीपींस के राष्ट्रपति रोड्रिगो दुतेर्ते ने पहली बार सार्वजनिक रूप से जुलिना फेलिप रीफ पर चीनी नौकाओं की मौजूदगी को स्वीकार किया है। इस द्वीप पर दशकों से फिलीपींस का नियंत्रण था, लेकिन पिछले कुछ समय से चीनी नौसेना के अंतर्गत काम करने वाली मिलिशिया की नौकाओं ने इस रीफ को घेर रखा है। चीन मानता है अपना हिस्सा चीन इसे दक्षिण चीन सागर के स्प्रैटली द्वीप समूह के व्हिटसन रीफ का हिस्सा मानता है। जुलिना फेलिप रीफ पर कब्जे के लिए फिलीपींस की नौसेना ने कई बार प्रयास भी किया है, लेकिन हर बार उन्हें चीनी नौकाओं ने खदेड़ दिया। फिलीपींस के रक्षा मंत्री डेल्फिन लोरेन्जाना ने कहा कि हम चाहें कितनी भी बार उस द्वीप के नजदीक जाएं, लेकिन हम उसपर कब्जा नहीं जमा सके हैं। राजनयिक विरोध का चीन पर असर नहीं फिलीपींस के विदेश मामलों के विभाग (डीएफए) ने पेइचिंग के समुद्री मिलिशिया की अवैध उपस्थिति को लेकर कई बार राजनयिक विरोध भी जताया है। मनीला में स्थिति चीनी दूतावास के अधिकारियों को कई बार तलब भी किया गया है, लेकिन इसका कोई प्रभाव पड़ता दिख नहीं रहा। चीनी विदेश मंत्रालय ने भी इस क्षेत्र को अपने देश का हिस्सा बताया है। चीन ने फिलीपींस के रीफ पर जमाया है कब्जा विवादित समुद्री सीमा पर नजर रखने वाली एक सरकारी संस्था ने कहा कि चीन की नौसेना के चार पोतों सहित चीनी ध्वज युक्त जहाजों का चीन के कब्जे वाले मानवनिर्मित द्वीप पर जमावड़ा लगना नौवहन एवं समुद्री जीवन की सुरक्षा के लिए घातक है और इससे प्रवाल भित्तियों को खतरा पहुंच सकता है। साथ ही यह फिलीपीन के संप्रभुता वाले अधिकारों के लिए भी खतरा है। जबकि चीन ने कहा है कि संबंधित समुद्री क्षेत्र उसका है और चीनी जहाज खराब समुद्री स्थिति से बचने के लिए वहां टिके हैं। अमेरिका के साथ युद्धाभ्यास करने जा रहा फिलीपींस फिलीपींस सेना के लेफ्टिनेंट जनरल सिरिलिटो सोबजाना ने बताया है कि साउथ चाइना सी में अगले दो हफ्तों तक अमेरिकी सेना के साथ बालिकतन (Balikatan) नाम का युद्धाभ्यास किया जाएगा। इस दौरान दोनों देशों की सेनाएं आतंकरोधी अभियान और राहत और बचाव कार्य के गुर सीखेंगी। बता दें कि फिलीपींस में अमेरिका का सैन्य अड्डा भी है। बताया जा रहा है कि इस युद्धाभ्यास में अमेरिका के 700 सैनिक और फिलीपींस के 1300 सैनिक हिस्सा लेंगे।
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