वॉशिंगटन अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन प्रशासन की कई नीतियों को लगातार खत्म करते जा रहे हैं। प्रवासी कानून, जलवायु परिवर्तन और डब्लूएचओ में वापसी के बाद बाइडन ने अब ट्रंप के उस फैसले को भी पलट दिया है, जिसमें अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय(आईसीसी) के दो अधिकारियों पर पाबंदियां लगाई गई थी। ट्रंप के इस आदेश को अंतरराष्ट्रीय संस्थानों और अधिकारियों को निशाना बनाने वाला आक्रामक फैसला माना गया था। अपराध न्यायालय के कई फैसलों से चिढ़ा है अमेरिका विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन ने एक बयान में कहा कि अमेरिका, अदालत की कुछ कार्रवाइयों से अभी भी पूरी तरह असहमत है। नीदरलैंड्स के द हेग स्थित इस स्थायी निकाय पर नरसंहार, मानवता के खिलाफ अपराध और युद्ध अपराधों के मामले देखने की जिम्मेदारी है। अमेरिका अदालत के करीब 120 सदस्य देशों में शामिल नहीं है। कूटनीतिक तरीके से दबाव डालेगा अमेरिका ब्लिंकेन ने कहा कि हालांकि, हमारा मानना है कि इन मामलों के प्रति हमारी चिंता पर कूटनीति के जरिए गौर किया जाएगा न कि पाबंदियां लगाकर। प्रतिबंधों को हटाया जाना इस बात का संकेत है कि बाइडन प्रशासन बहुपक्षीय संस्थाओं में लौटने की मंशा रखता है। ट्रंप प्रशासन ने अमेरिका को कई अंतरराष्ट्रीय संस्थानों और समझौतों से हटा लिया था और आईसीसी समेत कई अन्य की कड़ी आलोचना की थी। कोर्ट ने जताई कानूनी व्यवस्था के आगे बढ़ने की उम्मीद ट्रंप प्रशासन ने आरोप लगाया था कि इन संस्थानों में बहुत खामियां हैं और ये अमेरिकी हितों के खिलाफ काम कर रहे हैं। न्यायालय में सदस्य राष्ट्रों के प्रबंधन निकाय की अध्यक्ष सिल्विया फर्नांडिज डे गुरमेंडी ने कहा कि अमेरिका द्वारा प्रतिबंध हटाया जाना विधि आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को आगे बढ़ाने में मदद करेगा।
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