Wednesday, 21 April 2021

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बैंकाक थाईलैंड में एक बौद्ध भिक्षु ने तलवार से अपना सिर काटकर महात्मा बुद्ध को चढ़ा दिया। इस भिक्षु को यह लगने लगा था कि वह पुनर्जन्म के जरिए उच्च स्तर के आध्यात्मिक व्यक्ति के रूप में दोबारा जन्म लेगा। मृतक भिक्षु की पहचान 68 साल के थम्मकॉर्न वांगप्रेचा के रूप में हुई है। स्थानीय लोगों ने बताया कि यह भिक्षु पिछले पांच साल से अधिक समय से त्याग को लेकर विचित्र अनुष्ठान की योजना बना रहे थे। संगमरमर पर लिखी थी पूरी योजना पुलिस ने बताया कि 15 अप्रैल को उत्तर-पूर्वी थाईलैंड में नोंग बुआ लाम्फू प्रांत के वाट फु हिन मंदिर में इस भिक्षु के मौत की खबर मिली थी। मृतक भिक्षु के भतीजे भतीजे बूनचर्ड बूनरोड ने शव की खोज की और कहा कि उसके चाचा ने एक संगमरमर की स्लैब पर अपनी पूरी योजनाओं को लिखा भी था। उसने बताया कि संगमरमर पर थम्मकॉर्न वांगप्रेचा लिखा था कि अपने सिर को काटना बुद्ध को खुश करने का तरीका है। पांच साल से बना रहे थे इसकी योजना थम्मकॉर्न वांगप्रेचा का मानना था कि देवता को अर्पण करने से उसे जीवन में सौभाग्य प्राप्त होगा। इस विश्वास को बौद्ध धर्म में मेकिंग मैरिट्स के नाम से जाना जाता है। यह बौद्ध भिक्षु पिछले पांच साल से इसकी योजना बना रहे थे। भतीजे ने कहा कि उनकी इच्छा अपने सिर और अपनी आत्मा को अर्पित करने की थी ताकि प्रभु उन्हें अगले जन्म में उच्च आध्यात्मिक होने के नाते पुनर्जन्म में मदद कर सकें। बुद्ध की मूर्ति के ठीक सामने दी बलि इस भिक्षु ने बुद्ध की मूर्ति के ठीक सामने एक धारदार तलवार से अपने सिर को काट दिया। इस तलवार को ऐसे जगह पर सेट किया गया था, जिससे कटा हुआ गर्दन सीधे बुद्ध के चरणों में गिरे। इस मंदिर में 11 साल तक सेवा करने वाले इस भिक्षु ने कभी भी अपने साथी पुजारियों से इस तलवार के बारे में कुछ नहीं बताया था। वे कहते थे कि मैं भिक्षुणी को छोड़ दूंगा, लेकिन तलवार के बारे में कुछ नहीं बताउंगा। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा शव मौत की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने भिक्षु के शव को अपने कब्जे में ले लिया और पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। पुलिस चाहती थी कि परिवार को शव सौंपने से पहले मौत के असली कारणों का पता लगाया जा सके। भिक्षु की मृत्यु के बाद, 300 से अधिक स्थानीय भक्त उनके शरीर का अंतिम संस्कार करन के लिए मंदिर पहुंचे। भिक्षु का शव एक ताबूत के अंदर रखा गया था, जबकि उसके सिर को उसके अनुयायियों और परिवार के सदस्यों के सामने एक जार में रखा गया था। निवासियों को समझाने में जुटी सरकार थाईलैंड के बौद्ध धर्म के राष्ट्रीय कार्यालय ने स्थानीय सरकार से क्षेत्र में निवासियों को समझाने के लिए कहा है। कार्यालय ने कहा कि इस तरह के काम से धर्म को प्रोत्साहित नहीं किया जा सकता है। बौद्धों का मानना है कि अच्छे कार्यों को करना भगवान बुद्ध की प्रशंसा करने का एक तरीका है, जो उन्हें अच्छे कर्मों में लाता है जो उन्हें विश्वास करते हैं कि उनका अगला जीवन होगा।


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