इस्लामाबाद पाकिस्तान में कट्टरपंथियों के हिंसक विरोध प्रदर्शन के आगे घुटने टेकते हुए आज खुद प्रधानमंत्री डैमेज कंट्रोल के लिए उतरे। उन्होंने देश के नाम संबोधन में इमामों को संबोधित करते हुए उनसे हिंसा बंद करने की अपील की। इमरान ने भारत की तरफ इशारों-इशारों में कहा कि इस हिंसा से दुश्मनों को फायदा होगा। उन्होंने भारतीय न्यूज वेबसाइट्स के ऊपर भी अपनी खीज निकाली। भारत पर फोड़ा अपनी नाकामी का ठीकरा इमरान खान ने अपने संबोधन में कहा कि अपने उलेमा उनको खासतौर पर कहना चाहता हूं कि आपको मेरे साथ मिलकर हमारी मदद करनी चाहिए। ये जो हो रहा है वह हमारे मुल्क को नुकसान पहुंचा रहा है। इससे तकलीफ पहुंचती है। हमारे 800 पुलिसवाले घायल हैं। कई अस्पतालों में पड़े हुए हैं। पाकिस्तानी पीएम ने भारतीय मीडिया के ऊपर अपनी नाकामी का ठीकरा फोड़ते हुए कहा कि पाकिस्तान में जो कुछ हो रहा है, उससे किसको फायदा पहुंचा है। हिंदुस्तानी मीडिया पर उठाए सवाल उन्होंने यह भी सवाल किया कि क्यों हिंदुस्तान की जो वेबसाइट्स हैं, जो इस कदर कूद पड़ी हैं। इससे दुश्मनों को फायदा हुआ है। इससे कौम को नुकसान हुआ है। जो मकसद है हमारा उससे तो इसपे नहीं पहुंच रहे हम। इतना ही नहीं, उन्होंने हिंसक कट्टरपंथियों को सुनाते हुए कहा कि कोई फर्क नहीं पड़ेगा किसी विदेशी देश को कि हम जो मर्जी अपना नुकसान करें। उन्होंने पूछा कि जुर्म कहीं और हो और हम अपने ऊपर खुदकुश हमला (आत्मघाती हमला) कर लें, ये कौन सी समझ है। अवाम को दिखाए हसीन सपने उन्होंने पाकिस्तानी कौम से एकजुट होने की अपील करते हुए कहा कि ये समय हमें इकट्ठा होने का है। उन्होंने भीषण कर्ज में डूब रहे मुल्क को बेहतरी की ओर चलने का दावा किया। उन्होंने कहा कि हम अब ऊपर आने वाले हैं, हमारी इकोनॉमी उठ रही है, लोगों को रोजगार मिल रहा है। हमारा रुपया मजबूत हो रहा है। ये समय हमें खुद को नुकसान पहुंचाने का नहीं है। इससे मुल्क के दुश्मन हमें नुकसान पहुंचाएंगे। कट्टरपंथियों ने 11 पुलिसकर्मियों को छोड़ा प्रतिबंधित कट्टरपंथी इस्लामी पार्टी तहरीक ए लब्बैक पाकिस्तान ने सोमवार को इमरान खान सरकार के साथ पहले दौर की बातचीत के बाद 11 पुलिसकर्मियों को रिहा कर दिया। इन पुलिसकर्मियों को समूह ने लाहौर में सुरक्षा बलों के साथ हिंसक झड़प के बीच रविवार को बंधक बनाया था। फ्रांस में पिछले साल प्रकाशित एक कार्टून को ईशनिंदा का उदाहरण बताते हुए फ्रांसीसी राजदूत को निष्कासित करने की अपनी मांग पर दबाव बनाने के प्रयास के तहत, प्रतिबंधित कट्टरपंथी इस्लामी पार्टी तहरीक ए लब्बैक पाकिस्तान ने 11 पुलिस कर्मियों को बंधक बनाया था। कई शहरों में साद रिजवी के समर्थकों का हंगामा कट्टरपंथी तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान पार्टी अपने नेता साद रिजवी की गिरफ्तारी का भी विरोध कर रही है और प्रधानमंत्री इमरान खान पर रिजवी को तुरंत रिहा करने का दबाव बना रही है। शुरुआत में पुलिस ने बताया था कि प्रदर्शन कर रहे समूह ने पांच पुलिसकर्मियों को बंधक बनाया है। बाद में एक वीडियो संदेश में गृहमंत्री शेख रशीद ने कहा कि रिजवी के समर्थकों ने 11 पुलिसकर्मियों को बंधक बनाया है। उन्होंने बताया कि सरकार के साथ पहले दौर की वार्ता सफल होने के बाद पुलिसकर्मियों को छोड़ा गया है। मंत्रालय ने एक तस्वीर जारी की है जिसमें दिख रहा है कि पुलिसकर्मियों को प्रताड़ित किया गया है।
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