ब्रासीलिया ब्राजील के साओ पाओलो में दक्षिण अफ्रीका जैसे कोरोना वायरस वेरियंट जैसा नया स्ट्रेन देखा गया है। जिस मरीज में यह वेरियंट पाया गया है, वह दक्षिण अफ्रीका नहीं गया था। दक्षिण अफ्रीका के वेरियंट पर पहले से वैक्सीन के असर को लेकर चिंता बनी हुई थी। वहीं, ब्राजील में भी P1 वेरियंट पाया गया है जिसकी वजह से इन्फेक्शन के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। अमेरिका के बाद सबसे ज्यादा केस देश के बूटानटान बायोमेडिकल इंस्टिट्यूट के अध्यक्ष डिमास कोवास का कहना है, 'यह दक्षिण अफ्रीकी वेरियंट जैसा है लेकिन वहां जाने का कोई इतिहास नहीं है और न कॉन्टैक्ट का।' उन्होंने कहा, 'हो सकता है कि यह P1 का विकसित रूप हो जो अफ्रीकी म्यूटेशन की ओर मुड़ रहा हो।' ब्राजील में इस वक्त कोरोना वायरस के केस चिंताजनक गति से बढ़ रहे हैं। अमेरिका के बाद सबसे ज्यादा केस यहीं हैं। राष्ट्रपति का ढीला रवैया वैक्सिनेशन कैंपेन धीमा होने के कारण और सोशल डिस्टेंसिंग कम होने के कारण यह और विकराल रूप लेती जा रही है। ब्राजील के राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो को अपने ढीले रवैये के कारण आलोचना का शिकार होना पड़ा है। उन्होंने शुरुआत से अर्थव्यवस्था को ज्यादा जरूरी बताया और लॉकडाउन जैसे उपायों को नजरअंदाज किया। हाल ही में उन्होंने देश की स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर करने के लिए नए लोन का ऐलान किया है।
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