मेलबर्न कोरोना वायरस महामारी के बीच ऑस्ट्रेलिया के न्यू साऊथ वेल्स और क्वीन्सलैंड राज्य चूहों के कहर से जूझ रहे हैं। इससे दोनों ही राज्यों में किसानी चौपट हो गई है और इसके सिडनी तक पहुंचने का खतरा मंडरा रहा है। खबरों के मुताबिक ऑस्ट्रेलिया के इस दक्षिणी-पूर्वी हिस्से में करोड़ों की संख्या में चूहे घरों, फार्म हाउस, हॉस्पिटल, स्कूलों में घुस गए हैं और अपने मलमूत्र से प्रदूषण फैला रहे हैं। इन चूहों के आतंक से स्थानीय किसान बेहाल हैं और करोड़ों डॉलर की फसल तथा उपकरण नष्ट हो गए हैं। कुछ चूहे तो बहुत ज्यादा नियंत्रण से बाहर हो गए हैं। हालत यह हो गई है कि वे एक-दूसरे को ही खाने लगे हैं। बताया जा रहा है कि इस इलाके में लंबे सूखे के बाद पिछले साल बड़े पैमाने पर बारिश हुई थी। इससे किसानों के चेहरे खिल उठे थे और फसलें हुईं। चूहों को मारने के लिए घातक रसायन के प्रयोग को मंजूरी नहीं इस खुशी के बीच एक संकट भी आ गया। बारिश होने से बड़ी संख्या में चूहे पैदा हो गए। एक किसान माइकल पायटेन ने कहा कि पिछले साल हमारी अच्छी फसल हुई थी और काफी खाद्यान पैदा हुआ। उन्होंने बताया कि हमने काफी ज्यादा घास-फूस को छायादार जगह पर रख दिया जो चूहों के लिए विशाल होटल बन गया। ऑस्ट्रेलिया के चिकित्सा अधिकारियों ने अभी तक इन चूहों को मारने के लिए घातक रसायन के प्रयोग को मंजूरी नहीं दी है। ये रसायन चूहों का खात्म करने में सक्षम हैं। रसायन के प्रयोग के विरोध के बीच ऑस्ट्रेलिया के उप प्रधानमंत्री माइकल मैककोरमैक ने कहा है कि अच्छा चूहा वही है जो मरा हुआ हो।
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