वॉशिंगटन आमतौर पर कोई भी टापू पर्यटकों को लोगों को आकर्षित करता है लेकिन इन दिनों ब्राजील का एक टापू चर्चा में है वहां मौजूद खतरों के लिए। ब्राजील के तट से 20 मील दूर स्थित इल्हा ड कीमाडा को '' या भी कहते हैं और इससे जाहिर है कि क्यों यह इतना खतरनाक है। अटलांटिक महासागर में स्थित यह टापू पूरी तरह से जहरीले सांपों से भरा हुआ है जो इंसान को निगलते ही नहीं, हड्डियों से मांस तक पिघला सकते हैं। 100 साल पहले सांप ने काटा था.. रिपोर्ट्स के मुताबिक यहां हर स्क्वेयर मीटर जमीन पर 5 गोल्डन लांसहेड वाइपर से लेकर 106 एकड़ जमीन पर 4000 सांप तक हो सकते हैं। वाइपर आधे मीटर लंबे तक हो सकते हैं और इन्हें दुनिया में सबसे जहरीला सांप माना जाता है। इस टापू पर कोई नहीं रहता। कहा जाता है कि करीब 100 साल पहले यहां एक लाइटहाउस कीपर को सांप ने काट लिया था। उसके बाद यहां कोई नहीं रहा। ब्राजील की सेना ने सभी नागरिकों को बैन कर दिया है। हिरोशिमा से भी भारी बम इसी तरह हिंद महासागर में उत्तरी सेंटिनेल टापू भी ऐसी ही खतरनाक जगह है। यहां के आदिवासी 60 हजार साल से रह रहे हैं और बाहरी लोगों का यहां स्वागत नहीं किया जाता। ऐसे ही प्रशांत में बिकीनी अटॉल नाम की जगह है जहां दूसरे विश्व युद्ध के बाद अमेरिका ने परमाणु परीक्षण किया था। यहां करीब 23 बम गिराए गए हैं जिनमें से एक 1954 में गिराया गया। वह हिरोशिमा बम से 1100 गुना ज्यादा शक्तिशाली बताया जाता है। यहां के लोगों को पहले ही हटा दिया गया था और बाद में भी इसके पानी और खाने में रेडिएशन पाया गया। इटली के वेनेशियन लगून में पोवेग्लिया टापू पर भी भारी मात्रा में जहर पाया जाता है। कहा जाता है कि यहां प्लेग के कारण हजारों लोगों की मौत हो गई थी। स्कॉटलैंड के उत्तर-पश्चिमी तट के पास ग्रुइनार्ड टापू को ऐंथ्रैक्स टापू कहते हैं। जहां केमिकल एक्सपेरिमेंट के बाद जानवरों के शवों को फेंक दिया जाता था।
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