Monday, 24 May 2021

https://ift.tt/36CAGd7

ब्रह्मांड की कई ऐसी पहेलियां हैं जिन्हें सुलझाना अभी बाकी है। फास्ट रेडियो बर्स्ट्स (Fast Radio Bursts, FRBs) भी इन्हीं में से एक है। ये बेहद छोटी और तीव्र रेडियो वेव पल्स डीप स्पेस से आती हैं लेकिन इनके पीछे के कारण को अभी तक समझा नहीं जा सका है। अब ऐस्ट्रोनॉमर्स ने 5 FRBs जिन गैलेक्सी से आ रही हैं, उनका पता लगा लिया है। हबल टेलिस्कोप (Hubble Telescope) ने यह खोज की है। टेलिस्कोप में लगे अल्ट्रावॉइलट और इन्फ्रारेड कैमरों ने देखा कि स्टार मैप पर ये तरंगें कहां से आ रही हैं। इससे यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि ये पैदा कैसे होती हैं। (फोटो: NASA’s Goddard Space Flight Center)

पहली बार इतने FRBs को हाई रेजॉलूशन में देखा गया है और हबल ने दिखाया है कि ये एक गैलेक्सी की स्पाइरल आर्म पर या पास में हैं। ज्यादातर विशाल गैलेक्सी अभी नई हैं और इनमें सितारे बन रहे हैं।


Fast Radio Bursts: कहां से आ रही हैं रहस्यमय रेडियो तरंगें? Hubble Telescope ने खोजा दूर गैलेक्सी का पता

ब्रह्मांड की कई ऐसी पहेलियां हैं जिन्हें सुलझाना अभी बाकी है। फास्ट रेडियो बर्स्ट्स (Fast Radio Bursts, FRBs) भी इन्हीं में से एक है। ये बेहद छोटी और तीव्र रेडियो वेव पल्स डीप स्पेस से आती हैं लेकिन इनके पीछे के कारण को अभी तक समझा नहीं जा सका है। अब ऐस्ट्रोनॉमर्स ने 5 FRBs जिन गैलेक्सी से आ रही हैं, उनका पता लगा लिया है। हबल टेलिस्कोप (Hubble Telescope) ने यह खोज की है। टेलिस्कोप में लगे अल्ट्रावॉइलट और इन्फ्रारेड कैमरों ने देखा कि स्टार मैप पर ये तरंगें कहां से आ रही हैं। इससे यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि ये पैदा कैसे होती हैं। (फोटो: NASA’s Goddard Space Flight Center)



क्यों अहम है यह खोज?
क्यों अहम है यह खोज?

अभी तक 15 हजार के आसपास तरंगें जिन गैलेक्सीज से आ रही हैं, उन्हें डिटेक्ट किया गया है। इस बार क्लस्टर तरंगों के आने से इसके पीछे की प्रक्रिया को समझने में मदद मिलने की उम्मीद है। यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया की ऐस्ट्रोनॉमर मैनिंग्स ने नए नतीजों को उत्साहजनक बताया है। उनका कहना है कि पहली बार इतने FRBs को हाई रेजॉलूशन में देखा गया है और हबल ने दिखाया है कि ये एक गैलेक्सी की स्पाइरल आर्म पर या पास में हैं। ज्यादातर विशाल गैलेक्सी अभी नई हैं और इनमें सितारे बन रहे हैं। FRBs की पहचान से गैलेक्सी के द्रव्यमान और उसमें बनने वाले सितारों की गति को समझा सकता है।



खोज क्यों है मुश्किल?
खोज क्यों है मुश्किल?

गैलेक्सी में जहां से FRB आ रहे हैं, वहां क्या हो रहा है, यह भी समझा जा सकता है। सूरज जितनी ऊर्जा एक साल में उत्सर्जित करता है, FRB उतनी एक पल के हजारवें हिस्से में करते हैं। ऐसे में उनके बारे में जो खोज होगी, उससे उनके बारे में ज्यादा समझने में मदद मिलेगी। समस्या यह होती है कि ये इन्हें सिर्फ कुछ मिलिसेकंड के लिए ऑब्जर्व किया जा सकता है और ये कब होंगी, इसके बारे में पता नहीं होता। इससे उनके स्रोत या वजह के बारे में पता करना मुश्किल होता है।



कहां से आई?
कहां से आई?

किसी गैलेक्सी में स्पाइरल आर्म्स पर सबसे नए और गर्म सितारे होते हैं। कोई FRB जहां से आ रही है, उस आधार पर गैलेक्सी के बारे में समझा जा सकता है। ये पांच FRB आर्म के सबसे चमकीले हिस्से से नहीं आई हैं। इस आधार पर माना जा रहा है कि ये Magnetar से आ रही हो सकती हैं। ये ऐसे घने सितारे होते हैं जिनका चुंबकीय क्षेत्र (Magnetic field) बहुत शक्तिशाली होता है। विशाल सितारे जब न्यूट्रॉन स्टार बन जाते हैं, तो मैग्नेटाइज भी हो सकते हैं। इससे इनसे चमक निकलती है और सतह पर होने वाली चुंबकीय प्रक्रियाओं से रेडियो लाइट भी उत्सर्जित हो सकती है।





from World News in Hindi, दुनिया न्यूज़, International News Headlines in Hindi, दुनिया समाचार, दुनिया खबरें, विश्व समाचार | Navbharat Times https://ift.tt/3oSHQkY
via IFTTT

No comments:

Post a Comment

https://ift.tt/36CAGd7

रियाद सऊदी अरब के नेतृत्‍व में गठबंधन सेना ने यमन की राजधानी सना में हूती विद्रोहियों के एक शिविर को हवाई हमला करके तबाह कर दिया है। सऊदी...