Wednesday, 26 May 2021

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दुनियाभर के कई हिस्‍सों में बुधवार की रात आकाश में अद्भुत नजारा देखने को मिला। करीब छह साल बाद आकाश में पूर्ण चंद्रग्रहण, ब्लड मून और सुपरमून तीनों ही एक साथ दिखाई दिए। इसे देखने के लिए पूरी दुनिया में जमकर उत्‍साह देखा गया। चंद्रग्रहण को पूर्वी एशिया के कुछ हिस्‍सों, अमेरिका के पश्चिमी हिस्‍से, प्रशांत महासागर के द्वीपों और पूरे ऑस्‍ट्रेलिया में देखा गया। जो लोग ऑस्‍ट्रेलिया, न्‍यूजीलैंड, हवाई और पापुआ न्‍यू गिनी में थे, उन्‍हें चंद्रगहण का सबसे शानदार दीदार करने का मौका मिला। इन जगहों पर लगातार करीब 5 घंटे तक चंद्रगहण दिखाई दिया। चंद्रग्रहण के दौरान शुरू में पृथ्‍वी की छाया ने चंद्रमा को ढंक लिया जिससे चांद तो दिखाई दे रहा था लेकिन उसकी चमक कम हो गई थी। एक समय ऐसा आया जब चांद को पूरी तरह से पृथ्‍वी ने ढंक लिया। इसके बाद पृथ्‍वी के वातावरण के प्रभाव से चंद्रमा पूरी तरह से लाल सुर्ख हो गया। आइए देखते हैं दुनियाभर से आई दिलचस्‍प तस्‍वीरें....

दुनियाभर में करीब 6 साल बाद एक अद्भुत नजारा देखने को मिला। आकाश में पूर्ण चंद्रग्रहण, ब्लड मून और सुपरमून तीनों ही एक साथ दिखाई दिए। आइए देखते हैं इस दुर्लभ खगोलीय घटना की शानदार तस्‍वीरें....


Super Flower Blood Moon: लाल रोशनी में नहाया चांद, देखें चंद्रग्रहण, ब्लड मून और सुपरमून की अद्भुत तस्‍वीरें

दुनियाभर के कई हिस्‍सों में बुधवार की रात आकाश में अद्भुत नजारा देखने को मिला। करीब छह साल बाद आकाश में पूर्ण चंद्रग्रहण, ब्लड मून और सुपरमून तीनों ही एक साथ दिखाई दिए। इसे देखने के लिए पूरी दुनिया में जमकर उत्‍साह देखा गया। चंद्रग्रहण को पूर्वी एशिया के कुछ हिस्‍सों, अमेरिका के पश्चिमी हिस्‍से, प्रशांत महासागर के द्वीपों और पूरे ऑस्‍ट्रेलिया में देखा गया। जो लोग ऑस्‍ट्रेलिया, न्‍यूजीलैंड, हवाई और पापुआ न्‍यू गिनी में थे, उन्‍हें चंद्रगहण का सबसे शानदार दीदार करने का मौका मिला। इन जगहों पर लगातार करीब 5 घंटे तक चंद्रगहण दिखाई दिया। चंद्रग्रहण के दौरान शुरू में पृथ्‍वी की छाया ने चंद्रमा को ढंक लिया जिससे चांद तो दिखाई दे रहा था लेकिन उसकी चमक कम हो गई थी। एक समय ऐसा आया जब चांद को पूरी तरह से पृथ्‍वी ने ढंक लिया। इसके बाद पृथ्‍वी के वातावरण के प्रभाव से चंद्रमा पूरी तरह से लाल सुर्ख हो गया। आइए देखते हैं दुनियाभर से आई दिलचस्‍प तस्‍वीरें....



​पृथ्‍वी के पीछे छिप गया चांद, दिखा चंद्रग्रहण का नजारा
​पृथ्‍वी के पीछे छिप गया चांद, दिखा चंद्रग्रहण का नजारा

अंतरिक्ष में इस दुर्लभ नजारे का दीदार करने के लिए अमेरिका से लेकर ऑस्‍ट्रेलिया तक की वेधशालाओं ने अपने टेलिस्‍कोप को चांद की ओर मोड़ दिया था। उन्‍होंने सुपरमून का दीदार कराने के लिए इसका लाइव वेबकास्‍ट भी किया। हालांकि अमेरिका के शिकागो, स‍िएटल समेत दुनिया के कई हिस्‍सों में बादलों के होने के कारण लोग चांद का दीदार नहीं कर पाने से मायूस भी हो गए। हालांकि लाल सुर्ख चांद को देखने के मामले में ऑस्‍ट्रेलिया के लोग भाग्‍यशाली रहे। यहां चंद्रग्रहण के समय आसमान साफ रहा और लोग चांद को जीभर देख सके। दुनियाभर के कई देशों में चंद्रमा अपने आकार से काफी बड़ा दिखाई दिया। इसे वैज्ञानिकों ने फ्लावर मून का नाम दिया है। विशेषज्ञों के मुताबिक चंद्रमा चंद्रग्रहण के बाद सामान्‍य दिनों की अपेक्षा करीब 7 फीसदी बड़ा दिखाई दिया। सुपरमून पूरी दुनिया में दिखाई दिया लेकिन चंद्रग्रहण केवल दुनिया के कुछ ही हिस्‍सों में दिखाई दिया। चंद्रगहण के दौरान पर्यवेक्षकों को तेजी से काम करना पड़ा क्‍योंकि यह मुख्‍यतौर पर केवल 15 म‍िनट ही चला। अगला पूर्ण चंद्र ग्रहण एक साल बाद होगा। तस्‍वीर फ‍िजी की है।



​जानें क्‍या है ब्‍लड मून, क्‍यों लाल दिखता है चांद
​जानें क्‍या है ब्‍लड मून, क्‍यों लाल दिखता है चांद

बुधवार की रात को दुनिया के कई हिस्‍सों में ब्‍लड मून के भी दर्शन हुए। दरअसल, जब चंद्रमा पृथ्वी की छाया में पूरी तरह ढक जाता है तो अंधेरा छा जाता है लेकिन पूरी तरह स्याह नहीं होता। इसके बजाए यह लाल रंग का दिखता है इसलिए पूर्ण चंद्र ग्रहण को लाल या रक्त चंद्रमा भी कहा जाता है। सूर्य के प्रकाश में दृश्य प्रकाश के सभी रंग होते हैं। पृथ्वी के वातावरण से गुजरने के दौरान प्रकाश में नीला प्रकाश छन जाता है जबकि लाल हिस्सा इससे गुजर जाता है। इसलिए आकाश नीला दिखता है और सूर्योदय और सूर्यास्त के समय लालिमा छा जाती है। चंद्र ग्रहण के मामले में लाल प्रकाश पृथ्वी के वातावरण से होकर गुजरता है और यह चंद्रमा की ओर मुड़ जाता है जबकि नीला प्रकाश इससे बाहर रह जाता है। इससे चंद्रमा पूरी तरह लाल नजर आता है। यह नारंगी या लाल से लेकर भूरे रंग का भी हो सकता है। तस्‍वीर इजरायल की है।



​सुपरमून क्या होता है? क्‍या है सुपर का अर्थ?
​सुपरमून क्या होता है? क्‍या है सुपर का अर्थ?

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने कहा कि 2021 में अन्य पूर्ण चंद्रमाओं की तुलना में फ्लावर मून पृथ्वी के सबसे निकट पहुंचेगा। जिसके कारण यह वर्ष के सबसे निकटतम और सबसे बड़े पूर्ण चंद्रमा के रूप में दिखाई देगा।पृथ्वी का चक्कर काटते समय ऐसी स्थिति बनती है जब चंद्रमा पृथ्वी के सबसे नजदीक होता है यानी सबसे कम दूरी होती है। इस दौरान कक्षा में करीबी बिंदु से इसकी दूरी करीब 28,000 मील रहती है। इसी घटना को सुपरमून कहा जाता है। चंद्रमा के निकट आ जाने से यह आकार में बड़ा और चमकीला दिखता है। वैसे, सुपरमून और सामान्य चंद्रमा के बीच कोई अंतर निकालना कठिन है जब तक कि दोनों स्थिति की तस्वीरों को किनारे से ना देखें। स्‍लाइड में द‍िख रही तस्‍वीर तुर्की के इस्‍तांबुल शहर की है।





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