जिनेवा अमेरिकी राष्ट्रपति और रूसी राष्ट्रपति के बीच जिनेवा की बैठक के दौरान मानवाधिकार प्रमुख मुद्दा रहा। बाइडन ने इस मुद्दे पर जहां पुतिन को घेरने की कोशिश की, वहीं रूसी राष्ट्रपति ने भी साफ कर दिया कि वह दबने वाले नहीं है। बाइडन ने बैठक के बाद कहा कि वह पुतिन के धुर विरोधी नेता को जेल में डालने जैसे मामलों के बारे में अपनी चिंताओं को उठाते रहेंगे। पुतिन का जवाब- नवलनी जेल के ही लायक इसी का जवाब देते हुए पुतिन ने कहा कि विपक्ष के नेता एलेक्सी नवलनी को जेल की सजा सुनाई गई क्योंकि वह उसके ही लायक थे। पुतिन के कट्टर विरोधी माने जाने वाले नवलनी को जर्मनी से लौटने के बाद जनवरी में गिरफ्तार किया गया था। नवलनी नर्व एजेंट हमले के कारण बीमार पड़ गए थे। उन्होंने इस हमले के लिए क्रेमलिन को जिम्मेदार ठहराया है। हालांकि रूस के अधिकारी इस आरोप को खारिज करते हैं। बाइडन बोले- मानवाधिकार के मुद्दों को उठाते रहेंगे अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा कि उन्होंने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ अपनी बैठक में मानवाधिकारों के मुद्दों पर जोर दिया। इसमें दो अमेरिकियों के मामले शामिल हैं जिनके बारे में बाइडन का कहना है कि उन्हें रूस में गलत तरीके से कैद रखा गया है। बाइडन ने कहा कि वह मूलभूत मानवाधिकारों के मुद्दों के बारे में चिंताओं को उठाते रहेंगे क्योंकि हम ऐसे ही हैं। बुधवार को जिनेवा में पुतिन के साथ करीब चार घंटे की मुलाकात के बाद बाइडन ने यह टिप्पणी की। पुतिन बोले- गिरफ्तार होने के लिए जानबूझकर वापस आए नवलनी जिसके बाद पुतिन ने कहा कि नवलनी को अपनी सजा की शर्तों का उल्लंघन करने के लिए दंड मिलना था और जब वह रूस लौटे तब उन्हें यह पता था कि उन्हें जेल में डाला जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि नवलनी गिरफ्तार होने के लिए जानबूझकर रूस आए। पिछले हफ्ते मास्को की एक अदालत ने नवलनी द्वारा बनाए गए संगठनों को कट्टरपंथी करार देते हुए उन पर प्रतिबंध लगा दिया था।
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