Wednesday, 9 June 2021

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मेलबर्न ऑस्ट्रेलिया में भारत से आने वाले लोगों को एक डिटेंशन कैंप में कैद करने की तैयारी की जा रही है। ऑस्ट्रेलिया की मॉरिशन सरकार को डर है कि भारत से आने वाले लोगों के जरिए कोरोना का अति संक्रामक स्ट्रेन उनके देश आ सकता है। हाल में ही कोरोना के मामले बढ़ने के कारण मेलबर्न में सरकार ने 7 दिनों का लॉकडाउन भी लगाया था। इससे पहले ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने भारत से आने वाले सभी लोगों पर पाबंदी लगाई हुई थी। बाद में पाबंदी में तो ढील दी गई लेकिन वहां से आने वाले लोगों को अनिवार्य रूप से क्वारंटीन किया जा रहा है। वेस्टर्न ऑस्ट्रेलियाई सरकार का फैसला रूसी समाचार एजेंसी स्पूतनिक ने ऑस्ट्रेलियाई राज्य वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया के एक सरकारी प्रवक्ता के हवाले से बताया कि ऑस्ट्रेलिया भारत से लौटने वाले यात्रियों को क्रिसमस द्वीप पर एक हिरासत केंद्र में रखने पर विचार कर रहा है। इस महिला प्रवक्ता ने यह भी कहा कि उनकी राज्य सरकार कई अन्य विकल्पों पर भी विचार कर रही है, जिसमें कॉमनवेल्थ डिटेंशन फैसिलिटी, रॉटनेस्ट द्वीप डिटेंसन फैसिलिटी भी शामिल हैं। इसके अलावा जिन दूसरे स्थानों का सुझाव दिया गया है, उनमें लियरमथ और बुसेलटन एयरपोर्ट, ऑस्ट्रेलियाई वायु सेना बेस पियर्स शामिल हैं। कुख्यात है यह डिटेंशन सेंटर क्रिसमस आइलैंड इमिग्रेशन रिसेप्शन एंड प्रोसेसिंग सेंटर (क्रिसमस आइलैंड IRPC) का निर्माण ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने किया था। इस डिटेंशन सेंटर का उपयोग अवैध प्रवासियों और शरण चाहने वालों को रखने के लिए किया जाता रहा है। यहां रहने वाले अवैध प्रवासियों पर होने वाले अत्याचारों से चिंतित ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने इस डिटेंशन सेंटर को 2018 में हमेशा का लिए बंद कर दिया था। इस सेंटर पर ऑस्ट्रेलियन गार्ड लोगों को अमानवीय परिस्थितियों में रहने के लिए मजबूर करते थे। भारत से आने वाले लोगों पर पाबंदी पर विवादों में थी सरकार प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन की संघीय सरकार ने पिछले महीने भारत से आने वाली उड़ानों पर प्रतिबंध लगा दिया था। यहां तक कि यात्रा प्रतिबंध का उल्लंघन करने वालों को 500,000 डॉलर का जुर्माना और पांच साल की कैद की धमकी दी गई थी। पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के प्रीमियर मार्क मैकगोवन ने पिछले हफ्ते राज्य की संसद को बताया कि उन्होंने भारत में फंसे आस्ट्रेलियाई लोगों के घर वापसी का समर्थन किया है। ऑस्ट्रेलिया में भी वैक्सीनेशन पर केंद्र-राज्य विवाद विक्टोरिया के प्रीमियर ने राज्य में धीमे वैक्सीनेशन के लिए प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन के नेतृत्व वाले कंजरवेटिव केंद्र सरकार को जिम्मेदार बताया है। उन्होंने कहा कि मेलबर्न में लॉकडाउन के लिए स्कॉट मॉरिसन सरकार ही जिम्मेदार है। अगर अधिक संख्या में लोगों को कोरोना वैक्सीन की डोज दी गई होती तो तो हम आज की तुलना में बहुत अलग परिस्थितियों का सामना कर रहे होते, लेकिन दुख की बात है कि ऐसा नहीं हुआ।


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