Thursday, 10 June 2021

https://ift.tt/36CAGd7

अमेरिका में 9/11 हमला करवाकर सैकड़ों लोगों की जान लेने वाले अलकायदा आतंकवादी ओसामा ब‍िन लादेन के खौफ से पूरी दुनिया आज भी कांपती है। आपको पता है कि दुनिया में एक और ओसामा है जिसके कहर से एक देश बेहाल है। यह 'ओसामा' अब तक 80 इंसानों को कच्‍चा चबाकर पचा चुका है और काफी प्रयास के बाद भी मरने को तैयार नहीं है। जी हां यहां बात हो रही है ओसामा घड़‍ियाल की जो युगांडा के लोगों के लिए काल बना हुआ है। करीब 16 फुट लंबे इस घड़‍ियाल की क्रूरता की वजह से ही अफ्रीकी देश युगांडा के लुगांगा गांव के लोगों ने इसका नाम 'ओसामा' रखा है। कई ग्रामीणों का मानना है कि इस घड़‍ियाल के अंदर ओसामा बिना लादेन की आत्‍मा बसी हुई है। इसी वजह से विक्‍टोरिया झील के तट पर बसे लुगांगा गांव के लोग ओसामा से खौफ खाते हैं। आइए जानते हैं ओसामा घड़‍ियाल की पूरी कहानी....

Osama Crocodile Lake Victoria: अफ्रीकी देश युगांडा में 'ओसामा' लुगांगा गांव के लोगों के लिए काल बन गया है। अब तक यह ओसामा 80 लोगों को कच्‍चा चबा चुका है। ओसामा को देखने के लिए दुनियाभर से लोग आ रहे हैं।


Osama Crocodile: अफ्रीका में 80 इंसानों को कच्‍चा चबा गया 'ओसामा', अब भी बना हुआ है 'अमर'

अमेरिका में 9/11 हमला करवाकर सैकड़ों लोगों की जान लेने वाले अलकायदा आतंकवादी ओसामा ब‍िन लादेन के खौफ से पूरी दुनिया आज भी कांपती है। आपको पता है कि दुनिया में एक और ओसामा है जिसके कहर से एक देश बेहाल है। यह 'ओसामा' अब तक 80 इंसानों को कच्‍चा चबाकर पचा चुका है और काफी प्रयास के बाद भी मरने को तैयार नहीं है। जी हां यहां बात हो रही है ओसामा घड़‍ियाल की जो युगांडा के लोगों के लिए काल बना हुआ है। करीब 16 फुट लंबे इस घड़‍ियाल की क्रूरता की वजह से ही अफ्रीकी देश युगांडा के लुगांगा गांव के लोगों ने इसका नाम 'ओसामा' रखा है। कई ग्रामीणों का मानना है कि इस घड़‍ियाल के अंदर ओसामा बिना लादेन की आत्‍मा बसी हुई है। इसी वजह से विक्‍टोरिया झील के तट पर बसे लुगांगा गांव के लोग ओसामा से खौफ खाते हैं। आइए जानते हैं ओसामा घड़‍ियाल की पूरी कहानी....



​ओसामा ने खेली खून की होली, 80 ग्रामीणों को चबाया
​ओसामा ने खेली खून की होली, 80 ग्रामीणों को चबाया

अगर आप एक ऐसे गांव में रहते हैं जिसके तट पर खूबसूरत झील है तो इससे अच्‍छा नजारा और कुछ नहीं हो सकता है। लेकिन अगर इस झील में खतरनाक घड़‍ियाल हो तो आपकी खुशी काफूर हो सकती है। कुछ ऐसा ही हो रहा है युगांडा के लुगांगा गांव के लोगों के साथ। युगांडा की विक्‍टोरिया झील अफ्रीका की सबसे बड़ी झील है और दुनिया में इसका दूसरा स्‍थान है। यह झील अपनी विशालता के लिए कम और ओसामा घड़‍ियाल के खौफ की वजह से ज्‍यादा जानी जाती है। नील नदी में पाया जाने वाला यह 75 साल का घड़‍ियाल अब तक 80 लोगों को कच्‍चा चबा चुका है। पिछले कई सालों से ओसामा लुगांगा गांव में मौत का दूसरा पर्याय बना हुआ है। साल 1991 से लेकर 2005 के बीच ओसामा घड़‍ियाल ने खून की होली खेली और गांव की 1/10 फीसदी आबादी को कच्‍चा चबा डाला। ओसामा के क्रूरता की कई कहानी गांव में प्रचल‍ित है। ओसामा झील से पानी लाने जाने वाले बच्‍चों को झपट्टा मारकर पकड़ लेता और उन्‍हें चबा डालता था। यही नहीं ओसामा मछली पकड़ने जाने वाली नौकाओं के नीचे जानबूझकर जाता था और उसे डूबोकर उसके अंदर बैठे इंसानों को खा जाता था।



​विक्‍टोरिया झील के व‍िशाल घड़‍ियाल का यूं पड़ा 'ओसामा' नाम
​विक्‍टोरिया झील के व‍िशाल घड़‍ियाल का यूं पड़ा 'ओसामा' नाम

इस विशाल घड़‍ियाल की चालाकी, क्रूरता और अजेय क्षमता के कारण गांव के लोगों ने इसे ओसामा बिन लादेन के नाम पर ओसामा बुलाना शुरू कर दिया। कई ग्रामीण तो यहां तक मानते हैं कि यह खुद ओसामा ही है जो घड़‍ियाल के रूप में वहां मौजूद है। एक व्‍यक्ति पॉल ने ओसामा के भीषण हमले को देखा और किसी तरह से जान बचा ली लेकिन उसका भाई इतना सौभाग्‍यशाली नहीं था और वह मारा गया। पॉल ने कहा, 'ओसामा सीधे पानी में से निकला और नाव के ऊपर कूद गया। मैं नाव के पिछले हिस्‍से में बैठा था और वह हिस्‍सा डूब गया। मौत को सामने देख मैंने मदद के लिए गुहार लगाई लेकिन ओसामा मेरे साथी पीटर के पैर को अपने मजबूत जबड़े में कैद कर चुका था और उसे पानी में घसीटने का प्रयास करने लगा। पीटर ओसामा के जबड़ों से निकलने के लिए चिल्‍ला रहा था। दोनों के बीच 5 मिनट तक लड़ाई भी चली लेकिन अंतत: घड़‍ियाल पीटर को पानी में लेकर चला गया।' इस दौरान पीटर बस इतना ही कह सका कि घड़‍ियाल ने उसके पैर को तोड़ दिया है। पॉल ने बताया कि कुछ दिन बाद पीटर का सिर और हाथ हमें मिला।



​50 ग्रामीण, दिन-रात खोज, यूं पकड़ा गया ओसामा
​50 ग्रामीण, दिन-रात खोज, यूं पकड़ा गया ओसामा

ओसामा के खौफ का असर यह था कि कई ग्रामीण उसके डर से रात को उठ जाते थे और भगवान से जान की रक्षा करने की गुहार लगाते थे। उनकी प्रार्थना रंग लाई और वर्ष 2005 में ओसामा को पकड़ने में सफलता हाथ लगी। करीब सात दिनों तक चले खोज अभियान के दौरान ओसामा 50 ग्रामीणों के जाल में फंस गया। इन ग्रामीणों ने गाय के फेफड़ों को खाने लालच दिया और ओसामा उनकी पकड़ में आ गया। इसके बाद ग्रामीणों ने उसे मजबूत रस्‍सी की मदद से बांधा और पिकअप पर लाद दिया। हालांकि यही पर ओसामा की कहानी खत्‍म नहीं हो गई। ग्रामीण उसे तत्‍काल मार डालना चाहते थे लेकिन युगांडा में इसकी अनुमति नहीं है। अधिकारियों ने कहा कि ओसामा को भी जीने का अधिकार है और उसे दंड के रूप में मारा नहीं जा सकता है। इसके बजाय इस दैत्‍याकार जीव को युगांडा के घड़‍ियाल प्रजनन केंद्र को दे दिया गया। उन्‍हें उम्‍मीद थी कि इस घड़‍ियाल से कई विशालकाय घड़‍ियाल पैदा होंगे और उनके चमड़े को हैंडबैग बनाने के लिए इटली और दक्षिण कोरिया को निर्यात किया जा सकेगा। ओसामा के आने के बाद से अब प्रजनन केंद्र पर पर्यटकों का ताता लगा रहता है। यहां पर अभी 5000 घड़‍ियाल हैं जो अपनी हत्‍या का इंतजार कर रहे हैं।





from World News in Hindi, दुनिया न्यूज़, International News Headlines in Hindi, दुनिया समाचार, दुनिया खबरें, विश्व समाचार | Navbharat Times https://ift.tt/3zgjsOV
via IFTTT

No comments:

Post a Comment

https://ift.tt/36CAGd7

रियाद सऊदी अरब के नेतृत्‍व में गठबंधन सेना ने यमन की राजधानी सना में हूती विद्रोहियों के एक शिविर को हवाई हमला करके तबाह कर दिया है। सऊदी...