रोसेउ भारतीय बैंकों से फर्जीवाड़ा करके फरार हुए व्यापारी की नागरिकता भारत की है और नागरिकता छोड़ने के आवेदन को खारिज कर दिया गया था। यह बात भारतीय अथॉरिटीज ने डोमिनिका हाई कोर्ट को दिए ऐफिडेविट में कही है। उनका कहना है कि चोकसी का नागरिकता कानून 1955 के तहत से नागरिकता छोड़ने का दावा गलत है। ऐफिडेविट में कहा गया है कि चोकसी के दावे बोगस हैं और वह अभी भी भारतीय नागरिक है। इसमें बताया गया है कि नागरिकता छोड़ने का दावा भारतीय कानून से उलट है और गलत है। ऐफिडेविट में कहा गया है कि भारत ने ऐंटीगा ऐंड बारबूडा सरकार के सामने नागरिकता रद्द करने का मुद्दा उठाया है क्योंकि उसे नागरिकता गलत आधार पर मिली है। यह ऐफिडेविट कॉन्सुलर ऑफिस ने भारतीय उच्चायोग में फाइल किया है। इसमें कहा गया है कि चोकसी भारत में किए गए अपराधों की जांच के लिए भारतीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों की लिस्ट में वॉन्टेड है। PNB घोटाले केस की जांच कर रही CBI ने भी डोमिनिका कोर्ट में चोकसी की जमानत याचिका का विरोध करते हुए ऐफिडेविट फाइल किया है। ऐफिडेविट में कहा गया है कि कई कंपनियों के पीछे चोकसी मास्टरमाइंड है और उसने दूसरों के साथ मिलकर गलत तरीके से पैसे हासिल किए। CBI ने कोर्ट को बताया है कि भारतीय सरकार की शिकायत पर इंटरपोल ने भी रेड नोटिस जारी किया है। डोमिनिका हाई कोर्ट ने चोकसी की जमानत याचिका रद्द कर दी है।
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