Tuesday, 8 June 2021

https://ift.tt/36CAGd7

पेइचिंग भारत-चीन सीमा पर गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद से लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल पर असहज शांति बनी हुई है। सीमा से सैनिकों को हटाने के लिए दोनों देशों के बीच सैन्य और कूटनीतिक स्तर पर कई दौर की बातचीत भी हो चुकी है। इसके बाद भी भारत-चीन सीमा पर कई ऐसे पॉइंट्स मौजूद हैं, जहां जहां दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने डटी हुई हैं। उधर, लद्दाख के इस अशांत इलाके में जैसे-जैसे बर्फ पिघल रही है, वैसे-वैसे चीनी सेना अपनी मौजूदगी बढ़ा रही है। लद्दाख में अभी भी शांति के आसार नहीं पिछले साल ठंड की शुरूआत में दोनों देशों की सेनाओं ने कोर कमांडर मीटिंग में बनी सहमति के बाद पैंगोंग त्सो झील के दोनों किनारों से अपने-अपने सैनिकों को हटा लिया था। इस झील के दक्षिणी किनारे पर भारतीय सेना को महत्वपूर्ण रणनीतिक बढ़त हासिल थी। भारत ने तब उम्मीद की थी कि शायद चीन गोगरा-हॉटस्प्रिंग, डेपसांग और डोकलाम से अपने सैनिकों को वापस बुला ले, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। चीन अब भी नए-नए हथियारों की तैनाती कर भारत को उकसाने का काम कर रहा है। सीमा पर दोनों देश कर रहे हथियारों की तैनाती यही कारण है कि चीन की संदिग्ध हरकतों को देखकर भारत ने भी सीमा पर नए नए हथियारों की तैनाती शुरू कर दी है। भारतीय सेना लद्दाख के ऊंचाई वाले इलाकों में चीन से निपटने के लिए रूस में बने लाइटवेट Sprut-SD टैंक को खरीदने पर विचार कर रही है। इतना ही नहीं, इजरायल से खरीदे गए चार हेरोन टीपी ड्रोन को भी एलएसी से एलओसी तक की निगरानी के लिए तैनात किया जाएगा। कितना खतरनाक है रूस का Sprut-SD टैंक रूस का Sprut-SD टैंक वजन में काफी हल्का है। इस कारण स्प्रूट टैंक को पहाड़ी इलाकों में आसानी से पहुंचाया जा सकता है। हल्का होने के बावजूद इस टैंक की मारक क्षमता काफी ज्यादा है। इसमें 125 एमएम की गन लगी हुई है, जिसे रिमोट कंट्रोल के जरिए ऑपरेट किया जा सकता है। इसके अलावा इस टैंक में 7.62 एमएम की मशीन गन और 7.62 एमएम की क्वाएक्सल मशीनगन भी लगी है। पानी और जमीन पर चलने वाला यह टैंक 7 किमी दूर तक सटीक निशाना साध सकता है। हेरोन ड्रोन की भी तैनाती करेगा भारत भारत इजरायल से मिलने वाले ध्यम ऊंचाई तक उड़ने वाले चार हेरोन ड्रोन की भी लद्दाख सीमा पर तैनाती कर सकता है। ये ड्रोन करीब 45 घंटे तक 35 हजार फुट की ऊंचाई तक उड़ने में सक्षम हैं। हेरोन टीपी ड्रोन स्वचालित टैक्सी टेक-ऑफ एवं लैंडिंग (एटीओएल) और उपग्रह संचार (सैटकॉम) से लैस हैं। ड्रोन में लंबी रेंज वाले निगरानी कैमरे तथा अन्य अत्याधुनिक उपकरण भी लगाए गए हैं। चीन ने तैनात किया PCL-181 भारतीय सेना ने दक्षिण कोरिया की तकनीकी पर बनी के-9 वज्र सेल्फ प्रोपेल्ड होवित्जर की लद्दाख में तैनाती की है। चीन ने भी इसके जवाब में पहले से ही 155 एमएम कैलिबर की PCL-181 सेल्फ प्रोपेल्ड होवित्जर तैनात कर रखा है। चीनी मीडिया का दावा है कि कुछ दिनों पहले इसके भी एक उन्नत संस्करण को लद्दाख के पास तैनात किया गया है। यह होवित्जर 122 मिमी-कैलिबर का बताया जा रहा है। K9 वज्र सेना के तोपखाने में शामिल पहली सेल्फ प्रोपेल्ड गन है। यानी इसे ढोने के लिए किसी दूसरे वाहन की जरूरत नहीं पड़ती। यह खुद एक जगह से दूसरी जगह जा सकती है। यह कमजोर जमीन पर धंसती नहीं है और टैंक के साथ-साथ आगे बढ़ती है। 155 एमएम/52 कैलिबर की यह तोप 30 सेकंड में तीन गोले दाग सकती है। इसकी रेंज 38 किलोमीटर तक है। भारत के पिनाका के सामने चीन का PHL-03 रॉकेट लॉन्चर चीन ने एलएसी पर PHL-03 लॉन्ग-रेंज मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम को तैनात किया है। चीनी मीडिया सीसीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, नए PHL-03 मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर्स की 10 यूनिट को लद्दाख के नजदीक तैनाती की गई है। इसके प्रत्येक यूनिट में चार क्रू मेंबर शामिल हैं। इसमें 300 एमएम के 12 लॉन्चर ट्यूब लगे हुए हैं। जबकि, इसके जवाब में भारत की तरफ से पिनाका मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम को तैनात किया गया है। पिनाका मूल रूप से मल्‍टी-बैरल रॉकेट सिस्‍टम है। इससे सिर्फ 44 सेकेंड्स में 12 रॉकेट दागे जा सकते हैं। चीनी लाइट टैंक के सामने भारत का भीष्म चीन ने लद्दाख में टाइप-15 लाइट टैंक को तैनात किया हुआ है। ये टैंक पठारी क्षेत्रों में तेजी से प्रतिक्रिया कर लड़ाई को घातक बना सकते हैं। शिनजियांग और तिब्बत दोनों सैन्य कमान अब इन हल्के टैंकों का संचालन कर रहे हैं। भारत ने लद्दाख में जिन T-90 टैंकों की तैनाती की हैं, वे मूल रूस से रूस में बने हैं। भारत टैंकों का तीसरा सबसे बड़ा ऑपरेटर है। उसके बेड़े में करीब साढ़े 4 हजार टैंक (T-90 और उसके वैरियंट्स, T-72 और अर्जुन) हैं। भारत में इन टैंकों को 'भीष्‍म' नाम दिया गया है।


from World News in Hindi, दुनिया न्यूज़, International News Headlines in Hindi, दुनिया समाचार, दुनिया खबरें, विश्व समाचार | Navbharat Times https://ift.tt/3g2Bgpb
via IFTTT

No comments:

Post a Comment

https://ift.tt/36CAGd7

रियाद सऊदी अरब के नेतृत्‍व में गठबंधन सेना ने यमन की राजधानी सना में हूती विद्रोहियों के एक शिविर को हवाई हमला करके तबाह कर दिया है। सऊदी...