Saturday, 19 June 2021

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वॉशिंगटन अमेरिका ने चीन और रूस से बढ़ते तनाव को देखते हुए भविष्य में होने वाले युद्धों की तैयारियां शुरू कर दी है। अपने देश और रणनीतिक ठिकानों की सुरक्षा के लिए अमेरिका ने अंतरिक्ष में भी हथियार तैनात करने का फैसला किया है। यूएस स्पेस फोर्स (USSF) ने ऐलान किया है कि वह अंतरिक्ष में डायरेक्ट एनर्जी वेपन्स को एक्टिवेट करने के लिए काम कर रहा है। यह हथियार इतना खतरनाक होगा कि पलक झपकते ही किसी भी देश के सैटेलाइट को उड़ा देगा। इतना ही नहीं, इनमें से कई तो धरती के किसी भी कोने में हमला करने में सक्षम होंगे। यूएस स्पेस ऑपरेशन चीफ ने किया खुलासा अमेरिकी संसद के हाउस और सीनेट की आर्म्ड सर्विसेज कमेटीज के सामने बजट चर्चा के लिए पेश हुए स्पेस ऑपरेशंस के प्रमुख जनरल जे रेमंड ने बुधवार की सुनवाई के दौरान इसका खुलासा किया। इस बैठक में शामिल अमेरिकी रिप्रजेंटेटिव जिम लैंगविन ने पूछा कि क्या यूएसएसएफ अमेरिकी उपग्रहों के लिए निर्देशित-ऊर्जा प्रणाली (डायरेक्ट एनर्जी वेपन्स) विकसित कर रहा है? इसे जवाब में जनरल जे रेमंड ने कहा ''हां सर, हम कर रहे हैं।" अमेरिकी सांसदों को अंतरिक्ष रेस के बारे में बताया जनरल रेमंड ने अमेरिकी सांसदों से कहा कि अंतरिक्ष लंबे समय से अमेरिकी आर्थिक और सैन्य सफलता की कुंजी रहा है। पिछले तीन दशकों से, हम उस पहुंच और स्वतंत्रता को स्वीकार करने में सक्षम हैं। दुर्भाग्य से, राष्ट्रीय रक्षा रणनीति और नए अंतरिम राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति में इस बात का खुलासा हुआ है कि ऐसा ज्यादा दिनों तक नहीं चलने वाला है। उन्होंने दावा किया कि रूस और चीन अपनी खुद की अंतरिक्ष क्षमताओं का तेजी से विकास कर रहे हैं। चीन और रूस की बढ़ती ताकत से डरा अमेरिका? यूएस स्पेस फोर्स के चीफ ने यह भी दावा किया कि चीन और रूस भी अंतरिक्ष में डायरेक्ट एनर्जी वेपन्स को तैनात कर रहे हैं। ये हथियार हमारे सैटेलाइट्स को अंधा, बाधित या नुकसान पहुंचा सकते हैं। इनके अंतरिक्ष में एंटी-सैटेलाइट हथियार अमेरिकी सैटेलाइटों को नष्ट करने के लिए ही डिजाइन किए गए हैं। इनकी साइबर क्षमताएं हमारी ही सैटेलाइटों को डोमेन तक हमारी पहुंच को बाधित कर सकती हैं। सैन्य बजट पर चर्चा कर रही संसदीय कमेटी इस सुनवाई के दौरान अमेरिकी संसद के दोनों सदनों की आर्म्ड कमेटियों ने एयरफोर्स और उसके सभी विभागों से उनकी रणनीतिक और बजटीय प्राथमिकताओं के बारे में पूछा था। एक दिन पहले ही इसी कमेटी के सामने अमेरिका वायु सेना के चीफ ऑफ स्टाफ जनरल चार्ल्स क्यू ब्राउन जूनियर पेश हुए थे। इस दौरान उन्होंने अमेरिका के छठवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान को लेकर बड़ा खुलासा किया था। छठवीं पीढ़ी का मल्टीरोल लड़ाकू विमान अमेरिकी वायु सेना के लॉकहीड मार्टिन एफ-22 रैप्टर विमानों की जगह लेगा।


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