Saturday, 19 June 2021

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लंदन दुनियाभर में सबसे पहले कोविड वैक्सीनेशन शुरू करने वाले ने तबाही मचाई हुई है। ब्रिटेन के वैक्सीनेशन प्रोग्राम से जुड़े एक शीर्ष विशेषज्ञ ने दावा किया है कि कोविड-19 के अत्यधिक संक्रामक डेल्टा वैरियंट के काऱण ब्रिटेन कोरोना वायरस की तीसरी लहर से जूझ रहा है। पिछले 24 घंटे में ब्रिटेन में 10000 से ज्यादा कोरोना वायरस के नए मामले मिले हैं। जिसके बाद की आशंका से लोग परेशान है। बता दें कि ब्रिटेन में 80.6 फीसदी वयस्क आबादी को कोरोना वैक्सीन लगाई जा चुकी है। वैक्सीन और डेल्टा वैरियंट के बीच कड़ा मुकाबला टीकाकरण एवं प्रतिरक्षण पर संयुक्त समिति (जेसीवीआई)को सलाह देने वाले प्रोफेसर एडम फिन ने बीबीसी से कहा कि देश में अब टीकों और कोविड-19 के डेल्टा वैरियंट के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा चल रही है। प्रोफेसर फिन ने कहा कि यह फैलता जा रहा है, शायद हम कुछ आशावादी हो सकते हैं कि यह तेजी से नहीं फैल रहा है, लेकिन फिर भी यह फैल रहा है। इस तरह, निश्चित तौर पर तीसरी लहर जारी है। बुजुर्गों को बचाने के लिए वैक्सीनेशन पर जोर दे रहा ब्रिटेन उन्होंने कहा कि हम इस निष्कर्ष पर पहुंच सकते हैं कि टीकाकरण कार्यक्रम, खासतौर पर वृद्ध लोगों को दूसरी खुराक देने, और डेल्टा स्परूप के तीसरी लहर के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा चल रही है। जितनी जल्द हम बुजुर्ग लोगों को दूसरी खुराक दे देंगे, इस बार हम अस्पताल में उतनी कम संख्या में लोगों को भर्ती होते देखेंगे। ब्रिटेन में डेल्टा वैरियंट बरपा रहा कहर राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के नवीनतम आंकड़ों से यह प्रदर्शित होता है कि प्रत्येक 540 संक्रमितों में एक मरीज डेल्टा स्वरूप से संक्रमित है जो देश में अब सबसे तेजी से फैलने वाला वायरस का स्वरूप बन गया है। पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड के नवीनतम आंकड़ों के मुताबिक टीके की एक खुराक किसी व्यक्ति के कोरोना वायरस से संक्रमित होने और अस्पताल में इलाज कराने की की संभावना,यहां तक कि डेल्टा स्वरूप से संक्रमित होने की स्थिति में भी, 75 प्रतिशत घटा देती है।साथ ही , टीके की दोनों खुराक ले चुके लोगों के कोरोना वायरस से संक्रमित होने और अस्पताल में भर्ती होने की संभावना 90 प्रतिशत से अधिक घट जाती है। भारत में 6 से 8 हफ्तों में कोरोना की तीसरी लहर? एम्स के डायरेक्टर डॉ. रणदीप गुलेरिया ने चेतावनी दी है कि अगर कोविड प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया तो अगले 6 से 8 हफ्तों के बीच देश में कोरोना की तीसरी लहर आ सकती है। गुलेरिया ने कहा कि जब तक बड़ी संख्या में आबादी का टीकाकरण नहीं हो जाता, तब तक लोग आक्रामक तरीके से कोरोना से बचाव के नियमों का पालन करें। उन्होंने संक्रमण के मामलों में बड़ी वृद्धि होने पर कड़ी निगरानी और क्षेत्र-विशेष में लॉकडाउन की आवश्यकता पर जोर दिया। गुलेरिया ने दोहराया कि अब तक इस बात का कोई सबूत नहीं है कि संक्रमण की अगली लहर में बच्चे अधिक प्रभावित होंगे। कोरोना की दूसरी लहर ने भारत में मचाई थी तबाही भारत अप्रैल और मई में कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर से बुरी तरह प्रभावित हुआ था, जिसमें प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों की जानें गई थीं और विभिन्न अस्पतालों में ऑक्सीजन की आपूर्ति में कमी के कारण संकट बढ़ गया था। हालांकि, अब संक्रमण के मामलों की संख्या में गिरावट देखी गई है और संक्रमण दर भी पिछले कई दिनों से घट रही है। कोविड-19 के प्रतिदिन सामने आने वाले मामले जो करीब चार लाख हो गए थे अब ये कम होकर 60,000 के आसपास हो गए हैं। अब रोजाना घट रहें हैं कोरोना के नए मामले केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा शनिवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, देश में एक दिन में कोविड-19 के 60,753 नए मामले आने के बाद संक्रमण के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 2,98,23,546 हो गयी जबकि उपचाराधीन मरीजों की संख्या घटकर 7,60,019 हो गयी है जो 74 दिनों में सबसे कम है। मंत्रालय द्वारा सुबह सुबह आठ बजे तक जारी आंकड़ों के अनुसार, 1,647 और लोगों के जान गंवाने से मृतकों की संख्या 3,85,137 हो गयी है। उपचाराधीन मरीजों की संख्या संक्रमण के कुल मामलों का 2.55 प्रतिशत है जबकि कोविड-19 से स्वस्थ होने वाले लोगों की राष्ट्रीय दर 96.16 प्रतिशत है।


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