Friday, 18 June 2021

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जिनेवा ने कोरोना वायरस के डेल्टा वैरियंट को लेकर चेतावनी जारी की है। डब्लूएचओ ने बताया है कि भारत में सबसे पहले मिले कोरोना का डेल्टा वैरियंट अब पूरी दुनिया में इस बीमारी का सबसे बड़ा कारण बन गया है। डब्लूएचओ की चीफ साइंटिस्ट डॉ ने कहा कि डेल्टा वैरियंट अपनी बढ़ी हुई संक्रामक क्षमता के साथ विश्व स्तर पर कोरोना फैलाने के लिए जिम्मेदार बनता जा रहा है। इस वैरियंट के कारण अब दुनियाभर में का अंदेशा जताया जा रहा है। डब्लूएचओ ने वैक्सीन की प्रभावशीलता पर भी दुख जताया डॉ स्वामीनाथन ने डब्ल्यूएचओ के प्रभावकारिता मानक को पूरा करने में क्योरवैक (5CV.DE) वैक्सीन की असफलता पर भी निराशा जाहिर की। उन्होंने कहा कि इस अत्यधिक ट्रांसमिसिबल वेरिएंट के लिए अधिक शक्तिशाली वैक्सीन का जरूरत है। जर्मनी की यह वैक्सीन डब्लूएचओ के 50 फीसदी सफल रहने के बैंचमार्क को भी पार नहीं कर सकी। क्लिनिकल ट्रायल के दौरान इस वैक्सीन की प्रभावशीलता केवल 47 फीसदी ही आंकी गई। कई देशों में डेल्टा वैरियंट ने मचाई तबाही भारत के अलावा ब्रिटेन, अमेरिका, रूस और सिंगापुर समेत दुनियाभर के कई देशों में डेल्टा वैरियंट ने तबाही मचाई हुई है। ब्रिटेन के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना के डेल्टा वैरियंट को लेकर चेतावनी जारी की है। वहीं जर्मनी के शीर्ष सार्वजनिक स्वास्थ्य अधिकारी ने भविष्यवाणी की है कि वैक्सीनेशन के बावजूद यह वैरियंट तबाही मचा सकता है। रूस में भी आज कोरोना के रिकॉर्ड 9000 केस पाए गए हैं। इसी कारण दुनिया में अब कोरोना के तीसरी लहर की आशंका जताई जा रही है। अमेरिकी सीडीसी ने भी डेल्टा वैरियंट को लेकर दी चेतावनी अमेरिका स्थित सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के निदेशक रोशेल वालेंस्की ने कहा है कि उन्हें आशंका है कि कोरोना वायरस के डेल्टा स्वरूप के संक्रमण की प्रबलता रहेगी। वालेंस्की ने शुक्रवार को कहा कि इस डेल्टा स्वरूप के अधिक संक्रामक होने के चलते, इसको लेकर चिंता है, हमारे टीके कारगर हैं। उन्होंने अमेरिकियों को टीका लगवाने के लिए प्रोत्साहित किया और कहा कि ‘‘आप इस डेल्टा स्वरूप से सुरक्षित रहेंगे।वालेंस्की ने कहा कि अगले हफ्ते एक सलाहकार समिति 30 साल से कम उम्र के लगभग 300 लोगों में ह्रदय में शोध होने की रिपोर्ट पर गौर करेगी, जिन्होंने कोरोना वायरस का टीका लिया था। बेहद घातक है कोरोना का डेल्टा वैरियंट कोरोना वायरस के डेल्टा वैरियंट को वैज्ञानिक भाषा में B.1.617.2 के नाम से जाना जाता है। यह अबतक का सबसे अधिक संक्रामक वैरियंट साबित हुए हैं। इस वैरियंट से मरीजों में सुनने में दिक्कत, गंभीर गैस्ट्रिक बीमारी और ब्लड के थक्के, गैंगरीन समेत कई लक्षण दिखाई दे रहे हैं। डेल्टा, ज (B.1.617.2) के नाम से भी जाना जाता है। पिछले छह महीनों में 60 से अधिक देशों में फैल गया है और ऑस्ट्रेलिया से लेकर अमेरिका तक ने यात्रा प्रतिबंधों को और कड़ा किया है। वैज्ञानिकों ने डेल्टा वैरिएंट को बताया 'नया दुश्मन' देश भर में मरीजों का इलाज कर रहे छह डॉक्टरों के अनुसार, पेट दर्द, मितली, उल्टी, भूख न लगना, सुनने की क्षमता और जोड़ों में दर्द उन बीमारियों में शामिल हैं, जिनका कोविड रोगी सामना कर रहे हैं। पिछले महीने न्यू साउथ वेल्स विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं की ओर से किए गए एक रिसर्च के अनुसार, बीटा और गामा वेरिएंट- पहली बार क्रमशः दक्षिण अफ्रीका और ब्राजील में पाए गए थे।


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