वॉशिंगटन अमेरिकी स्पेस एजेंसी का InSight लैंडर मंगल ग्रह पर ढाई साल से ज्यादा बिता चुका है। अब इसकी हालत धीरे-धीरे बिगड़ती जा रही है। दरअसल, इसके ऊपर मंगल की धूल जमा होने लगी है। लैंडर में लगे सोलर पैनल्स के ऊपर धूल जमा होने से इसका पावर जनरेशन कम होता जा रहा है। इससे मिशन पर खतरा पैदा हो गया है जिसे 2022 के आखिर तक चलना था। यह लैंडर मंगल की सीज्मिक ऐक्टिविटी का डेटा इकट्ठा कर रहा था। हालांकि, अब पावर की कमी की वजह से इसे पहले ही खत्म करना पड़ सकता है। साल 2018 में लैंड होने के बाद से यह हर घंटे 5000 वॉट बिजली पैदा कर रहा था जो अब 700 वॉट रह गई है। टीम को उम्मीद थी कि हवाएं चलने से धूल हट भी जाएगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। टीम ने इसे लैंडर के रोबॉटिक आर्म से हटाने की कोशिश भी की जिससे थोड़ा पावर जनरेशन बढ़ा लेकिन वह काफी नहीं था। मंगल सूरज से दूर भी जा रहा है जिससे सौर ऊर्जा में कमी भी आएगी। यह दो महीने तक रहेगा और इसके बाद ऊर्जा बढ़ने की उम्मीद है। झेल पाएगा सर्द रातें? ऊर्जा की कम खपत के लिए लैंडर के कुछ काम बंद भी कर दिए गए हैं। साइंटिफिक ऑपरेशन्स रुकने से लैंडर इतनी ऊर्जा बचा पाएगा जिससे वह खुद को मंगल की सर्दीली रातों में गर्म रख सके। रात के वक्त यहां तापमान -130 डिग्री फाहरेनहाइट (-90 डिग्री सेल्सियस) से भी कम हो सकता है। साल 2018 में Elysium Planitia नाम की जगह पर लैंड हुए InSight लैंडर ने 500 भूकंपों को डिटेक्ट किया, 10 हजार से ज्यादा धूल के तूफान देखे और लाल ग्रह की कोर को भी नापना शुरू कर दिया था।
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