पेइचिंग पूर्वी लद्दाख के गलवान घाटी में भारतीय जवानों पर घात लगाकर हमला करने वाले चीनी ड्रैगन ने अब इस घटना का एक अब तक का अनदेखा वीडियो जारी किया है। करीब 48 सेकंड के इस वीडिया में नजर आ रहा है कि गलवान नदी के जमा देने वाले पानी में भारतीय जवान मोर्चा संभाले हुए हैं और चीनी सेना के पत्थरबाजी का करारा जवाब दे रहे हैं। इस वीडियो में दोनों देशों के सैनिकों के बीच आमने-सामने की जंग भी दिख रही है। चीन के टीवी चैनल पर दिखाए गए वीडियो में गलवान हिंसा में मारे गए पीएलए जवान के परिवार से बातचीत की गई है। इसी दौरान चीन ने गलवान हिंसा के अब तक अनदेखे रहे वीडियो फुटेज को भी जारी किया है। वीडियो में नजर आ रहा है कि भारत और चीन की सेना के बीच जोरदार झड़प और पत्थरबाजी हुई थी। वीडियो के एक हिस्से में दिखाई दे रहा है कि कुछ चीनी सैनिक गलवान नदी की तेज धारा में खुद को संभाल नहीं पाए और बह गए। चीनी सेना के सामने डटे भारतीय जवान चीनी सैनिक ऊंचाई वाली जगह पर खड़े हैं और गलवान घाटी में पानी के बीच खड़े भारतीय जवानों पर पत्थर बरसा रहे हैं। इस वीडियो में हिंसा की रात के भी कुछ दृश्य दिखाए गए हैं। वीडियो में नजर आ रहा है कि लाठी और धारधार हथियारों से लैस चीनी सेना के सामने भारतीय जवान डटे हुए हैं। वीडियो देखकर यह लग रहा है कि भारतीय जवानों ने बहुत कठिन परिस्थितियों में चीनी सेना को करारा जवाब दिया। चीन ने पहले दावा किया था कि 15 जून की रात को हुई इस हिंसा में उसके 4 सैनिक मारे गए लेकिन बाद में उसने इसकी संख्या को बढ़ाकर 5 कर दिया था। खुफिया अनुमानों के मुताबिक 40 से 45 चीनी सैनिक इस हिंसा में मारे गए थे। वहीं भारत के भी 20 जवान गलवान हिंसा में शहीद हो गए थे। गलवान घाटी में चीन के सैनिकों ने घात लगाकर भारत के सैनिकों पर कटीले रॉड से हमला किया था। चीनी सेना ने भारतीय सेना पर पहले हुए समझौते की शर्तो के उल्लंघन का भी आरोप लगाया था। 'एक इंच हारने के बजाय अपने जीवन का बलिदान देंगे' चीन की सेना ने पिछले दिनों गलवान घाटी में भारतीय जवानों के हाथों मारे गए सैनिकों को श्रद्धांजलि दी और एक वीडियो भी जारी किया था। चीन ने मारे गए सैनिकों के नाम भी बताए थे। ये हैं-चेन होंगजून, चेन शिआंगरोंग, शियाओ सियुआन, वांग झुओरान। चीनी सेना ने कहा कि इन सैनिकों ने राष्ट्रीय संप्रभुता और अपनी जमीन की रक्षा करते हुए जान दे दी। मारे गए चीनी सैनिकों में एक बटैलियन कमांडर और तीन सैनिक थे। संघर्ष के दौरान चीनी सेना का रेजिमेंटल कमांडर गंभीर रूप से घायल हो गया था। भारत के वीर जवानों के हाथों बुरी तरह मार खाए अपने पीएलए शिनजियांग मिलिट्री कमांड के रेजिमेंटल कमांडर क्यूई फैबाओ ने पिछले दिनों शेखी बघारते हुए कहा था कि अगर सेना की तुलना एक तेज तलवार से की जाती है, तो सैनिकों का साहस और सीधापन तलवार की धार है। हम बलिदान से नहीं डरते हैं और हमने हमेशा इस विश्वास को कायम रखा है कि हम हमारे क्षेत्र का एक इंच हारने के बजाय अपने जीवन का बलिदान देंगे।
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