Thursday, 2 September 2021

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कैलिफोर्निया ब्लैक होल के बारे में ज्यादातर जानकारियां थिअरीज के आधार पर ही हमें मिली हैं। अब इसकी एक तस्वीर ली गई है और वैज्ञानिक कंप्यूटर मॉडल और सिम्यूलेशन की मदद से इनके बारे में डीटेल खोजने की कोशिश करते हैं। ऐसा ही एक नया सिम्यूलेशन सामने आया है जिसमें एक आसपास के मैटर को खाता हुआ दिख रहा है। उम्मीद की जा रही है कि ऐसे सिम्यूलेशन के जरिए इनकी उत्पत्ति को भी समझा जा सकेगा। मैटर आता कैसे है? ताजा वीडियो नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स ने तैयार किया है। स्टडी के लीड लेखक क्लॉड आंद्रे का कहना है कि महाविशाल ब्लैक होल्स को समझना बहुत मुश्किल होता है क्योंकि सबसे बड़ा सवाल यह रहता है कि इतना सारा मैटर कम स्पेस में कैसे आता है। अभी तक इसे गैलेक्सी में मैटर के जुटने से जोड़कर देखा जाता रहा है। महाविशाल ब्लैक होल महाविशाल ब्लैक होल का द्रव्यमान हमारे सूरज से करोड़ों-अरबों साल ज्यादा हो सकता है। इनके जिंदा रहने के लिए गैस का लगातार फ्लो बना रहना चाहिए। इनके विकास को समझने के लिए यह समझना जरूरी है कि गैस इन तक कैसे पहुंचती है। नए सिम्यूलेशन में इसे देखा गया है। ब्रह्मांड के विस्तार, ग्रैविटी के असर, सितारों से निकलने वाली हवा, सुपरनोवा विस्फोट और गैलेक्सी के पर्यावरण से इसमें मदद मिलती है। क्लॉड का कहना है कि सिम्यूलेशन से यह पता चलता है कि गैलेक्सी में स्पाइरल आर्म जैसे ढांचे गुरुत्वाकर्षण बलों का इस्तेमाल गैस पर ब्रेक लगाने के लिए कहते हैं, वरना ये हमेशा गैलेक्सी के केंद्र का चक्कर काटती रहेंगी। इस ब्रेक लगाने की वजह से गैस ब्लैक होल में चली जाती है।


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