Wednesday, 22 September 2021

https://ift.tt/36CAGd7

यमन के रेगिस्तान के बीच मौजूद है एक ऐसा 'कुआं' जिसने वैज्ञानिकों को लंबे वक्त से उलझा रखा था। यमन के बरहूत में स्थित इस कुएं को 'नरक का रास्ता' तक कहा जाने लगा। अब ओमान की 8 लोगों की एक टीम इसके तले में उतरी है और देखा है कि आखिर इस रहस्यमय गड्ढे में है क्या। कहा जाता रहा कि यहां शैतानों को कैद किया जाता था। यहां तक कहा जाता है कि इसके अंदर जिन और भूत रहते हैं। स्थानीय लोग तो इसके करीब जाना दूर, इसके बारे में बात करने से भी कतराते हैं। उन्हें डर है कि इससे उनके साथ बुरा होने लगेगा। हालांकि, जाहिर है गड्ढे के अंदर ऐसा कुछ भी सुपरनैचरल नहीं मिला। हां, बड़ी संख्या में सांप और गुफाओं वाले मोती जरूर मिले।

इस गड्ढे में ज्यादा गहराई तक रोशनी नहीं जाती है। वीडियोग्राफर्स के लिए इसके अंदर की तस्वीरें लेना मुश्किल रहा है। आसपास के इलाकों में कहा जाता है कि इसके करीब जाने वाली चीज अंदर खिंची चली जाती है।


Well of Hell: यमन में 'नरक के गड्ढे' में पहली बार उतरे वैज्ञानिक तो सामने आया 'भूत-शैतानों' का सच

यमन के रेगिस्तान के बीच मौजूद है एक ऐसा 'कुआं' जिसने वैज्ञानिकों को लंबे वक्त से उलझा रखा था। यमन के बरहूत में स्थित इस कुएं को 'नरक का रास्ता' तक कहा जाने लगा। अब ओमान की 8 लोगों की एक टीम इसके तले में उतरी है और देखा है कि आखिर इस रहस्यमय गड्ढे में है क्या। कहा जाता रहा कि यहां शैतानों को कैद किया जाता था। यहां तक कहा जाता है कि इसके अंदर जिन और भूत रहते हैं। स्थानीय लोग तो इसके करीब जाना दूर, इसके बारे में बात करने से भी कतराते हैं। उन्हें डर है कि इससे उनके साथ बुरा होने लगेगा। हालांकि, जाहिर है गड्ढे के अंदर ऐसा कुछ भी सुपरनैचरल नहीं मिला। हां, बड़ी संख्या में सांप और गुफाओं वाले मोती जरूर मिले।



पहली बार उतरे वैज्ञानिक
पहली बार उतरे वैज्ञानिक

ओमान के करीब मिला यह गड्ढा 30 मीटर चौड़ा और 100-250 मीटर गहरा है। यमन के अधिकारी लंबे वक्त तक सोचते रहे कि इस विशाल गड्ढे के तले में आखिर है क्या। ओमान केव एक्सप्लोरेशन टीम (OCET) इस गड्ढे में नीचे उतरी और यहां बड़ी संख्या में सांप पाए गए। इनके अलावा कुछ मरे हुए जानवर और गुफाओं के मोती भी पाए गए। ओमान की जर्मन यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नॉलजी के जियॉलजी प्रफेसर मोहम्मद अल किंदी ने बताया कि यहां सांप जरूर थे लेकिन उन्हें आप परेशान न करें, तो वे कुछ नहीं करते।



गड्ढे के अंदर क्या मिला?
गड्ढे के अंदर क्या मिला?

यहां की गुफा की दीवारों पर दिलचस्प बनावटें दिखी हैं और ग्रे और हरे रंग के मोती मिले हैं जो बहते पानी से बने हैं। किंदी ने बताया है कि यहां से पानी, चट्टान, मिट्टी और कुछ मृत जानवर भी मिले हैं जिनका अनैलेसिस करना अभी बाकी है। उन्होंने बताया कि गड्ढे के अंदर मरी हुई चिड़िया पाई गईं जिनसे खराब गंध आ रही थी लेकिन कुछ बहुत अलग गंध नहीं पाई गई। माहरा के जियॉलजिकल सर्वे और मिनरल रिसोर्स अथॉरिटी की डायरेक्टर-जनरल सालाह बभैर ने पहले बताया था कि यह गड्ढा बहुत गहरा है और इसके तले में बेहद कम ऑक्सिजन और वेंटिलेशन है।



जाती नहीं थी रोशनी
जाती नहीं थी रोशनी

सालाह का कहना था कि 50 मीटर नीचे तक जाया गया है। यहां कुछ अजीब भी मिला और गंध भी थी। इस गड्ढे में ज्यादा गहराई तक रोशनी नहीं जाती है। वीडियोग्राफर्स के लिए इसके अंदर की तस्वीरें लेना मुश्किल रहा है। आसपास के इलाकों में कहा जाता है कि इसके करीब जाने वाली चीज अंदर खिंची चली जाती है। सालाह का कहना है कि यह गड्ढा लाखों साल पुराना है और इसकी ज्यादा स्टडी, रिसर्च और जांच की जरूरत है। सालाह ने इसे 'रहस्यमय स्थिति' बताया है।





from World News in Hindi, दुनिया न्यूज़, International News Headlines in Hindi, दुनिया समाचार, दुनिया खबरें, विश्व समाचार | Navbharat Times https://ift.tt/2ZeKjgE
via IFTTT

No comments:

Post a Comment

https://ift.tt/36CAGd7

रियाद सऊदी अरब के नेतृत्‍व में गठबंधन सेना ने यमन की राजधानी सना में हूती विद्रोहियों के एक शिविर को हवाई हमला करके तबाह कर दिया है। सऊदी...