सेंटो डोमिंगोवैज्ञानिकों ने एक बेहद दुर्लभ जीवाश्म की खोज की है जो 1 करोड़ 60 लाख साल पहले पेड़ के गोंद में जम गया था। इस जीवाश्म में वैज्ञानिकों को टार्डीग्रेड की एक अज्ञात प्रजाति मिली है। वर्तमान समय में पाए जाने वाले टार्डीग्रेड, जिन्हें वॉटर बियर या मॉस पिगलेट के नाम से भी जाना जाता है, तरल वातावरण में पाए जाते हैं। गहरे समुद्र से लेकर पतली पानी की परत में ये पाए जा सकते हैं। यह छोटा-सा जीव अपनी जीवित रहने की अद्भुत क्षमता की वजह से जाना जाता है। यह चरम तापमान से लेकर दबाव और रेडिएशन को भी बर्दाश्त कर सकता है। किसी जीवित टार्डीग्रेड को मारना असंभव कहा जा सकता है। अपने सूक्ष्म आकार और कठोर शरीर न होने के चलते टार्डीग्रेड के जीवाश्म की खोज बेहद दुर्लभ है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अब तक सिर्फ तीन जीवाश्मों की खोज ही हो पाई है। इनमें से दो जीवाश्म की खोज कनाडा और न्यू जर्सी और एक की खोज पश्चिमी साइबेरिया में की गई थी। बेहद अच्छी तरह संरक्षित जीवाश्मProceedings of the Royal Society B: Biological Sciences नामक पत्रिका में छपी अब एक नई रिसर्च की खोज का दावा करती है। यह प्रजाति डोमिनिकन रिपब्लिक में गोंद के भीतर जमी हुई पाई गई। यह इतनी अच्छी तरह से संरक्षित किया गया है कि वैज्ञानिकों ने Paradoryphoribius chronocaribbeus नाम की नई प्रजाति की खोज बड़ी आसानी से कर ली। यूनिवर्सिटी ऑफ नॉर्थ फ्लोरिडा के प्रफेसर फ्रेंक स्मिथ ने कहा कि जीवाश्म रिकॉर्ड सिर्फ तरह के टार्डीग्रेड का दावा करते हैं। ऐसे में तीसरी प्रजाति की खोज बहुत बड़ी बात है। खोज को बताया 'अच्छी किस्मत'उन्होंने कहा कि जीवाश्म इतनी बेहतर स्थिति में था कि वैज्ञानिकों ने जीवित टार्डीग्रेड पर इस्तेमाल की जाने वाली तकनीक का इस्तेमाल करके इसके बारे में पता लगाया। टार्डीग्रेड का आकार 0.02 इंच से भी छोटा है। रिसर्च के लेखक और हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के छात्र Marc Mapalo ने इसकी खोज को 'अच्छी किस्मत' बताया है। इसी तरह म्यांमार में लगभग 99 मिलियन साल पहले एक वयस्क मादा मकड़ी और उसके अंडे पेड़ से टपकने वाली राल में जम गए थे। मकड़ियों का लैगोनोमेगोपिड (Lagonomegopidae) परिवार अब गायब हो चुका है लेकिन इनका इतिहास काफी लंबा और पुराना है।
from World News in Hindi, दुनिया न्यूज़, International News Headlines in Hindi, दुनिया समाचार, दुनिया खबरें, विश्व समाचार | Navbharat Times https://ift.tt/3la1pot
via IFTTT
No comments:
Post a Comment