पेइचिंग चीन अंतरिक्ष में अपनी पहुंच को मजबूत करना चाहता है। इसी कड़ी में ड्रैगन ने एक विशालकाय रॉकेट की टेस्टिंग की है। हाल ही में चीन ने नए सॉलिड रॉकेट मोटर का सफल परीक्षण किया है। रॉकेट को लेकर जो दावे किए जा रहे हैं उनसे पूरी दुनिया हैरत में है। इस रॉकेट का परीक्षण 19 अक्टूबर को किया गया था जिसकी परिधि 11.48 फीट है। अंतरिक्ष के क्षेत्र में इसे चीन की बड़ी कामयाबी कहा जा सकता है। यह रॉकेट बेहद ताकतवर है और 500 टन वजन की सप्लाई को अंतरिक्ष में ले जाने में सक्षम है। इसे दुनिया का सबसे ताकतवर और बड़ा रॉकेट कहा जा रहा है जिसमें करीब 150 टन फ्यूल भरा जा सकता है। एकेडमी ऑफ एयरोस्पेस सॉलिड प्रोपल्शन टेक्नोलॉजी ने इस रॉकेट को विकित किया है। Space.com की रिपोर्ट के अनुसार AASPT चाइना एयरोस्पेस साइंस एंड टेक्नोलॉजी कॉर्पोरेशन का ही हिस्सा है। बनाए जाएंगे 1000 टन क्षमता वाले रॉकेटAASPT के अध्यक्ष रेन क्वानबिन ने कहा कि परीक्षण पूरी तरह से सफल रहा है। हमने सभी मानकों पर इसकी अच्छी तरह जांच की जिसमें 500 टन की क्षमता भी शामिल थी। ऐसा करने पर रॉकेट ने 115 सेकेंड तक काम किया। रेन ने दावा किया कि आगे वाले समय में ऐसे रॉकेट बनाए जाएंगे जो अंतरिक्ष में 1000 टन का वजन ले जाने में सक्षम होंगे। अंतरिक्ष के क्षेत्र में चीन अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा को पीछे छोड़ना चाहता है। दूसरी हाइपरसोनिक मिसाइल का परीक्षणबीते दिनों चीन ने दूसरी बार अंतरिक्ष से तबाही मचाने वाली हाइपरसोनिक मिसाइल का परीक्षण किया। खुफिया सूत्रों के मुताबिक चीन की यह महाविनाशक मिसाइल परमाणु बम गिराने में सक्षम है। यही नहीं यह मिसाइल धरती पर मौजूद किसी एयर डिफेंस सिस्टम को गच्चा देने में सक्षम है। इस तरह चीनी मिसाइल को किसी भी तरीके से रोका नहीं जा सकता है। अभी यह क्षमता अमेरिका जैसी सुपर पावर के पास भी नहीं है।
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