Friday, 8 October 2021

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ताइपे चीन और ताइवान के बीच जारी तनाव लगातार बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है। चीनी लड़ाकू विमानों की बढ़ती घुसपैठ को लेकर ताइवान ने चेतावनी दी है कि अगर हमपर हमला हुआ तो तबाही मचेगी। इस बीच ताइवान में अमेरिकी सेना की मौजूदगी को लेकर चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने जहर उगला है। चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के सबसे बड़े प्रचार केंद्रों में से एक ग्लोबल टाइम्स के प्रधान संपादक हू शिजिन ने ताइवान में अमेरिकी सैनिकों को मारने के लिए हवाई हमले का आह्वान किया। उन्होंने अमेरिकी सैनिकों को आक्रमणकारी तक करार दिया। ताइवानी सेना को ट्रेनिंग दे रहे अमेरिकी सैनिक गुरुवार को वॉल स्ट्रीट जर्नल ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया था कि दो दर्जन से अधिक अमेरिकी स्पेशल ऑपरेशन सोल्जर्स और सपोर्ट ट्रूप्स ताइवान में तैनात हैं। वे ताइवानी सेना के जवानों को सैन्य प्रशिक्षण भी दे रहे हैं। इसके अलावा, यूएस मरीन कमांडो ताइवान के नौसैनिक बलों के साथ स्माल बोट ट्रेनिंग भी कर रहे हैं। अधिकारियों ने कहा कि अमेरिकी सेना ताइवान में एक साल से अधिक समय से है। ग्लोबल टाइम्स के संपादक ने उगला जहर उसी दिन चीन के सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स के प्रधान संपादक हू शिजिन ने वॉल स्ट्रीट जर्नल की स्टोरी को रिट्वीट किया। उन्होंने सवाल किया कि अमेरिकी सैनिकों की संख्या इतनी कम क्यों थी और पहले इसे सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया था। हू शिजिन ने सुझाव दिया कि अमेरिका आधिकारिक वर्दी में 240 सैनिकों को भेजे और ताइवान में उनकी उपस्थिति और स्थान की घोषणा करे। बोले- अमेरिकी आक्रमकारियों पर हवाई हमला करे चीन ग्लोबल टाइम्स के संपादक यहीं नहीं रूके। उन्होंने आगे लिखा कि फिर देखें कि क्या चीन की वायु सेना उन अमेरिकी आक्रमणकारियों को खत्म करने के लिए टॉरगेटेड हवाई हमला करेगी। इतना ही नहीं, दो दिन पहले भी हू शिजिन ने ताइवानी रक्षा मंत्री के 2025 तक चीन के हमला करने वाले बयान पर टिप्पणी की थी। उन्होंने वॉल स्ट्रीट जर्नल के ट्वीट को रिट्वीट करते हुए लिखा था कि PLA के पास अब एक झटके में ताइवान को आजाद कराने की क्षमता पहले से ही है, 2025 तक इंतजार क्यों करना? अमेरिका को रेड लाइन क्रॉस न करने की सलाह हू ने अपने संपादकीय में लिखा है कि चीन का अलगाव विरोधी कानून अमेरिकी सैनिकों की उपस्थिति को नष्ट और निष्कासित करने के लिए ही बना हुआ है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ताइवान में अमेरिकी सैनिकों की उपस्थिति एक रेड लाइन है, जिसे पार नहीं किया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि यह चीन के लिए शक्ति से ताइवान को अपने में मिलाने का अवसर भी बनेगा। इसलिए दुश्मन हैं चीन और ताइवान 1949 में माओत्से तुंग के नेतृत्व में कम्युनिस्ट पार्टी ने चियांग काई शेक के नेतृत्व वाले कॉमिंगतांग सरकार का तख्तापलट कर दिया था। जिसके बाद चियांग काई शेक ने ताइवान द्वीप में जाकर अपनी सरकार का गठन किया। उस समय कम्यूनिस्ट पार्टी के पास मजबूत नौसेना नहीं थी। इसलिए उन्होंने समुद्र पार कर इस द्वीप पर अधिकार नहीं किया। तब से ताइवान खुद को रिपब्लिक ऑफ चाइना मानता है।


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