अबू धाबीसंयुक्त अरब अमीरात अब अंतरिक्ष में भी अपना दखल बढ़ाने जा रहा है। इसके लिए देश के वैज्ञानिकों खोज और तैयारियों में लगे हुए हैं। यूएई स्पेस एजेंसी की प्रमुख ने बताया कि ऐस्टरॉइड बेल्ट के लिए हाल ही में घोषित अमीरात अंतरिक्ष मिशन पर चार महीने पहले ही काम शुरू किया जा चुका है। होप प्रोब की सफल मंगल यात्रा के बाद अब महत्वाकांक्षी इंटरप्लेनेटरी मिशन मंगल और बृहस्पति के बीच ऐस्टरॉइड बेल्ट का पता लगाएगा। दोनों ग्रहों के बीच मौजूद यह बेल्ट पृथ्वी को प्रभावित करने वाले अधिकांश उल्कापिंडों का स्रोत है। खलीज टाइम्स से बात करते हुए सारा अल अमीरी ने कहा कि फिलहाल प्रोजेक्ट 'मिशन कॉन्सेप्ट' चरण में है। सारा उन्नत प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री भी हैं। यह किसी भी स्पेस मिशन के विकास का पहला चरण होता है। उन्होंने कहा कि मिशन कॉन्सेप्ट चरण के अंत में हम वैज्ञानिक उद्देश्यों और टेक्नोलॉजी के बारे में जान पाएंगे। स्पेसक्राफ्ट करेगा पांच साल की यात्राउन्होंने कहा कि इसके विकास में सात सालों का समय लगेगा और 2028 की शुरुआत में इसे लॉन्च किया जाएगा। उन्होंने कहा कि फिलहाल मिशन का कोई नाम नहीं तय किया गया है। 2028 में लॉन्च होने के बाद अमीरात का स्पेसक्राफ्ट 3.6 बिलियन किलोमीटर की यात्रा पांच साल में करेगा। जांच अपने मिशन के दौरान सात अलग-अलग क्षुद्रग्रहों का अध्ययन करेगी, जो 2033 में एक अंतरिक्ष चट्टान पर उतरने के साथ समाप्त होगी। पिछले मिशन की तुलना में ज्यादा जटिलयूएई के सभी अंतरिक्ष मिशन अब तक पिछले वाले की तुलना में कई गुना अधिक जटिल रहे हैं। अल अमीरी ने कहा कि अमीरात मंगल मिशन पृथ्वी की जांच करने वाले उपग्रहों की तुलना में पांच गुना अधिक जटिल था। नया मिशन रेड प्लैनेट मिशन की तुलना में पांच गुना ज्यादा जटिल है। संयुक्त अरब अमीरात के अधिकारियों ने कहा कि क्षुद्रग्रह मिशन के विज्ञान लक्ष्यों और इसके द्वारा ले जाने वाले उपकरणों की घोषणा अगले साल की जाएगी। रिपोर्ट में कहा गया है कि क्षुद्रग्रह मिशन में 2022 में राशिद नामक चंद्रमा रोवर की चंद्र सतह पर सुपुर्दगी भी शामिल है।
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