Sunday, 24 October 2021

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सियोल अमेरिका ने उत्तर कोरिया के हालिया बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षणों को उकसाने की कार्रवाई बताया है। दक्षिण कोरिया दौरे पर पहुंचे उत्तर कोरिया के लिए नियुक्त अमेरिकी दूत ने से तनाव कम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि उत्तर कोरिया के मिसाइल परीक्षण चिंताजनक और प्रतिकूल प्रभाव डालने वाले हैं। ऐसे में किम जोंग उन को उकसाने के बजाए बातचीत में शामिल होना चाहिए। दक्षिण कोरिया पहुंचे अमेरिकी दूत ने दी चेतावनी सियोल में अपने दक्षिण कोरियाई अधिकारियों के साथ बैठक के बाद विशेष प्रतिनिधि सुंग किम ने कहा कि अमेरिका उत्तर कोरिया के साथ निरंतर और ठोस कूटनीति के लिए प्रतिबद्ध है। सुंग किम ने यह भी कहा कि हमारा लक्ष्य कोरियाई प्रायद्वीप का पूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण है। इसीलिए प्योंगयांग का हालिया बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण आग में घी डालने जैसा है। इससे कोरियाई प्रायद्वीप की शांति भंग होगी और रिश्तों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। अमेरिका के प्रस्ताव को उत्तर कोरिया ने खारिज किया हालांकि, अमेरिका के इस प्रस्ताव को उत्तर कोरिया ने सिरे से खारिज कर दिया है। उत्तर कोरिया ने कहा कि अमेरिका और दक्षिण कोरिया कूटनीति की आड़ में सैन्य गतिविधियों को बढ़ा रहे हैं। किम जोंग उन के प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिका एक पनडुब्बी से बैलिस्टिक मिसाइल टेस्ट को लेकर छाती पीट रहा है, जबकि यह हमारी आत्मरक्षा की तैयारी है। उन्होंने अमेरिका की बातचीत के प्रयासों की ईमानदारी पर ही सवाल खड़े कर दिए। उत्तर कोरिया कर रहा यूएनएसी के प्रस्तावों का उल्लंघन अमेरिकी विशेष दूत ने कहा कि उत्तर कोरिया ने मिसाइल टेस्ट करने के साथ संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के कई प्रस्तावों का उल्लंघन किया है। उत्तर कोरिया ने अपने पड़ोसियों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए खतरा पैदा कर दिया है। उन्होंने उत्तर कोरिया के आधिकारिक नाम का इस्तेमाल करते हुए कहा कि हम डीपीआरके से इन उकसावे और अन्य अस्थिर गतिविधियों को रोकने और इसके बजाय बातचीत में शामिल होने का आह्वान करते हैं। अमेरिका बोला- हमारा शत्रुता का कोई इरादा नहीं उन्होंने कहा कि हम बिना किसी पूर्व शर्त के डीपीआरके के साथ मिलने के लिए तैयार हैं। हमने स्पष्ट कर दिया है कि संयुक्त राज्य अमेरिका का डीपीआरके के प्रति कोई शत्रुतापूर्ण इरादा नहीं है। वहीं, दक्षिण कोरियाई परमाणु दूत नोह क्यू-डुक ने कहा कि अमेरिका दूत के साथ रविवार की बातचीत में सियोल के प्रस्ताव पर चर्चा की गई। डीपीआरके है उत्तर कोरिया का आधिकारिक नाम उत्तर कोरिया का आधिकारिक नाम डेमोक्रेटिक पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ कोरिया (डीपीआरके) है। 2 करोड़ 58 लाख की आबादी वाले इस देश की स्थापना 6 सितंबर 1948 में की गई थी। उत्तर कोरिया का अपने पड़ोसी देश दक्षिण कोरिया के साथ सीमा विवाद है। दोनों देशों के बीच कई बार सैन्य झड़प भी हो चुकी है। दक्षिण कोरिया का अमेरिका के साथ करीबी संबंध है। जिसके कारण इस देश में हमेशा अमेरिकी सैनिक तैनात रहते हैं।


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