Tuesday, 23 November 2021

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पेइचिंग चीन की जन्म दर 1978 के बाद से अपने सबसे निचले स्तर पर आ गई है। यह ऐसे समय पर हुआ है, जब सरकार जनसांख्यिकीय संकट को दूर करने के लिए संघर्ष कर रही है। 'द गार्जियन' ने अपनी एक हालिया रिपोर्ट में यह दावा किया है। चीन के सरकारी विभाग नेशनल ब्यूरो ऑफ स्टैटिस्टिक्स के आंकड़ों का हवाला देते हुए रिपोर्ट में कहा गया है कि 2020 में जन्म दर प्रति हजार लोगों पर 8.5 दर्ज की गई है, जो 1978 के बाद से सबसे कम है। चीन के लिए सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि तमाम सरकारी स्कीम के बाद भी 2020 में देश में प्राकृतिक ग्रोथ रेट घटकर 1.45 प्रति हजार तक पहुंच चुकी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि बच्चे के जन्म पर दशकों की हस्तक्षेपवादी नीतियों और उच्च जीवन लागत सहित हालिया दबावों के बाद संभावित जनसंख्या में गिरावट को रोकने के लिए सरकार दबाव में है। जन्म दर बढ़ाने की कोशिश कर रही चीनी सरकारसबसे आश्चर्यजनक बात ये है कि चीन में बच्चों की जन्म दर उस वक्त बुरी तरह से गिरी है, जब चीन की सरकार बच्चों की जन्म दर को बढ़ाने की कोशिश कर रही है। रिपोर्ट में हालांकि नाटकीय गिरावट का कारण नहीं बताया गया है, लेकिन जनसांख्यिकीविदों ने प्रसव उम्र की महिलाओं की गिरती संख्या और परिवार के पालन-पोषण की बढ़ती लागत की ओर इशारा किया है। बच्चों को जन्म देने के लिए तैयार नहीं लोगआंकड़ों से पता चला है कि चीन में जन्म दर पिछले कई सालों से लगातार गिरती जा रही है। ‘एक बच्चे की नीति’ में ढील देने के बाद भी चीन के लोग अब बच्चों को जन्म देने के लिए तैयार नहीं हो रहे हैं। चीन विश्व का सबसे अधिक आबादी वाला देश है और हाल के वर्षों में दशकों पुरानी एक बच्चे की नीति को खत्म करने के बावजूद चीन में युवा आबादी तेजी से कम हो रही है और जन्म दर घट रही है, जिसने सरकार की चिंता बढ़ा दी है।


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