इस्लामाबाद पाकिस्तान की आर्थिक राजधानी कराची के चिड़ियाघर में जानवर भूख से तड़प रहे हैं और इमरान खान की कंगाल सरकार उन्हें खाना तक नहीं खिला पा रही है। एक शेर की बदहाली के वीडियो ने सोशल मीडिया पर लोगों की आंखों में आंसू ला दिया है। इससे पाकिस्तानी सोशल मीडिया यूजर्स बहुत गुस्से में हैं। वे अपनी सरकार से कह रहे हैं कि अगर पिंजरों में जानवरों को खाना देने के लिए पैसे नहीं हैं तो सभी चिड़ियाघरों को बंद कर दो। वीडियो क्लिप में कराची के एक चिड़ियाघर में एक शेर बेहद कमजोर नजर आया। लगता है, जैसे पिछले कुछ दिनों से शेर को खाना नहीं दिया गया हो। सीडीआरएस बेंजी प्रोजेक्ट फॉर एनिमल वेलफेयर, पाकिस्तान की कंट्री डायरेक्टर क्वाट्रिना हुसैन ने ट्विटर पर वीडियो साझा करते हुए लिखा, ‘अगर हम जानवरों के साथ ऐसा व्यवहार करते हैं, तो हमें चिड़ियाघरों को चलाने का कोई अधिकार नहीं है। कराची चिड़ियाघर खाद्य आपूर्तिकर्ताओं को भुगतान नहीं कर पाता। जानवर पहले से ही दयनीय स्थिति में हैं।’ हुसैन ने आगे लिखा, ‘मेरा दिल टूट रहा है। चलो सभी चिड़ियाघरों को बंद कर दें।’ वन्यजीव विशेषज्ञ इरम अजीम फारूक ने अपनी पोस्ट में कहा, 'कराची चिड़ियाघर को तुरंत बंद कर देना चाहिए। प्रशासन को कोई शर्म नहीं है। क्या हम पिंजरे में बंद जानवरों के साथ ऐसा व्यवहार करते हैं? कराची चिड़ियाघर खाद्य आपूर्तिकर्ताओं को भुगतान करने में विफल रहता है। यह देखकर मेरा दिल टूट गया है। कृपया अपनी आवाज उठाएं।’ पाकिस्तानी चैनल एआरवाई न्यूज के अनुसार, भोजन की आपूर्ति के लिए जिम्मेदार ठेकेदार ने कराची चिड़ियाघर के गेट पर एक नोटिस चस्पा किया है कि वह भोजन की आपूर्ति नहीं कर पाएगा, क्योंकि कराची नगर निगम (केएमसी) ने मंजूरी नहीं दी है। पिछले 11 महीनों से उसके पास बिलों का भुगतान करने, जानवरों को खिलाने के लिए पैसे नहीं हैं। चिड़ियाघर के प्रशासन ने भी स्थिति की पुष्टि करते हुए कहा कि वे जानवरों को अनाज दे रहे हैं, मगर अब गोदाम में कुछ दिनों के लिए ही राशन बचा है। रिपोर्ट के मुताबिक, चिड़ियाघर के ‘गौरव’ शेर समेत कई जानवर उचित भोजन के अभाव में दुबले हो गए हैं। स्वास्थ्य सहित उचित सुविधाओं की कमी के कारण कराची चिड़ियाघर में जानवरों मौत सबसे ज्यादा हो रही है। ऐसे ही एक मामले में इस साल 2017 में अवैध रूप से कराची लाए गए दो शेरों में से दूसरे की रहस्यमय तरीके से मौत हो गई। चिड़ियाघर में चार हाथी ऐसे भी हैं, जो पिछले कुछ महीनों से सही खान-पान के अभाव में काफी बीमार हैं। वन्यजीव विशेषज्ञों द्वारा याचिका दायर किए जाने के बाद सिंध उच्च न्यायालय ने कराची मेट्रोपॉलिटन कॉर्पोरेशन (केएमसी) को हाथियों के स्वास्थ्य की जांच के लिए तुरंत जर्मन पशु चिकित्सा विशेषज्ञों से संपर्क करने का आदेश दिया। एक अंतर्राष्ट्रीय पशु कल्याण संगठन, फोर पॉज के डॉ. आमिर खलील ने कहा, ‘जब हम 2016 में आए थे तो हालात वास्तव में खराब थे। हम यह देखकर बीमार महसूस करते हैं कि अब हालात और भी बदतर हैं। इसके बाद हमने जिम्मेदार अधिकारियों, इस्लामाबाद के मेयर और वन्यजीव विभाग को विशेष रूप से शेर और हाथियों के संबंध में एक अनिवार्य रिपोर्ट सौंपी थी। हमारी सिफारिशों को लागू नहीं किया गया।’
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