Tuesday, 23 November 2021

https://ift.tt/36CAGd7

वॉशिंगटन अमेरिका के सबसे बूढ़े राष्‍ट्रपति जो बाइडन की चमक अब फीकी पड़ती जा रही है। ताजा अप्रूवल रेटिंग में बाइडन की लोकप्रियता में गिरावट आई है लेकिन वह एक बार फिर से साल 2024 के चुनाव में ताल ठोकने का दावा कर रहे हैं। बाइडन की उम्र अभी 79 साल है और वह अभी अमेरिका के सबसे उम्रदराज राष्‍ट्रपति हैं। अमेरिकी राष्‍ट्रपति कार्यालय वाइट हाउस ने बाइडन के दोबारा दावेदारी करने की पुष्टि की है। बाइडन ने यह दावेदारी ऐसे समय पर की है जब कमला हैरिस के दावेदारी की डेमोक्रेटिक पार्टी में चर्चा तेज है। वाइट हाउस की प्रेस सेक्रटरी जेन पास्‍की ने कहा कि वह 2024 के विधानसभा चुनाव में दावा पेश करेंगे। यह उनका इरादा है। वाइट हाउस का यह बयान उन खबरों के बाद आया है जिसमें बाइडन ने अपने सहयोगियों को आश्‍वासन दिया था कि वह साल 2024 में भी अपनी दावेदारी पेश करेंगे। उन्‍होंने इस बयान के जरिए उन अफवाहों को विराम देने की कोशिश की है जिसमें कहा जा रहा था कि बाइडन साल 2024 के बाद चुनाव नहीं लड़ेंगे। उनकी जगह पर कमला हैरिस को मैदान में उतारा जाएगा। केवल 40 फीसदी मतदाताओं ने बाइडन को अपनी स्‍वीकृति दी हाल‍ ही में वॉशिंगटन पोस्‍ट/एबीसी सर्वे में पाया गया था कि केवल 40 फीसदी मतदाताओं ने बाइडन को अपनी स्‍वीकृति दी। इस तरह से चुनाव जीतने के बाद बाइडन की अप्रूवल रेटिंग लगातार गिर रही है। वह भी तब जब देश में महंगाई और सप्‍लाइ चेन का मुद्दा बना हुआ है। बाइडन जब साल 2024 में चुनाव में उतरेंगे तो उनकी उम्र बढ़कर 82 साल हो जाएगी और वह जमकर चुनाव प्रचार नहीं कर पाएंगे। विश्‍लेषकों का मानना है कि बाइडन का यह ऐलान कमला हैरिस और अन्‍य उम्‍मीदवारों के दावों पर पानी डालने का प्रयास है। बाइडन के नजदीकी मित्र पूर्व सीनेटर क्रिस्‍टोफर डोड ने कहा, 'जो चीज मैंने सुनी है, वह दोबारा चुनाव लड़ने की योजना बना रहे हैं। मुझे खुशी है कि वह चुनाव लड़ रहे हैं।' दरअसल, साल 2022 में पूरी प्रतिनिधि सभा और सीनेट के एक तिहाई सदस्‍यों के मध्‍यावधि चुनाव होने वाले हैं। अभी इन दोनों पर ही डेमोक्रेटिक पार्टी का कब्‍जा है। दोनों पक्षों के बीच उत्‍तराधिकार को लेकर अटकलों का बाजार गरम राजनीतिक गलियारे में माना जाता है कि कमला हैरिस को पार्टी का नामांकन हासिल नहीं कर पाएंगी। इसकी वजह यह है कि कमला हैरिस साल 2020 की दौड़ में एक भी डेलिगेट्स को जीत नहीं पाई थीं। इसके बाद भी बाइडन ने उन्‍हें अपना उपराष्‍ट्रपति उम्‍मीदवार चुना था। यही नहीं जीत के बाद दोनों ही पक्षों के बीच तनाव की खबरें आम हैं। हाल के दिनों में उनके कई हाई प्रोफाइल कर्मचारी छोड़कर चले गए हैं। बाइडन और कमला हैरिस ने कुछ दिन पहले एक साथ आकर और कुछ घटें के लिए राष्‍ट्रपति बनाने के बाद भी दोनों पक्षों के बीच उत्‍तराधिकार को लेकर अटकलों का बाजार गरम है। कहा यह भी गया कि बाइडन कमला हैरिस को उपराष्‍ट्रपति के पद से हटा भी सकते हैं। वॉशिंगटन पोस्‍ट ने कहा, 'अगर बाइडन चुनाव नहीं लड़ते हैं तो कोई भी स्‍पष्‍ट दावेदार प्राइमरी इलेक्‍शन में सामने नहीं आ सकता है। कमला हैरिस को बाइडन का दावेदार माना जाता रहा है लेकिन कई डेमोक्रेट उन्‍हें पसंद नहीं करते हैं। ऐसे में पार्टी में बाइडन के चुनाव नहीं लड़ने पर कमला के अलावा अन्‍य उम्‍मीदवारों के नामों पर चर्चा शुरू हो गई है।


from World News in Hindi, दुनिया न्यूज़, International News Headlines in Hindi, दुनिया समाचार, दुनिया खबरें, विश्व समाचार | Navbharat Times https://ift.tt/3r0ql54
via IFTTT

No comments:

Post a Comment

https://ift.tt/36CAGd7

रियाद सऊदी अरब के नेतृत्‍व में गठबंधन सेना ने यमन की राजधानी सना में हूती विद्रोहियों के एक शिविर को हवाई हमला करके तबाह कर दिया है। सऊदी...